Atharva Veda· Atharvaveda Saṁhitā
16
अध्याय 16 / 20

Kanda 16

काण्ड 16

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पूर्ण अध्याय पाठ175 श्लोक

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अध्याय १६

श्लोक 1.1

दुःखमोचनम्।१-१३ अथर्वा।प्रजापतिः (नव पर्यायाः)।१, ३ द्विपदा साम्नी बृहती, २, १० याजुषी त्रिष्टुप्, ४ आसुरी गायत्री, ५, ८ साम्नी पङ्क्तिः (५ द्विपदा), ६ साम्नी अनुष्टुप्, ७ निचृद् विराड् गायत्री, ९ आसुरी पङ्क्तिः, ११ साम्नी उष्णिक्, १२-१३ आर्ची अनुष्टुप्।अति॑सृष्टो अ॒पां वृ॑ष॒भोऽति॑सृष्टा अ॒ग्नयो॑ दि॒व्याः

duḥkhamocanam| 1-13 atharvā| prajāpatiḥ (nava paryāyāḥ)| 1, 3 dvipadā sāmnī bṛhatī, 2, 10 yājuṣī triṣṭup, 4 āsurī gāyatrī, 5, 8 sāmnī paṅktiḥ (5 dvipadā), 6 sāmnī anuṣṭup, 7 nicṛd virāḍ gāyatrī, 9 āsurī paṅktiḥ, 11 sāmnī uṣṇik, 12-13 ārcī anuṣṭup| atisṛṣṭo apāṃ vṛṣabho'tisṛṣṭā agnayo divyāḥ

हिन्दी अर्थ

भाम्, वृषमः== इन पदों द्वारा वौयं-वषुक कामी व्यक्ति सुचित किया है । वीरय, विलीन रहता है रक्त रूपो-प्रापः मेँ । इस इष्टि से वृषम णाम यह होता है कि कूसङ्खी का संगी मी कामी बन जाता है। मन्त्र मै-

English

On the preparation and use of holy water, with, a prayer for purification and freedom from sin

अध्याय १६

श्लोक 1.2

रु॒जन् प॑रिरु॒जन् मृ॒णन् प्र॑मृ॒णन्

rujan parirujan mṛṇan pramṛṇan

हिन्दी अर्थ

दूषित करती, (तनूदूषिः) तथा शरीर को दूषित करती है । (तमु) उस मादक-प्रग्नि को (इदम्) भ्रमी ही (भति सुजामि) मै

English

With this we let him loose who hates us and whom we hate.

अध्याय १६

श्लोक 1.3

म्रो॒को म॑नो॒हा ख॒नो नि॑र्दा॒ह आ॑त्म॒दूषि॑स्तनू॒दूषिः॑

mroko manohā khano nirdāha ātmadūṣistanūdūṣiḥ

हिन्दी अर्थ

(वयम्) हमं (द्विष्मः) दवष करते है । करने वालों के लिये बहुवचन कै प्रयोग ह ! जो काम, व्यवहार, या भराचार बहूर्तो कौ दूषित करता है, उसे दषो जान कर, उस का परित्यागं करना

English

Thou art in front of the waters. I let loose your sea.

अध्याय १६

श्लोक 1.4

इ॒दं तमति॑ सृजामि॒ तं माभ्यव॑निक्षि

idaṃ tamati sṛjāmi taṃ mābhyavanikṣi

हिन्दी अर्थ

किया है । एसे प्राचार एेसी .भावन। कै साथ परित्वाग करना चाहिए. के किये सममना चाहिए, -चातक द्वेष के लिये नहीं । राजनैतिक चष्ट भँ

English

I let loose the Agni who is within the waters, Mroka the up- rooter, the destroyer of the body.

अध्याय १६

श्लोक 1.5

तेन॒ तम॒भ्यति॑सृजामो॒ यो॒३ऽस्मान् द्वेष्टि॒ यं व॒यं द्वि॒ष्मः

tena tamabhyatisṛjāmo yo3'smān dveṣṭi yaṃ vayaṃ dviṣmaḥ

हिन्दी अर्थ

किया है कि वह भकतेव्य-कर्मं करकैः करते जब उस् द्वारा पीडित हो नाता दहै तजी ९५१ अथरवनेद-भाष्य का० १६। भ्ननु०.२। सुर भ

English

Your Agni who entered into the waters, even he here is that very dread of yours.

अध्याय १६

श्लोक 1.6

अ॒पामग्र॑मसि समु॒द्रं वो॒ऽभ्यव॑सृजामि

apāmagramasi samudraṃ vo'bhyavasṛjāmi

हिन्दी अर्थ

हम जानते है, (अरभूत्याः) श्रगरुति का (पुत्रः) परिणाम (भसि) तू है करने की भावना । इसे योग परिभाषा मे श्रपरिग्रह कहते ह । भ्रपरिग्रह योगाङ्ख है (योगदर्शन २।२९), चरू कि यह “यम” है यथा “जहिसासत्यास्तेय

English

May he anoint you with Indra’s own mighty power!

अध्याय १६

श्लोक 1.7

यो॒३प्स्व॑१ग्निरति॒ तं सृ॑जामि म्रो॒कं ख॒निं त॑नू॒दूषि॑म्

yo3psva1gnirati taṃ sṛjāmi mrokaṃ khaniṃ tanūdūṣim

हिन्दी अर्थ

का क्षय होता है (योग २।२८), भशुद्धिकेक्षोण होने पर शुभं संस्कारो हम जानते ह, (निमभूत्याः) निभूतिका (पुत्रः) परिणाम (भ्रसि)तुहै, शेषः, मन्त्र १-२३ की तरह ।

English

May stainless waters cleanse us from defilement.

अध्याय १६

श्लोक 1.8

यो व॑ आपो॒ऽग्निरा॑वि॒वेश॒ स ए॒ष यद् वो॑ घो॒रं तदे॒तत्

yo va āpo'gnirāviveśa sa eṣa yad vo ghoraṃ tadetat

हिन्दी अर्थ

संग्रहीत सम्पत्ति का.परित्यग का° १६ । अनु०२। मु भरथवेवेद-भाष्य २६१

English

May they carry sin away from us, may they carry away from us the evil dream.

अध्याय १६

श्लोक 1.9

इन्द्र॑स्य व इन्द्रि॒येणा॒भि षि॑ञ्चेत्

indrasya va indriyeṇābhi ṣiñcet

हिन्दी अर्थ

इहमःजानते है, (पराभूत्याः) पराभव का (पुत्रः) परिणाम (भसि) तुह शेष, मन्त्र १-३ को तरह पराभरति=परामव, विषयों का परामव, विषयों पर विजय,

English

Look on me with a friendly eye, O, Waters, and touch my skin with your auspicious body.

अध्याय १६

श्लोक 1.10

अ॒रि॒प्रा आपो॑ अप॑ रि॒प्रम॒स्मत्

ariprā āpo apa ripramasmat

हिन्दी अर्थ

नि भरव मादक भरग्नियों कामी परित्याग कर दिया है, स्तियोका पुरुषो के साथ, तथा पुरषो का स्त्रियों के साथ नतंन, कीर्तन, केलि, भ्नुरागमय

English

The Bull of the Waters hath been let go; the heavenly fires have been let go.

अध्याय १६

श्लोक 1.11

प्रास्मदेनो॑ वहन्तु॒ प्र दु॒ष्वप्न्यं॑ वहन्तु

prāsmadeno vahantu pra duṣvapnyaṃ vahantu

हिन्दी अर्थ

मस्ती पदा करं देती ह+ भरयवा मन्त म “्रमनयो दिव्याः भगनयो- तोढ़्-फोड़ करने वाली है, (मृणन्) हिसा करने वाली है, (प्र मृणन्)

English

Breaking, breaking down, crushing, crushing to pieces,

अध्याय १६

श्लोक 1.12

शि॒वेन॑ मा॒ चक्षु॑षा पश्यतापः शि॒वया॑ त॒न्वोप॑ स्पृशत॒ त्वचं॑ मे

śivena mā cakṣuṣā paśyatāpaḥ śivayā tanvopa spṛśata tvacaṃ me

हिन्दी अर्थ

२६२. श्नोको मनोहा खनो. निंदांह .आंस्मदूषिस्तनू दूषिः ॥३॥ मादक-प्रगनि (भ्नोकः) चन्वलता पदा करती; (मनोहा) मननशवित -या मन का हनन करती, (खनः) शारीरिक शक्तियों का भ्रवदारण करती,

English

Mroka, mind-destroying, rooting up, consuming, ruiner of the soul, ruiner of the body.

अध्याय १६

श्लोक 1.13

शि॒वान॒ग्नीन॑प्सु॒षदो॑ हवामहे॒ मयि॑ क्ष॒त्रं वर्च॒ आ ध॑त्त देवीः

śivānagnīnapsuṣado havāmahe mayi kṣatraṃ varca ā dhatta devīḥ

हिन्दी अर्थ

के कारों भादि का कंन हभ है । 1 क का० १६५ अनु १। सू० १ भरथवंवेद-माष्य २४५

English

Here I let him go: thou washest me clean of him.

अध्याय १६

श्लोक 2.1

निर्दु॑रर्म॒ण्य ऊ॒र्जा मधु॑मती॒ वाक्

nirdurarmaṇya ūrjā madhumatī vāk

हिन्दी अर्थ

हम जानने है, (देव जामोनाम्) देवजामि्यो का (पत्रः) परिणाम (असि) उन की पत्नियां या जामिया, जो उन के साथ पतित्रताख्पमें सदा

English

We call the gracious Fires that dwell in waters. Goddesses, grant me princely power and

अध्याय १६

श्लोक 2.2

मधु॑मती स्थ॒ मधु॑मतीं॒ वाच॑मुदेयम्

madhumatī stha madhumatīṃ vācamudeyam

हिन्दी अर्थ

अमृतगर्भः" मी कहा है । यथा “यो न जोवोऽसि न मृतो देवानाममृतगर्भोति मेँ नहीं होता, इसलिये वह जी वित नहीं, परन्तु वहु मृत भी नही, क्योंकि

English

splendour.

अध्याय १६

श्लोक 2.3

उप॑हूतो मे गो॒पाः उप॑हूतो गोपी॒थः

upahūto me gopāḥ upahūto gopīthaḥ

हिन्दी अर्थ

(मृत्युः भ्रषि) उस के लिए मृत्यरूप तु है । 1. भ्रथर्ववेद-माष्य. का० १६। भनु° १। भू०१

English

A charm to secure various blessings

अध्याय १६

श्लोक 2.4

सु॒श्रुतौ॒ कर्णौ॑ भद्र॒श्रुतौ॒ कर्णौ॑ भ॒द्रं श्लोकं॑ श्रूयासम्

suśrutau karṇau bhadraśrutau karṇau bhadraṃ ślokaṃ śrūyāsam

हिन्दी अर्थ

भी उस एक व्थक्ति कोद्रेषो जानना चाहिए -जोकि समाजया राष्टरके साथद्वष करता है। एसे व्यक्तिका परित्याग या देशःनिकालाकरदेना कामाग्नि=काम श्युमभी होतादहै, मौर भ्रशूमभी। शुम काम गहस्थोपयोगी है । परमेदवर भी विना कामना के जगदुत्पत्ति नहीं कर सकता । इसी लिये उपनिषदो मेँ प रमेश्वर के सम्बन्ध मे ““सोऽकाम-

English

Away from distasteful food, strength and sweet speech,

अध्याय १६

श्लोक 2.5

सुश्रु॑तिश्च॒ मोप॑श्रुतिश्च॒ मा हा॑सिष्टां॒ सौप॑र्णं॒ चक्षु॒रज॑स्रं॒ ज्योतिः॑

suśrutiśca mopaśrutiśca mā hāsiṣṭāṃ sauparṇaṃ cakṣurajasraṃ jyotiḥ

हिन्दी अर्थ

मै (श्रव सुजामि) प्ररिति करता हूं) समुद्र पद हृदया है । अभिप्राय यह किं रस-रक्त, जिनमें कि वीर्य

English

Are pleasant. May I obtain a pleasant voice.

अध्याय १६

श्लोक 2.6

ऋषी॑णां प्रस्त॒रोऽसि॒ नमो॑ऽस्तु दैवा॑य प्रस्त॒राय॑

ṛṣīṇāṃ prastaro'si namo'stu daivāya prastarāya

हिन्दी अर्थ

विलोन. रहता है, उन की स्वाभाविक गति हृदय की भ्रोर है, उसे हृदय कीभ्रोर दही जाने देने का संकल्प “उर््वरेतस्-पुरुष'' करता है

English

I have invoked the Protector; I have invoked his protection.

अध्याय १६

श्लोक 3.1

मू॒र्धाहं र॑यी॒णां मू॒र्धा स॑मा॒नानां॑ भूयासम्

mūrdhāhaṃ rayīṇāṃ mūrdhā samānānāṃ bhūyāsam

हिन्दी अर्थ

ततूदषिम्) मन -को चञ्चल करने वालो, शक्रितियों को विदं करने वालो, तथा शरीर को दूषित करने कालो है)

English

Quick of hearing are mine ears; mine ears hear what is good Fain would I hear a pleasant sound.

अध्याय १६

श्लोक 3.2

रु॒जश्च॑ मा वे॒नश्च॒ मा हा॑सिष्टां मू॒र्धा च॑ मा॒ विध॑र्मा च॒ मा हा॑सिष्टाम्

rujaśca mā venaśca mā hāsiṣṭāṃ mūrdhā ca mā vidharmā ca mā hāsiṣṭām

हिन्दी अर्थ

(भ्रा विवेश) प्रविष्ट हुई है (सः) वह (एषः) यह धलुम भगिनि दहै, (वः) काऽ १६। भनु° 6 ॥ सूर , भ्रथवेवेद-माष्य , २४७

English

Let not good hearing and overhearing fail the Eagle’s eye, the undecaying light.

अध्याय १६

श्लोक 3.3

उ॒र्वश्च॑ मा चम॒सश्च॒ मा हा॑सिष्टां ध॒र्ता च॑ मा ध॒रुण॑श्च॒ मा हा॑सिष्टाम्

urvaśca mā camasaśca mā hāsiṣṭāṃ dhartā ca mā dharuṇaśca mā hāsiṣṭām

हिन्दी अर्थ

(रिभ्रम्) पापको (श्रप) श्रपगत करे, दूर करे । पापरहित शारीरिक प्रव (भ्रमत्) हम से (एनः) पाप को (अ वहन्तु)

English

Thou art the couch of the Rishis. Let worship be paid to the divine couch.

अध्याय १६

श्लोक 3.4

वि॒मो॒कश्च॑ मा॒र्द्रप॑विश्च॒ मा हा॑सिष्टामा॒र्द्रदा॑नुश्च मा मात॒रिश्वा॑ च॒ मा हा॑सिष्टाम्

vimokaśca mārdrapaviśca mā hāsiṣṭāmārdradānuśca mā mātariśvā ca mā hāsiṣṭām

हिन्दी अर्थ

को (प्र वहन्तु) प्रवाहित करे । भरथं है जल । -जंसे जल मल को प्रवाहित करतेहै, वेसे शारीरिक द्रवं हमारे पाप-मल को हम से प्रवाहित्त करे । पापकम तथा पाप विचारो के कारण बुरे स्वप्न, तथा बुरे स्वर््नो के बुरे परिणाम होते है । बुरे परि-

English

A charm to secure power and long life

अध्याय १६

श्लोक 3.5

बृह॒स्पति॑र्म आ॒त्मा नृ॒मणा॒ नाम॒ हृद्यः॑

bṛhaspatirma ātmā nṛmaṇā nāma hṛdyaḥ

हिन्दी अर्थ

स्वप्नावस्था मी होते ह। तथा देखो भ्रधवं० १०।५।२४ । ५५८ भणवेवेद-माष्य का० १६ । भ्रनु° १। सु० १

English

I am the head of riches. Fain would I be the head of mine equals.

अध्याय १६

श्लोक 3.6

अ॒सं॒ता॒पं मे॒ हृद॑यमु॒र्वी गव्यू॑तिः समु॒द्रो अ॑स्मि॒ विध॑र्मणा

asaṃtāpaṃ me hṛdayamurvī gavyūtiḥ samudro asmi vidharmaṇā

हिन्दी अर्थ

कल्याराकारिणी दृष्टिं द्वारा (मा) मुभ पर (पयत) कृपादुष्टि कीलिये, तथा (शिवया तन्वा) निज कल्याण कारिणी देह हारा (मे) मेरी (त्वचम्) केर, उन ते विनय करता है कि भ्राप कृपा पुर्वंक भू पर भ्रपनी कल्याण कारिणी दृष्टिपात कीजिये या सदा मु पर कृपादृष्टि.कीजिये, भौर निज

English

Let not Ruja and Vena desert me. Let not the Head and the

अध्याय १६

श्लोक 4.1

नाभि॑र॒हं र॑यी॒णां नाभिः॑ समा॒नानां॑ भूयासम्

nābhirahaṃ rayīṇāṃ nābhiḥ samānānāṃ bhūyāsam

हिन्दी अर्थ

कर देता हँ ।. “हुस्तस्परं चिकिप्सा” वेदानुमोदित है । यथा-- अयं मे हस्तो भगवानयं मे भगवत्तरः ।

English

Preserver forsake me.

अध्याय १६

श्लोक 4.2

स्वा॒सद॑सि सू॒षा अ॒मृतो॒ मर्त्ये॒श्वा

svāsadasi sūṣā amṛto martyeśvā

हिन्दी अर्थ

मेरी जिह्वा, रोगनिवारक वाणी.को भ्रागे प्रेरित करतो है। रोग निवारक उनदोहा्थोँद्वारातेरा हम स्पर््ं करते ह । का षणंन मन्त्रम हृभ्राहै ३७२. शिवानभरीनप्सुषदौ हवामहे मथि भत्रं वयै आ धत्त देवीः ।१३

English

Let not the Boiler and the Cup fail tme: let not the Supporter and the Sustainer abandon me.

अध्याय १६

श्लोक 4.3

मा मां प्रा॒णो हा॑सी॒न्मो अ॑पा॒नोऽव॒हाय॒ परा॑ गात्

mā māṃ prāṇo hāsīnmo apāno'vahāya parā gāt

हिन्दी अर्थ

दिव संकल्प प्रादि । तथा जलो में स्थित रोग निवारक भग्नियां, यथा-- चाहिए, न किं भ्रापः द्वारा । भरतः देवीः पद श्रौषः का कथन नहीं

English

Let not Unyoking and the Moist-fellied car desert me: let not the Sender of Moisture and

अध्याय १६

श्लोक 4.4

सूर्यो॒ माह्नः॑ पात्व॒ग्निः पृ॑थि॒व्या वा॒युर॒न्तरि॑क्षाद् य॒मो म॑नु॒ष्येऽभ्यः॒ सर॑स्वती॒ पार्थि॑वेभ्यः

sūryo māhnaḥ pātvagniḥ pṛthivyā vāyurantarikṣād yamo manuṣye'bhyaḥ sarasvatī pārthivebhyaḥ

हिन्दी अर्थ

(निदु रमण्यः) बुरे चक्षू रोगों का निराकरण, (अर्ना) बल भ्रौर नतिक इष्टि से चक्षूरोग बुरी दृष्टि से देखना, भांखों के इलारों द्वारा

English

Matarisvan forsake me.

अध्याय १६

श्लोक 4.5

प्राणा॑पानौ॒ मा मा॑ हासिष्टं॒ मा जने॒ प्र मे॑षि

prāṇāpānau mā mā hāsiṣṭaṃ mā jane pra meṣi

हिन्दी अर्थ

बातचीत करना, विष्यो के प्रति आंखों की चञ्चलता भादि। अरजा २५० ्रथववेद-माष्य का० १६। भ्रनु० १। सू०२

English

Brihaspati is my soul, he who is called the Friend of man, dear to my heart.

अध्याय १६

श्लोक 4.6

स्व॒स्त्य॑१द्योषसो॑ दो॒षस॑श्च॒ सर्व॑ आपः॒ सर्व॑गणो अशीय

svastya1dyoṣaso doṣasaśca sarva āpaḥ sarvagaṇo aśīya

हिन्दी अर्थ

वेशेषिक ददन के भ्रनुसार भ्रापः (जल) माधुरं यण वाले है! भ्रापः गोपाः-=गावः=इन्द्रियारि +पा= रक्षक, परमेश्वर । गोपीथः= गाः

English

My heart is free from sorrow; spacious is my dwelling-place. I am the sea in capacity.

अध्याय १६

श्लोक 4.7

शक्व॑री स्थ प॒शवो॑ मोप॑ स्थेषुर्मि॒त्रावरु॑णौ मे प्राणापा॒नाव॒ग्निर्मे॒ दक्षं॑ दधातु

śakvarī stha paśavo mopa stheṣurmitrāvaruṇau me prāṇāpānāvagnirme dakṣaṃ dadhātu

हिन्दी अर्थ

सात्विकं हो कर सुरक्षित हो जाती है, भौर विष्यो पर विजय पा लेती हो, कणौ) दोनों कान (भद्रशरुतौ) कल्याणकारी तथा सुखदाय वचनो का श्रव करने वले हों । परमेदवर की कृपा से (मद्रं श्लोकम्)

English

A charm to secure long life and success

अध्याय १६

श्लोक 5.1

वि॒द्म ते॑ स्वप्न ज॒नित्रं॒ ग्राह्याः॑ पु॒त्रोऽसि य॒मस्य॒ कर॑णः

vidma te svapna janitraṃ grāhyāḥ putro'si yamasya karaṇaḥ

हिन्दी अर्थ

शदधापूर्वेक उस का शवस (मा) मु (मा) न (हासिष्टाम्) त्यागे । १. बल हारा दुःस्वप्नो कै निराकरण की दुष्टिते जलका वर्रानहपरा ह १

English

I am the:centre of riches. Fain would I be the centre of mine equals.

अध्याय १६

श्लोक 5.2

अन्त॑कोऽसि मृ॒त्युर॑सि

antako'si mṛtyurasi

हिन्दी अर्थ

हे अरविणदवर ज्योतिः परमेदवर ! प्राप (ऋषीणाम्) ऋषियों के परमेदवर के लिये (नमः, भ्रस्त) नमस्कार हो ।

English

Let not inward breath desert me; let not outward breath depart and leave me.

अध्याय १६

श्लोक 5.3

तं त्वा॑ स्वप्न॒ तथा॒ सं वि॑द्म॒ स नः॑ स्वप्न दु॒ष्वप्न्या॑त् पाहि

taṃ tvā svapna tathā saṃ vidma sa naḥ svapna duṣvapnyāt pāhi

हिन्दी अर्थ

वे दिक-भ्रासन्दी का वर्णन हृभा है । इस प्रकार के अनौकिक वणन वेदों वतमान सूक्त २ मेँ जिन सदुगुखो का वंन हुभ्रा ह वह सक्त १केश्से

English

Let Sūrya protect me from Day, Agni from Earth, Vāyu from

अध्याय १६

श्लोक 5.4

वि॒द्म ते॑ स्वप्न ज॒नित्रं॒ निरृ॑त्याः पु॒त्रोऽसि य॒मस्य॒ कर॑णः ।अन्त॑कोऽसि मृ॒त्युर॑सि ।तं त्वा॑ स्वप्न॒ तथा॒ सं वि॑द्म॒ स नः॑ स्वप्न दु॒ष्वप्न्या॑त् पाहि

vidma te svapna janitraṃ nirṛtyāḥ putro'si yamasya karaṇaḥ | antako'si mṛtyurasi | taṃ tvā svapna tathā saṃ vidma sa naḥ svapna duṣvapnyāt pāhi

हिन्दी अर्थ

साहित्य मेँ परमेदवर को “उपस्तरण भ्रौ भपिधान भी कहा है । यथा (पष्ट) । भगव सूपं = सुवं . कीं किरणो । सौपसं किरणों के पवृ चमकीली

English

Firmament, Yama from men, Sarasvatī from dwellers on the earth.

अध्याय १६

श्लोक 5.5

वि॒द्म ते॑ स्वप्न ज॒नित्र॒मभू॑त्याः पु॒त्रोऽसि य॒मस्य॒ कर॑णः ।अन्त॑कोऽसि मृ॒त्युर॑सि ।तं त्वा॑ स्वप्न॒ तथा॒ सं वि॑द्म॒ स नः॑ स्वप्न दु॒ष्वप्न्या॑त् पाहि

vidma te svapna janitramabhūtyāḥ putro'si yamasya karaṇaḥ | antako'si mṛtyurasi | taṃ tvā svapna tathā saṃ vidma sa naḥ svapna duṣvapnyāt pāhi

हिन्दी अर्थ

१९५२ भरथववेद-माष्य का १६ । भ्रुर १। ०३. (रुजः, च) अविद्या तेथा रागद्रेषादि ग्रन्थयो को तोडना, (वेनः, च),

English

Firmament, Yama from men, Sarasvatī from dwellers on the earth.

अध्याय १६

श्लोक 5.6

वि॒द्म ते॑ स्वप्न ज॒नित्रं॒ निर्भू॑त्याः पु॒त्रोऽसि य॒मस्य॒ कर॑णः ।अन्त॑कोऽसि मृ॒त्युर॑सि ।तं त्वा॑ स्वप्न॒ तथा॒ सं वि॑द्म॒ स नः॑ स्वप्न दु॒ष्वप्न्या॑त् पाहि

vidma te svapna janitraṃ nirbhūtyāḥ putro'si yamasya karaṇaḥ | antako'si mṛtyurasi | taṃ tvā svapna tathā saṃ vidma sa naḥ svapna duṣvapnyāt pāhi

हिन्दी अर्थ

यापन (विधर्मा, च) भ्रौर विविध गुणौ या प्रजा का घारण-पोषण करना (मा, मा, हासिष्टाम्) मेरा त्याग न करं। „

English

Let not outward and inward breath fail me. Be not thou destruc- tive among the men.

अध्याय १६

श्लोक 5.7

वि॒द्म ते॑ स्वप्न ज॒नित्रं॒ परा॑भूत्याः पु॒त्रोऽसि य॒मस्य॒ कर॑णः ।अन्त॒कोऽसि मृ॒त्युर॑सि ।तं त्वा॑ स्वप्न॒ तथा॒ सं वि॑द्म॒ स नः॑ स्वप्न दु॒ष्वप्न्या॑त् पाहि

vidma te svapna janitraṃ parābhūtyāḥ putro'si yamasya karaṇaḥ | antako'si mṛtyurasi | taṃ tvā svapna tathā saṃ vidma sa naḥ svapna duṣvapnyāt pāhi

हिन्दी अर्थ

को प्राप्त कर जै अन्यो काः धारण-पोषर कर (उवः, च) श्रन्न (चमसः, च) श्रौर उस का खाना (मा) सुरे (मा)

English

Propitious to-day be dawns and evenings. May I drink water with all my people safe around

अध्याय १६

श्लोक 5.8

वि॒द्म ते॑ स्वप्न ज॒नित्रं॑ देवजामी॒नां पु॒त्रोऽसि य॒मस्य॒ कर॑णः

vidma te svapna janitraṃ devajāmīnāṃ putro'si yamasya karaṇaḥ

हिन्दी अर्थ

(वर्णः, च) श्रौर उस का लजाना (मा) मुभे (मा) न (हासिष्ठाय्) उवः = उरु, बाहुल्य । चमसः == चमु भ्रदने । चमसः, के सहयं

English

inward and outward breath.

अध्याय १६

श्लोक 5.9

अन्त॑कोऽसि मृ॒त्युर॑सि

antako'si mṛtyurasi

हिन्दी अर्थ

१, उपलाङ भरमि को “उर्वरा” कते है । सम्भवतः उर्वरा = उवं (पन्न) +- रा (वाने) । उस भरुभि को उवंरा कते है जो भन्न दाकर सकती है । भतः हृदय से दिया दान (मातरिष्वा, च) श्रौर माता भें रिघु को वढने या जोवन प्रदानःकरने वाला परमेदवर (मा) मुफे-(मा) न (हासिष्टाम्)

English

Mighty are ye, domestic creatures. May Mitra-Varuna stand beside me. May Agni give me

अध्याय १६

श्लोक 5.10

तं त्वा॑ स्वप्न॒ तथा॒ सं वि॑द्म॒ स नः॑ स्वप्न दु॒ष्वप्न्या॑त् पाहि

taṃ tvā svapna tathā saṃ vidma sa naḥ svapna duṣvapnyāt pāhi

हिन्दी अर्थ

काऽ १६। अनु १। सु०२ भथववेद-भाष्य २५१ २७८, ऋषीणां भस्तुरो सि नमोस्तु हैवाय भस्तरायं ॥६॥

English

Pleasant art thou to sit by one, a mother: immortal among mortals.

अध्याय १६

श्लोक 6.1

अजै॑ष्मा॒द्यास॑नामा॒द्याभू॒माना॑गसो व॒यम्

ajaiṣmādyāsanāmādyābhūmānāgaso vayam

हिन्दी अर्थ

परमेदवर का मन है, (नाम) वह सवं प्रसिद्ध है, (हृद्यः) हदय श्रिय या हृदय निवासी है। प्रणिधानी योगी के जीवन मे, जीवन्मृक्तावस्था मे, परमेदवर उस का प्रेरक होता है, वह उस की भ्रातंमा के सदृश प्रेरक होता है¶.

English

inward and outward breath.

अध्याय १६

श्लोक 6.2

उषो॒ यस्मा॑द् दु॒ष्वप्न्या॒दभै॒ष्माप॒ तदु॑च्छतु

uṣo yasmād duṣvapnyādabhaiṣmāpa taducchatu

हिन्दी अर्थ

परा गात् = परे चली जाय ! वैदिक योगी. मृत्युकाल की प्रतीक्षा मँ शरीर धारण करते रहते के विचार वाला नही, भ्रपितु परमेदवर ते चिरायुकी प्रा्थना वहु इसलिये करता है ताकि वहं योगमागं मे.भर्न्यो हे परमेदवर ! श्राप की कृता से (सूर्यः) सूयं (मा) मेरी (ह्वः)

English

We know thine origin, O Sleep. Thou art the son of Grahi, the minister of Yama. Thou art the

अध्याय १६

श्लोक 6.3

द्वि॒ष॒ते तत् परा॑ वह॒ शप॑ते॒ तत् परा॑ वह

dviṣate tat parā vaha śapate tat parā vaha

हिन्दी अर्थ

तुम त्यागो, (जने) जन समुदायमें (मा) न (धर मेषि) मै शीघ्र मर । (नि° १२४३८) । सर्वगः == मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार का गण, पञ्च-

English

Ender, thou art Death. As such, O Sleep, we know thee well. As such preserve us from the

अध्याय १६

श्लोक 6.4

यं द्वि॒ष्मो यश्च॑ नो॒ द्वेष्टि॒ तस्मा॑ एनद् गमयामः

yaṃ dviṣmo yaśca no dveṣṭi tasmā enad gamayāmaḥ

हिन्दी अर्थ

म्रग्नि, (मे) मुक मे (दक्षम्) बल (दधातु) धारण करं । (निषं० २।११) । गौरो भे शक्तिशाली दूध देने की शक्ति होती है) इन

English

evil dream.

अध्याय १६

श्लोक 6.5

उ॒षा दे॒वी वा॒चा सं॑विदा॒ना वाग् दे॒व्यु॑१षसा॑ संविदा॒ना

uṣā devī vācā saṃvidānā vāg devyu1ṣasā saṃvidānā

हिन्दी अर्थ

करता है, निवारिते करतां है, भरतः वरुण है । शक्वरीः योगी कै लिए सात्विक गीदुग्ध महोपकारी है । शक्वरी गोनाम (निषं० २।११) । “शक्व-

English

We know thine origin, O Sleep. Thou art the son of Destruction, the minister of Yama, etc.

अध्याय १६

श्लोक 6.6

उ॒षस्पति॑र्वा॒चस्पति॑ना संविदा॒नो वा॒चस्पति॑रु॒षस्पति॑ना संविदा॒नः

uṣaspatirvācaspatinā saṃvidāno vācaspatiruṣaspatinā saṃvidānaḥ

हिन्दी अर्थ

का० १६।.अनु० १ सू० ४ भ्रथरवेवेद-माष्य २५७ प्रथम भ्रनुवाक का सार. दुष्परिणाम, तथा इन के कतिपय कारर्णो, भ्रौरं निराकरण का वंन संखेपःमे हुमा है । प्रथम अनुवाक मे मूख्यशूप में दुःस्वप्न के बाधकः उपायों

English

(as in verse 1).

अध्याय १६

श्लोक 6.7

ते॒३मुष्मै॒ परा॑ वहन्त्व॒राया॑न् दु॒र्णाम्नः॑ स॒दान्वाः॑

te3muṣmai parā vahantvarāyān durṇāmnaḥ sadānvāḥ

हिन्दी अर्थ

का विस्तारे बगंन हृभ्रा है। ये उपाय निम्नलिखित रहैः-- (१) कामश्रौरकामी केसङ्खं का परित्याग । (र) वीयं रक्षा। (३) प्रात्मिकर शक्ति का विकास । (४) चारीरिक रस-रक्त का पाप भौर

English

We know thine origin, O Sleep. Thou art the son of Misery, etc.

अध्याय १६

श्लोक 6.8

कु॒म्भीकाः॑ दू॒षीकाः॒ पीय॑कान्

kumbhīkāḥ dūṣīkāḥ pīyakān

हिन्दी अर्थ

का-भ्राह्ान करना (सूक्तं १); तथा-- (५) भांखों को पवित्रता । (६) मधुर वाणी । (६) परभेदवर भ्रौर

English

We know thine origin, O Sleep. Thou art the son of Disappear- ance, etc.

अध्याय १६

श्लोक 6.9

जा॒ग्र॒द्दु॒ष्व॒प्न्यं स्व॑प्नेदुष्व॒प्न्यम्

jāgradduṣvapnyaṃ svapneduṣvapnyam

हिन्दी अर्थ

को समृद्रवत् विक्षाल करना (सूक्त) ३; तथा- परमेदवर सर्वव्यापक है-इस श्रनुभूति मे जीवन को डालना, परमेद्वर के भ्रमत स्वरूप का ध्यान; तथां उस सं याचना करना कि सांसारिक. पदाथ मेरे सदा रक्षक हो, तथा सात्विक गौदुग्व भ्रादि का सेवन

English

We know thine origin, O Sleep. Thou art the son of Defeat etc.

अध्याय १६

श्लोक 6.10

अना॑गमिष्यतो॒ वरा॒नवि॑त्तेः संक॒ल्पानमु॒च्या द्रु॒हः पाशा॑न्

anāgamiṣyato varānavitteḥ saṃkalpānamucyā druhaḥ pāśān

हिन्दी अर्थ

१५४ अरयवत्रेद-भाष्य का १६ । भनु° १1 सुण्णं प्रौर विषय लालसा के संतापसे रहित हो गया. है, (गव्यूतिः) मेरी गति (उर्वी) विस्तृत हो गई है, (विधममंणा) विविष गुणों याप्रजाके धारण योगी जिस रयिका केन्द्र बनना चाहतादहै वहुउस का दान करनेङके लिथे ही उसका केन्द्र बनना चाहुतादहै, स्वां लिप्सा के लिये नहीं। रयि काश्रथंही है बह सम्पत्ति, जिस काकि दान करनाहोताहै।

English

May,he give me ability.

अध्याय १६

श्लोक 6.11

तद॒मुष्मा॑ अग्ने दे॒वाः परा॑ वहन्तु॒ वघ्रि॒र्यथास॒द् विथु॑रो॒ न सा॒धुः

tadamuṣmā agne devāḥ parā vahantu vaghriryathāsad vithuro na sādhuḥ

हिन्दी अर्थ

२. न्यतिः गवते मतिकर्मा--गूतिः. (यु मिश्रणे); उवीं मव्युतिः मुर मे काऽ १६ । भ्रचु° १। सु ४ भ्रथववेद-माष्य २५१५ ३८७. मा मां भाणो हांसीन्थो अपानो वहाय परां गात ॥३॥

English

A charm against evil dreams

अध्याय १६

श्लोक 7.1

तेनै॑नं विध्या॒म्यभू॑त्यैनं विध्यामि॒ निर्भू॑त्यैनं विध्यामि॒ परा॑भूत्यैनं विध्यामि॒ ग्राह्यै॑नं विध्यामि॒ तम॑सैनं विध्यामि

tenainaṃ vidhyāmyabhūtyainaṃ vidhyāmi nirbhūtyainaṃ vidhyāmi parābhūtyainaṃ vidhyāmi grāhyainaṃ vidhyāmi tamasainaṃ vidhyāmi

हिन्दी अर्थ

इन निर्दिष्ट उपायों का यदि श्रवलम्बन किंयाजाय तो विचार, रमः निद्रा मे दृष्टिगोचर नहीं होते ।

English

We know thine origin, O Sleep. Thou art the son of the sisters of the Gods, the minister of

अध्याय १६

श्लोक 7.2

दे॒वाना॑मेनं घो॒रैः क्रू॒रैः प्रै॒षैर॑भि॒प्रेष्या॑मि

devānāmenaṃ ghoraiḥ krūraiḥ praiṣairabhipreṣyāmi

हिन्दी अर्थ

. करणं, देन्द्रियिक-चञ्चलता तथा मानसिक-चञ्वलता का निराकरण ९५९ भथववेद-माष्य का० १६। श्रनु० २। सू०१५

English

Let Morning with her light dispel that evil dream that frightened us.

अध्याय १६

श्लोक 7.3

वै॒श्वा॒न॒रस्यै॑नं॒ दंष्ट्र॑यो॒रपि॑ दधामि

vaiśvānarasyainaṃ daṃṣṭrayorapi dadhāmi

हिन्दी अर्थ

के परित्याग, भ्रौर दिव्य-अरग्नि्यों के उपादान के परिणामभरूत सदृगुशो सुक्त.४ मेः निम्नलिखित निर्दशो पर ष्यान देना चाहिए--

English

Bear that away to him who hates, away to him who curses us.

अध्याय १६

श्लोक 7.4

ए॒वाने॒वाव॒ सा ग॑रत्

evānevāva sā garat

हिन्दी अर्थ

के कारण दहै प्राही, निति, ग्रमूति, निभ्रंति, पराभरूति तथा देवजामयः। इनं कारणो के यौगिकाथं क्ये है। इसो विधिसे इन द्वारा जनित स्वप्न दृष्परिशा्मो से रक्षा करने वाले नहीं हो सकते । “देवों की पलिनर्यो'" का

English

To him whom we abhor, to him who hates us do we send it hence.

अध्याय १६

श्लोक 7.5

यो॒३स्मान् द्वेष्टि॒ तमा॒त्मा द्वे॑ष्टु॒ यं व॒यं द्वि॒ष्मः स आ॒त्मानं॑ द्वेष्टु

yo3smān dveṣṭi tamātmā dveṣṭu yaṃ vayaṃ dviṣmaḥ sa ātmānaṃ dveṣṭu

हिन्दी अर्थ

जामीनाग का किथा हमारा अर्थं बुद्धि के भ्नुकृल है का० १६।ग्रनु० २५०६ भरथववेद-माष्य २६३

English

May the Goddess Dawn in accord with Speech, and the Goddess

अध्याय १६

श्लोक 7.6

निर्द्वि॒षन्तं॑ दि॒वो निः पृ॑थि॒व्या निर॒न्तरि॑क्षाद् भजाम

nirdviṣantaṃ divo niḥ pṛthivyā nirantarikṣād bhajāma

हिन्दी अर्थ

भागी बने है, श्रौर (श्रनागसः) निष्पाप (भरभूम) हो गये ह । तो हो जाता है, परन्तु जाग्रदु-दुष्वरप्यो . का विनाश नहीं होता, भरषितु

English

Speech in accord with Dawn,

अध्याय १६

श्लोक 7.7

सुया॑मंश्चाक्षुष

suyāmaṃścākṣuṣa

हिन्दी अर्थ

कारा पाने के लिये , भ्राध्यात्मिक उषः-काल. की उपस्थिति भी. चाहिए । तमोगुण के क्षीण होने -प्रर, अब चित सत्वगुण प्रधान होतो है, तब जो

English

The Lord of Dawn in accord with the Lord of Speech and the

अध्याय १६

श्लोक 7.8

इ॒दम॒हमा॑मुष्याय॒णे॒३मुष्याः॑ पु॒त्रे दु॒ष्वप्न्यं॑ मृजे

idamahamāmuṣyāyaṇe3muṣyāḥ putre duṣvapnyaṃ mṛje

हिन्दी अर्थ

५६४ भ्रथववेद-माष्य का०.१६ । भ्रनु° २। सू०.६ ४०४. द्विषते तत् परां बड शपते तत् परां वह ॥२३॥

English

Lord of Speech in accord with the Lord of Dawn,

अध्याय १६

श्लोक 7.9

यद॒दोअ॑दो अ॒भ्यग॑च्छन् यद् दो॒षा यत् पूर्वां॒ रात्रि॑म्

yadadoado abhyagacchan yad doṣā yat pūrvāṃ rātrim

हिन्दी अर्थ

कलुषित है" तथा जो क्रोध के कारण शाप देनेके स्वभाव वलि है. धगमयामः'' पद का प्रयोग श्रालङ्कारिक है

English

Carry away to Such-an-one niggard fiends, hostile demons, and

अध्याय १६

श्लोक 7.10

यज्जाग्र॑द् यत् सु॒प्तो यद् दिवा॒ यन्नक्त॑म्

yajjāgrad yat supto yad divā yannaktam

हिन्दी अर्थ

२५० श्यवयेद-साष्य का० १६। भनु" २। पु ५ हम जानते है, (ग्राह्याः) निग्रह भावना का (पुः) परिणाम (भ्रसि) तू है, (यमस्य) योगाङ्गरूपी यम-नियम या संयम का (करणः) तू कर्म है,

English

Yama. Thou art the Ender, thou are Death. As such, O Sleep, we know thee well. As such,

अध्याय १६

श्लोक 7.11

यदह॑रहरभि॒गच्छा॑मि॒ तस्मा॑देन॒मव॑ दये

yadaharaharabhigacchāmi tasmādenamava daye

हिन्दी अर्थ

भौर दुःष्वप््य कै दुष्परिणाम से हमारी रक्षा कर । रजोगु भरौर तमौ- यमस्य करणः करणः का भ्र्थं साधन नहीं । साधन भ्रथं मे “करणम् शब्दं का श्रयोग होता है, करणः का नहीं । करणः शब्द

English

preserve us from the evil dream.

अध्याय १६

श्लोक 7.12

तं ज॑हि॒ तेन॑ मन्दस्व॒ तस्य॑ पृ॒ष्टीरपि॑ शृणीहि

taṃ jahi tena mandasva tasya pṛṣṭīrapi śṛṇīhi

हिन्दी अर्थ

का० १६। भ्रनु० २। सु° ५ श्रय्विद-माष्य २५९ बाला (भसि) है, (मृत्युः) उन कौमृत्ु करदेने वाला प्रसि) है । श्रन्तकः-्अरन्तं करोतीति उसके दष्परिणार्मो से (पाहि) रक्षा कर ।'

English

A charm to avert evil dreams, and to transfer them to an enemy

अध्याय १६

श्लोक 7.13

स मा जी॑वी॒त् तं प्रा॒णो ज॑हातु

sa mā jīvīt taṃ prāṇo jahātu

हिन्दी अर्थ

हम जानते है (निक त्याः पुत्रः प्रसि) नि्छतिका.परिणामतु है,- शेष, नहीं । इस लिये. निति का यौगिक भ्रथं मन्तराथं में भ्रधिक उपपन्न होगा । भरतः निकऋं ति = निर्+ऋति (ऋ गतौ), भर्थात् गति का निरा-

English

Now have we conquered and obtained: we have been freed from sin to-day.

अध्याय १६

श्लोक 8.1

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

४०६, उषा देवी वाचा संविदाना वाम् देष्युशषसां संधिदाना ॥५॥ - (उषसा) उषा के साथ (सं विदाना) सामनञ्जस्य को प्राप्त हुरई--॥।५॥

English

Right, our energy, our Devotion, our heavenly light, our sacrifice, our domestic animals, our

अध्याय १६

श्लोक 8.1-2

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

(उष्स्पतिः) उषा का पति, . (वाचस्पतिना) वाणी के पति के साथं वति, (उषस्पतिना) उषा के पति के साथ (सं विदानः) सामञ्जस्य को

English

Right, our energy, our Devotion, our heavenly light, our sacrifice, our domestic animals, our

अध्याय १६

श्लोक 8.1-3

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॑ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ svarasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

का० १६। ्रनु० २।सू०.६ भरयववेद-माष्य ५.१ प्रारथनाकी बाणी का पति उपासक । श्रभिप्राय यह है कि प्रातःकाल सूरं

English

releases.

अध्याय १६

श्लोक 8.1-4

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ svarasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

दवारा प्रकटित उषा काल मे, तथा प्रातःकाल परमेक्वर की कृपा दारा सामजञ्जस्य' हो जाता है,- उस्र का परिणाम होता-हैः-

English

This, O Agni, let the Gods bear off to Such-an-one that he may be a fragile good-for-nothing

अध्याय १६

श्लोक 8.1-5

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भिन्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

४०8, कुम्भीकः दूषी शाः पीय॑कान् ॥८॥ कराने वालो दुष्प्रवृत्तियो, को ॥७॥:-- वि

English

eunuch.

अध्याय १६

श्लोक 8.1-6

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

सवा नोनुवे शन्दकारिके - (निर० ६।६।३०) । (कुम्भीका) कुत्सित श्रौर, भयकारक दुर्वासना को, । षिका) दूषित करने वाली सावना को, (पीयकान्) तथा हिसक्मो को ॥=।;== पीयकान् +-पौयति हिसाकर्मा (निद० ४।४२) होता है कि दण्ड विषाता रानवर्गे परमेदवर विष्ठित नियमों के भनुसार ही दण्ड देने का निरय करे । तथा रेखा निरय का भरधिकार भी देवकोटि के भ्रधिकारियो को

English

Right, our energy, our Devotion, our heavenly light, our sacrifice, our domestic animals, our

अध्याय १६

श्लोक 8.1-7

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

. ही देना चाहिए, भरदेवों को नहीं । देव-भधिकारी लोभ, कोष, वैमनस्य भ्दि से मरित हो कर धरनुचित दण्ड भी दे सकते है, (सूक्त ७, मन्त २ मे “देवानाम् पव का यह प्रभिप्राय है )। ।

English

Right, our energy, our Devotion, our heavenly light, our sacrifice, our domestic animals, our

अध्याय १६

श्लोक 8.1-8

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ svarasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

तथा (भ्रनागमिष्यतः) न पणं होने वाली (वरान्) भाकाद्का्न को न चुटने वाली (द्रहः) द्रोह भावनां के (पा्ान्) फंद को ॥१०॥

English

defeat I pierce him. With

अध्याय १६

श्लोक 8.1-9

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

देष भावना वाले भ्रौर क्रोषी शाप देनेवाले की,-- जागते तथा सोते,. - मानसिक वृत्ति्यों का चित्रण, मन््र ७ से १० तक मे किया गया है

English

Right, our energy, our Devotion, our heavenly light, our sacrifice, our domestic animals, our

अध्याय १६

श्लोक 8.1-10

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

४१२. तदुमुष्म† अग्ने देवाः परावहन्तु वधिर्वयासदू विधुरो न (यथा) जिससे किं बह (न साधुः) भ्रसाधुः मनुष्य (वधिः) नपुसक के

English

Right, our energy, our Devotion, our heavenly light, our sacrifice, our domestic animals, our

अध्याय १६

श्लोक 8.1-11

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

कि निजंकुक्मो के कारण जो श्रसाधु मनुष्य, जागते तथा सोते, दुसरो के केकरनेमें नपुसककासाकर दे, भौर निज कर्मोँके फलमें उसे व्यथाए"

English

Right, our energy, our Devotion, our heavenly light, our sacrifice, our domestic animals, our

अध्याय १६

श्लोक 8.1-12

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

क्रो दण्ड दे कर सन्मागं पर लाते रहते है (4 प (तमसा) तमोगुण के कारण-या काल कोठरी द्वारा (एनम्) इसे (भ्रा

English

Right, our energy, our Devotion, our heavenly light, our sacrifice, our domestic animals, our

अध्याय १६

श्लोक 8.1-13

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

अकर कभ्रनुसार दर ष्टां तथा शप्ता (सु० ६ । मन्व ३,४) मख मे दण्डो का विधान् किया गया प्रतीत होताहै। हेष करना तथाच्चाप देना तामसिक मनोवृत्तियों के कारण होता, भौर रेसी मनोवृत्तयो है द्वेषश्रौरशापका कथन केवन दृष्टान्त रूप में हुभा है । वष, चोरी,

English

Right, our energy, our Devotion, our heavenly light, our sacrifice, our domestic animals, our

अध्याय १६

श्लोक 8.1-14

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॑ ब्रह्मा॒स्माकं॑ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

कती रादि तामसिक कों का वंन मी यहां समभ लेना चाहिए । “आ विष्यामि दारा परमेदवर तथा राजा दोनो भर्भिप्रेत है । परमेश्वर

English

We scorch out of heaven and earth and firmament the man who hates us.

अध्याय १६

श्लोक 8.1-15

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

लिये भूति भ्रादि.दण्ड कठोर भ्रवदय प्रतीत होते. । वेव मे न तिक जीवन का भत्युच्च."भादशं माना है । नेतिके जीवन श्रल्पापराध कौ भी वेदों ओँ

English

Right, our energy, our Devotion, our heavenly light, our sacrifice, our domestic animals, our

अध्याय १६

श्लोक 8.1-16

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

कषमा की दृष्टि से नहींदेला। कटीर दण्डसेहटी नैतिक जीवन को पवि बनाया जा सकता है, भन्यथा प्र॑जा के जोवन मं ज्रष्टाचार भधिकाषिक फैतता जति है। भूर बोलेने तफ़ कोवेद ने बड़ा भ्रपराध माना ह, रौर इस लिये भ्रनृतवक्ता के लिप मो कठोर दण्ड का.विधान किया है।

English

Right, our energy, our Devotion, our heavenly light, our sacrifice, our domestic animals, our

अध्याय १६

श्लोक 8.1-17

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

हृभा है, जोकि दुष्वप्न्य का विनादक है ४१४. देवाना मेनं घोरैः ब्ररः रषेरमिपरेष्यामि ॥२॥ ष्यामि) मै सन्मार्गे केः लिये प्रेरित करता हं 1

English

Right, our energy, our Devotion, our heavenly light, our sacrifice, our domestic animals, our

अध्याय १६

श्लोक 8.1-18

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॑ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

के हितकारी राजा के (दष्टयोः") दष्टरश्रों. के समान पीस देने वाले उग्र नियमो मेँ (श्रपि दधामि) भी रमै स्थापित करता हं । भ्रपिदधामि = प्रथवा बन्द करता हूं कारागारर्मे) राजदण्ड को ““कुष्णवणं, रने" कह कर इसे भयद्धुरं सूचितं किया है । भन््रमें

English

Whether waking or sleeping, whether by day or by night.

अध्याय १६

श्लोक 8.1-19

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॑ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

राजदण्ड के धों को दसी भावना मे घोरः भौर शूरः शरणद द्वारा निदिष्ट किया है । ३. वेष्टरयोः=प्रथवा पोरि.घ (राजपुरष) रोर सेना,-ये दोनों राजर्दष्टराए है ।

English

Whether I meet with it day by day, from that do I bribe him away.

अध्याय १६

श्लोक 8.1-20

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

का० १६। भ्रनु° २। सू०७ भ्रथवेवेद-माष्य २६९ वैर्वानरस्य = राजा का करतंव्य है कि वह प्रजा कै नर-नारिरयो के हित के लिये कानून बनाए, भ्रौर कानून के श्रनुसार नंतिक न्नष्टा-

English

Right, our energy, our Devotion, our heavenly light, our sacrifice, our domestic animals, our

अध्याय १६

श्लोक 8.1-21

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

चारोंकेलियेषोर प्रौर क्रूर होने चाहिए, (श्रपि दधामि) अपिधान = अन् +-एवम) या इस सै भिन्न विधि द्वार, (सा) वह राजदष्टरा. (अवगरत्) भ्रपराधी को मानो पीस कर निगल जाय ।

English

Right, our energy, our Devotion, our heavenly light, our sacrifice, our domestic animals, our

अध्याय १६

श्लोक 8.1-22

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॒ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

विधिसेहोजाय। यादिक्षाके कारण द्वेष्टा यह समने लग जाये कि श्रजाजनों का बहूपक्ष जिस कर्मं कोबरा समता है उस कमं का त्याय १. दष्टा मै एक वचन १. टरा एक बन द्वारा केवं राजदण्ड का बन मां है

English

An imprecation on an enemy

अध्याय १६

श्लोक 8.1-23

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

भकाश्च से ( निर् मनाम) हम प्रजाजन भागरहित कर देते है, (पृथिव्याः) . राष्टरकी भूमि मँ स्वच्छन्द विचरने से (निः-) हम भागं रहित कर

English

Right, our energy, our Devotion, our heavenly light, our sacrifice, our domestic animals, our

अध्याय १६

श्लोक 8.1-24

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

(निः--) हम भाग रहित कर देते है। भ्रपराघी को दण्डदेने की यह भी विधिहै किं उसे बन्दीकृत कर

English

Right, our energy, our Devotion, our heavenly light, our sacrifice, our domestic animals, our

अध्याय १६

श्लोक 8.1-25

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

पदं बहुवचन मेँ है । इस्कारा प्रजाजनों के बहुमत कौ सुचित किया है- पिता के, तथा (परपुष्याः) उस माताके (पत्रे) पत्र वतंमान (इदम्,

English

Right, our energy, our Devotion, our heavenly light, our sacrifice, our domestic animals, our

अध्याय १६

श्लोक 8.1-26

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

राजा या. न्यायाधौरा जब किसी भरपृराधी को दण्डंदेने लगे तो करे, पक्षपात या. बदला लेने रादि. कारणो से ब्रेरित होकरदण्डकी

English

Right, our energy, our Devotion, our heavenly light, our sacrifice, our domestic animals, our

अध्याय १६

श्लोक 8.1-27

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑मृ॒तम॒स्माकं॒ तेजो॒ऽस्माकं॒ ब्रह्मा॒स्माकं॒ स्वऽर॒स्माकं॑ य॒ज्ञो॒३ऽस्माकं॑ प॒शवो॒ऽस्माकं॑ प्र॒जा अ॒स्माकं॑ वी॒रा अ॒स्माक॑म्

jitamasmākamudbhinnamasmākamṛtamasmākaṃ tejo'smākaṃ brahmāsmākaṃ sva'rasmākaṃ yajño3'smākaṃ paśavo'smākaṃ prajā asmākaṃ vīrā asmākam

हिन्दी अर्थ

१. यह प्रायदिचित तथा ब्रत विधान भ्रादि की विधि-है १ चान के लिये उस के गोत्र (जात), पिता, तथा माता का नाम साथ होना चाहिए + वतमान मेँ परिचयःके लिये माता का नाम प्रावर्यक नहीं समभा जाता । माताकानाम साथ होने का वेदिक विधान, पाता की वेदिकः सामाजिक स्थिति का सूचक है.

English

Right, our energy, our Devotion, our heavenly light, our sacrifice, our domestic animals, our

अध्याय १६

श्लोक 8.2

१ तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

1 tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

इस भ्रपने-भ्राप को (भवदये) भ दुदाता हं, या माजंन विध द्वारा मन्त . ८ अपने-भाप को. सुरक्षित करता हूं ॥११॥

English

Whatever, etc. Let him not be freed from the noose of the

अध्याय १६

श्लोक 8.2-2

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

धारण कर सके, (तमु) उसे (राणः) उस का प्रोरा (जहातु) परित्यक्त २७२ ग्रथव्विद-माष्य का० १६। भनु०२।सु०८

English

Whatever we have gained, etc. Let him not be freed from the noose of disappearance, etc.

अध्याय १६

श्लोक 8.2-3

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

को छोढने भ्रौर उससे अ्रपने-भ्राप को सुरक्षित करने का दृढ़ संकल्प करता ध्वप्न उपंजते हैँ । भव दये=दय् = दान गति, रक्षण, हिसा, भरादानं । जहि =

English

Whatever we have gained, etc. Let him not be freed from the noose of defeat, etc.

अध्याय १६

श्लोक 8.2-4

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

गंया है । एेसे दुःस्वप्न जागरित अवस्था मे तथा दिनमें हुभ्रा करते ह। इन कुविचारो वाले शत्रु राष्ट परर विजयपा कर, उसशत्रु-राष्टरके मुखियों को कंसा कंसा दण्ड देनां चाहिए,--दस का वणेन वतंमान-सुक्तप्मे

English

Whatever we have gained, etc. Let him not be freed from the noose of the sisters of the Gods,

अध्याय १६

श्लोक 8.2-5

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

का०.१६। श्रतु०.२। सु०८ अथवधेद-भाष्य भु १, एए, देश लिकाला । उवे उख के निजदेशसे निकाल देना, पृथक् कर देना । ि

English

Whatever we have gained, etc. Let him not be freed from the noose of Brihaspati, etc.

अध्याय १६

श्लोक 8.2-6

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

(निजामः) हम भाग, रहित कर देते ह, (भ्रसौ यः) वहं जो हैः-- (सः वह (प्राह्याः) जकढ़ने के (पाशात्) फन्दे से (मा) न (मोचि)

English

Whatever we have gained, etc. Let him not be freed from the noose of Prajāpati, etc.

अध्याय १६

श्लोक 8.2-7

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

(तस्य) उस के (इदम्) इस (वचः) दीप्ति को, (तेजः) तेज को, नीचगति वाले को (पादयामि) नि पादतलत करता हं ।

English

Whatever we have gained, etc. Let him not be freed from the noose of the Rishis, etc.

अध्याय १६

श्लोक 8.2-8

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

२. पराजित राज्य के भ्रधिकारि्यो की उन के निज देशनिवास से वञ्चित र्थि हथकड़ी भ्रादि फरन्दो भं चकंड़ देनी; ४. उन की शोन भ्ादिकौ

English

Whatever we have gained, etc. Let him not be freed from the noose of the Rishis’ children,

अध्याय १६

श्लोक 8.2-9

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

कम कर देना, भर्थात् उनका साधारण रहन-सहन कर देना; ५. उन जेल मेँ रखना; ६, उन के -खानि-पोनं भँ नियन्वण; ७. कर्यो को स्नायु

English

Whatever, etc. Let him not be freed from the noose of the

अध्याय १६

श्लोक 8.2-10

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

हाथी मेँ वच॑स् होता है, भौर शेर भे तेजस् । १. छ एषा कप) वैल रिकाला । उतः उस के निज ठेदा ते निकाल देना,

English

Angirases, etc.

अध्याय १६

श्लोक 8.2-11

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

काऽ १६१ प्रनु० २। सु०८ म्रथर्ववेद-भाष्य २७५ (पश्चात्) फे से (मोचि, मा) मृक्तनदहो।

English

Whatever, etc. Let him not be freed from the noose of the

अध्याय १६

श्लोक 8.2-12

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

न करने देना, कदो के किये एक प्रकार से कच्छापत्ति ही है । निच्छं तिः शेव १०० भर््नोःके परण्परागत पदति केः भगुसार २५ चतुष्कं परं शटा है । मते

English

Angirases, etc.

अध्याय १६

श्लोक 8.2-13

तस्मा॑द॒मुं निर्भजामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

२७६ ग्रथववेद-माष्य कां० १६ । श्रनु० २ । पुग का०.१६। भ्रनु० २।सु०८ श्रयत्रैवेद-माष्य , २७७

English

Whatever, etc. Let him not be freed from the noose of the

अध्याय १६

श्लोक 8.2-14

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

न करके, उन्दँ केवल पराजय की भ्रनुभूति कराने के लिये, नजर-बन्दी मेँ मन्त्र ४२९ में “नि वेष्टयामि" दवारा मिलती है

English

Atharvans, etc.

अध्याय १६

श्लोक 8.2-15

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

(सः) वह (देवजा नीनाम्) दिव्यगुणी-विद्रा्नों की पलिनियोँ या दिव्य- महर्षि दयानन्द के म्रदुसार महिला््रों की सेनां कां निर्माण

English

Whatever, etc. Let him not be freed from the noose of the

अध्याय १६

श्लोक 8.2-16

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

वैद सम्त है । युद मेंयदि नित्र भदिला संनिकपर शत्रु सैनिक ति भना- चारका व्यवहार क्ियादहै, तो उसे उस दण्डमें दण्डित करना. चाहिए जिसे कि विजयी राष्टरकौ विदुषी महिलां का न्यायालय निरिचत

English

Atharvans, etc.

अध्याय १६

श्लोक 8.2-17

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

सेनापति के (पाशात्) दण्ड विघान कूपी फदे से (मोचि, मा) मुक्त न हो का० १६ 1 अनु २। सुऽ भ्रयवंवेद-जाष्ये । २७९

English

Whatever, etc. Let him not be freed from the noose of the

अध्याय १६

श्लोक 8.2-18

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

निज सेनिक नियमो के भनुसार, पराजित सेनापति भ्रादि को यथोचित्त विधान रूपी (पायात्) फे से (मोचि, मा) मूक्त न हो प्रजापतेः = प्रजापति का श्रसिप्राय है, राजा । यशा “समाचमा

English

Trees, etc.

अध्याय १६

श्लोक 8.2-19

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

राष्ट मे, पराजिते परराष्ट् के रौजा- के साथ-व्यवहार कैरने,के.जो निंयज निर्षारित षै, तदनुसार धराजित राजा; को दण्ड देनेःका -विधान मन्त्रे २५० भथववेद-भाष्य का० १६ भ्रनु० । २। सू०८

English

Whatever, etc. Let him not be freed from the noose of

अध्याय १६

श्लोक 8.2-20

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

(सः) वह (ऋषोणाम्) ऋषियों के (पाशात्) फदे से (मोचि, मा) श्रदशितं मागं-से दण्डित करना चाहिए । ऋषियों के सम्बन्ध में कहाहै

English

Shrubs, etc.

अध्याय १६

श्लोक 8.2-21

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

, . २।३६।४) । भ्र्थात् ऋषि घोर हीते , नियमो के पालन करने भ्रौर करने विचार होता है, वह् सृत्य होता है। यहं ही ऋषियों का पाच्च है । इस

English

Whatever, etc. Let him not be freed from the noose of the

अध्याय १६

श्लोक 8.2-22

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

ताकि पूनः वे पक्षपाते प्राकर युद्धो मेँ सहयोगनदियाकरे (खः) वह भ्रपराधों (भथाखाम्) ऋषि परम्परा हारा प्रचलित

English

Seasons, etc.

अध्याय १६

श्लोक 8.2-23

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

का० १६ । भनुऽ २ । सुर भथर्वेवेद-माध्य २८१ - दण्ड विधानों या ऋषिर्यो के सदृपदेशो के (पाशात्) बन्धन से (मोचि, मा

English

Whatever, etc. Let him not be freed from the noose of the

अध्याय १६

श्लोक 8.2-24

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

इस के प्रभिप्राय के लिये देखो (मन्त्र ४७) । भ. बिपाम गह पि बल्वीहठ महात्मा को ऋषिवर के सदपदेश क. सुनने श्नौर उन का सत्वं करने मेँ बाधित करना चाहिए, ताकि . वे ऋषियों की सस्ति

English

Season-groups, etc.

अध्याय १६

श्लोक 8.2-25

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

२५८९ भरथवेवेद भाष्य काऽ १६ ॥ भ्रनु० २। सुऽ भ्ओषधियों के (पाशाद्) बन्धन से (मोचि, मा मृक्तनहो।

English

Whatever, etc. Let him not be freed from the noose of the

अध्याय १६

श्लोक 8.2-26

तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॑सौ यः

tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

रीः, श्राङ्किरसीः, हैवीः, मनुष्य जाः। यथा ('्भाथंभो, राङ्छिरसीववीमंनु- परीक्षित वो द्वारा ही कराना चाहिए, ताकि उन का जीवन खतरे.

English

Months, etc.

अध्याय १६

श्लोक 8.2-27

३०।तस्मा॑द॒मुं निर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः

30| tasmādamuṃ nirbhajāmo'mumāmuṣyāyaṇamamuṣyāḥ putramasau yaḥ

हिन्दी अर्थ

का० १६। भ्रनु९् २ सू०८ श्रथवंवेद-ाष्य २८३ वैद्यो के (पाशात्) बन्धन से (मोचि, मा) मुक्तन हो।

English

Whatever, etc. Let him not be freed from the noose of the Half- months, etc.

अध्याय १६

श्लोक 8.3

२ स ग्राह्याः॒ पाशा॒न्मा मो॑चि

2 sa grāhyāḥ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

भ्रायवंरीः श्नोषधियां =देखो (मन्त ५५) । यहे मनोवल चिकित्सा अवी-वैश; मुष रूप में “मनोबल चिकित्सक” है, जोकि हिप्नो-

English

We have come to the light of heaven; to the light of heaven have we come: we have united

अध्याय १६

श्लोक 8.3-2

स निरृ॑त्याः पाशा॒न्मा मो॑चि

sa nirṛtyāḥ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

ह। इन भरधर्वरा-ववों हारा, बन्दीकृतं श्रपराधियों के मानस भादि रोगो को चिकित्सा करवानी -चाहिए । भ्रथर्वा =! -थवंतिः (चरतिक्मा)"" १. अवंतिदयरतिकर्मा तलातिषेवेः (निद० ११।२।१ ९) । तथा भ्रथर्ववेद का उपवेद श्रागुेद ै । ॥

English

Night, etc.

अध्याय १६

श्लोक 8.3-3

सोऽभू॑त्याः॒ पाशा॒न्मा मो॑चि

so'bhūtyāḥ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

वृत्तिर्यो वाले §, ेसे वैद्य मनोबल-चिकित्सक होते है (सः) बह अरप्ररावी. (वनस्पतीनागू) वानस्पतिक-भोजन के (पाशात्) बन्धन से (मोचि, मा) मूक्तनहो। र „=

English

Whatever, etc. Let him not be freed from the noose of continued

अध्याय १६

श्लोक 8.3-4

स निर्भू॑त्याः॒ पाशा॒न्मा मो॑चि

sa nirbhūtyāḥ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

निरामिष भोजन ही देना चाहिए, चाहे वहं मांस भोजी ही क्यो न हो । मात्र मोजन वंदिकषमं के विपरोत है । यथा “पंयः-पदयुनां रसमोषधीनां

English

Day, etc.

अध्याय १६

श्लोक 8.3-5

स परा॑भूत्याः॒ पाशा॒न्मा मो॑चि

sa parābhūtyāḥ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

का दुध न हि मांस, तथा श्रोषधियों का रस न कि शराब, सर्वतो- . महानु उत्सादक परमेश्वर ने मेरे लिये नियत किया का० १६ श्रनु9 २।॥सु० न प्रथरवरवेद-भाष्य २८१५

English

Whatever, etc. Let him not be freed from the noose of Heaven and Earth, etc.

अध्याय १६

श्लोक 8.3-6

स दे॑वजामी॒नां पाशा॒न्मा मो॑चि

sa devajāmīnāṃ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

। (सः) वह श्रपराघी (वानस्पत्यानामू) वनस्पतियों के फलों के भोजन के (पादात्) बन्धन सेः (मोचि, मा) मुक्तन हो। तथा विना. पुष्पों के जिन पर फलः लगते है वे वनस्यति ह) परन्तु वनस्पति” का प्रयोग सवं साधारण वृक्षौ तथा सन्निरयो के लिये मी

English

Whatever, etc. Let him not be freed from the noose of Indra Agni, etc.

अध्याय १६

श्लोक 8.3-7

स बृ॒हस्पतेः॒ पाशा॒न्मा मो॑चि

sa bṛhaspateḥ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

यहाँ से बन्दोकृत श्रपराघौ की कालावधि का वरान हुभ्रा है । यथा-- २८६. भ्रथवबेद-भाष्य काऽ १६ भनु ॥२। सू०८

English

Whatever, etc. Let him not be freed from the noose of Mitra Varuna, etc.

अध्याय १६

श्लोक 8.3-8

स प्र॒जाप॑तेः॒ पाशा॒न्मा मो॑चि

sa prajāpateḥ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

(सः) वह श्रपराधी (ऋतुनाम् के (पालात् बन्धन से ऋतूनाम् =गुद्धापराधियों को श्रतिदीरघ॑काल तक या मृत्यु तक बन्दीङ्ृत न करना चाहिए, श्रपितु कतिपय ऋतुर्न की कालावधि तक

English

Whatever, etc. Let him not be freed from the noose of King

अध्याय १६

श्लोक 8.3-9

स ऋषी॑णां॒ पाशा॒न्मा मो॑चि

sa ṛṣīṇāṃ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

. ही न्ह कारागार मेँ रखना चाहिथै। इसकौील्भे उनका सुधार कर उन्ह कारागार से मूक्त.कर देना चाहिए

English

Varuna, etc.

अध्याय १६

श्लोक 8.3-10

स आ॑र्षे॒याणां॒ पाशा॒न्मा मो॑चि

sa ārṣeyāṇāṃ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

(स) वहं ्रपराघी (श्रातवानाम्) भरा्तवकाल के (पाचात) ब से (मोचि,मा) गृक्तनहौ। . , . ह प्रातंवांनाम् इस का भरथं .भ्रनिरिचत है । भरयरवेवेद भें आतंव" काल प्रतीत होता है । इसी प्रकार “ऋतवः (१५।१६।५), भ्रात॑वाः (१ ५।१६॥

English

Whatever we have gained, whatever hath accrued to us, our

अध्याय १६

श्लोक 8.3-11

सोऽङ्गि॑रसां॒ पाशा॒न्मा मो॑चि

so'ṅgirasāṃ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

९), घवत्परः (१५।१९७) भे भी भ्रातंव काल ऋतुकाल से .दीषं -परतीत होता है । भरतः भ्ातंव=ऋतु समूह । . भर्षंमासानाम्-के कथन की भ्रावश्यकता न होती ।

English

Right, our energy, our Devotion, our heavenly light, our sacrifice, our domestic animals, our

अध्याय १६

श्लोक 8.3-12

स आ॑ङ्गिर॒सानां॒ पाशा॒न्मा मो॑चि

sa āṅgirasānāṃ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

का० १६ । भ्रनु° २। सु० ८ भरयववेद-भाष्य २०८७ श्रातवः केदो श्रयं दिये हैः १. . ऽ्छ0ण; २: ० 6 लवा; 4

English

offspring, our men,—from all share herein we exclude Such-as-one, descendant of Such- an one, son of Such-a-woman. Let him not be freed from the fetter and noose of Death. Here I

अध्याय १६

श्लोक 8.3-13

स आ॑थर्व॒णानां॒ पाशा॒न्मा मो॑चि

sa ātharvaṇānāṃ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

ऋतुसमूहाथंक प्रतीत होता है । यदि भ्रातंव का भ्रं त्वंश ही होता तो मासानामु, 1. श्रथव्रवेद-भाष्य का १६। प्नु०२। सुऽ

English

bind up his splendour, his energy, his vital breath, his life, and cast him down beneath me.

अध्याय १६

श्लोक 8.3-14

स वन॒स्पती॑णां॒ पाशा॒न्मा मो॑चि

sa vanaspatīṇāṃ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

. (सः) वह भ्रपराषी (अंमासानाम्) भाषे मासोकेकालके (पा- लात्) बन्धन से (मोचि, मा) मुक्तन हो। ऋतुधमूहा्षंक प्रतीत होता है । यदि प्रातंव का भयं त्वंश ही होता तो मासानाम, प्र्वमाचानाम- के कथने की. भावदयकता न होती । ।

English

A charm to secure wealth and felicity

अध्याय १६

श्लोक 8.3-15

स वा॑नस्प॒त्यानां॒ पाशा॒न्मा मो॑चि

sa vānaspatyānāṃ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

क० १६।श्रतु०२।सू० ष भरथवववेद-भाष्य २८६

English

Ours is superior place and ours is conquest: may I in all fights tread down spite and malice.

अध्याय १६

श्लोक 8.3-16

स आ॑र्त॒वानां॒ पाशा॒न्मा मो॑चि

sa ārtavānāṃ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

(सः) वह भ्रषराधौ (संयतः) मिले हृए) (अह्नोः) दिन भौर रातं के काल के (पाशात्) बन्धन से (मोचि, मा) मुक्तन हो ।

English

This word hath Agni, this hath Soma spoken. May Pūshan set me in the world of virtue.

अध्याय १६

श्लोक 8.3-17

स मासा॑नां॒ पाशा॒न्मा मो॑चि

sa māsānāṃ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

श्रह्लोः = गरहः का भ्रथं है दिन । परन्तु रहः का अथं रात भी है ।

English

We have come to the light of heaven; to the light of heaven have we come: we have united

अध्याय १६

श्लोक 8.3-18

सोऽहोरा॒त्रयोः॒ पाशा॒न्मा मो॑चि

so'horātrayoḥ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

(सः) वह भ्रपराघी (द्यावापृथिव्योः) दचयुलोक भौर पृथिवी लोक के (पाशात्) बन्धन से (मोचि, मा) मुक्त नहो । सम्भवतः भ्रभि्राय यह कि उस के लिये चुलोकं रौर पृथिवीलोक" सुखदायी भौर कल्याणकारी न हों, यह ई्वर से प्राथनामाध ही दण्डरूप है । प्राना से उसके प्रति सदभावना काः भभाव -चोतित

English

with the light of Surya.

अध्याय १६

श्लोक 8.3-19

सोऽह्नोः॑ संय॒तोः पाशा॒न्मा मो॑चि

so'hnoḥ saṃyatoḥ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

भर्वात् उस के. लिये ये सुखदायक न हों

English

Sacrifice is fraught with wealth for the increase of prosperity. I would win riches; fain would

अध्याय १६

श्लोक 8.3-20

स द्यावा॑पृथि॒व्योः पाशा॒न्मा मो॑चि

sa dyāvāpṛthivyoḥ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

लिये सुखदायक न हो यह ईवरसे प्राथंना है बन्धन से (मोचि, मां) मुक्तनदहो।

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.3-21

स इ॑न्द्रा॒ग्न्योः पाशा॒न्मा मो॑चि

sa indrāgnyoḥ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

भ्रथात् सुं को “मित्र” कहा है। तथा “"वद्शः बुणोतीति सतः” (निर०

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.3-22

स मि॒त्रावरु॑णयोः॒ पाशा॒न्मा मो॑चि

sa mitrāvaruṇayoḥ pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

नोचे को भ्रोर द्वार वाले तथा जल को बांधे हए मेघ को विसजित करता . है, भौर धुलोकं भौर पृथिवीलोक तथा भ्रन्तरिकषी कीः प्रकट करता है । भौर नतिक जीवनके विरुद्ध दहै। वेद, स्वश्रैर भर भर्या पराए

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.3-23

स राज्ञो॒ वरु॑णस्य॒ पाशा॒न्मा मो॑चि

sa rājño varuṇasya pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

केरता है; तथा मनोभावना पुवंक श्रौर विचारपूर्वंक संज्ञान में रहते हए युद्धो मे मार-काटके कारण उ ब्रा्तंनादों को श्रवाच्नछित ठहरता, तथा

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.3-24

३१।स मृ॒त्योः पड्वी॑शा॒त् पाशा॒न्मा मो॑चि

31| sa mṛtyoḥ paḍvīśāt pāśānmā moci

हिन्दी अर्थ

संजानामहै मनसा संचिकित्वा भा युष्महि मनसा देग्येन । १ से ८८ मन्त्रौ मै, युद्धापराधियों को नानाविध दण्ड देने तथा जेल को सजा देने का वंन हुप्रा है । श्रौर ९१. ९५. ९€ मन्तो मँ परमेदवर

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4

३ तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

3 tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

नरसृहारी युदधापराधियों के लपे. कल्यारकारिणी तंथा सुख शान्ति देने

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-2

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

वालीनहों+ इनके लिये प्राकत्तिक शक्तियों का कल्याणकारी तथा कल्याणकारी तथा सुख शान्ति प्रदान करतीं, तथा किन्दीं के लिथे दुःखी शभरौर कष्टोकाकारण बनती हैँ) यह सब कुखकर्मोकेहीफलदहै। इसी लिये ये किन्हीं के लिये तो शिव स्वरूप भ्रौर कन्हं के लिये पारारूप हो

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-3

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

का १६ 1 प्रनु° २। सु० ल ग्रथववेवेद-माष्यं । २६३

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-4

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

तक देख .रहे हं (मन्व ४); तथा वरण के पाक्ष भ्नृतवादी को तो चिन्न- तेरे पां से श्ुटा न रहे (मन्त्र ७) । परराष्टर को पराधीन करने तथा

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-5

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

है । भ्रतः एेसे भनृतवादी तथा भ्रनृत व्यवहारी लोग, वरुण-राजा के

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-6

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

कृरता है, तो वहु पर राज्य -तंथा उस की सम्पत्तिके लोभसेप्रेरितहो कर नहीं करता, भषितुं उनके विरतो को सत्यंमार्यं पर लने के लियेही चित्तमेषाम्” भथवं° २।१।४) । इस लिये राजा-बर्ण के पार्शो.से वैदिक

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-7

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

राष्ट उन्मुक्त रहता है । जसे कि कहा है कि “यः सत्यबादी, अति तं

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-8

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

व जञ्जोर लगाने कूपं (पाचातु) फंदे या बन्धन से (मोचि, मा) मक्त ज्म) पृथिवी कौ उदुभेदन कर के जो. वनोपवुन हुए है रे. -(भ्रस्माकमु) हुपभारे हो गये है, (विद्वः) शत्रु कौ अब (भ्ररातोः) भदानी - भर्थातु

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-9

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमेनमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

का० १६ । प्रनु० २ । सु ९ भथवेवेद-भाष्य २९५

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-10

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

४६०. तदग्निराह तदु सोमं आह.पृषा मां धात् सुकृतस्य लोके ॥२॥ मु्फ रांजा को सुचितं किया है, (तद् उ) उसे के' सम्बन्ध में, निदचय से, (सोभः) सेना के प्रेरकने (श्राह) मुभ राजा को सूचित किया है। (पूषा) पुष्टि प्रदाता परमेश्वर (मा) मुक राजा को (सुकृतस्य) सुकमियों के (लोके) समाज मे (धात्) स्थापित करे।

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-11

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

सोमः=सेना प्रेरक; "षृ प्रेररो । यथा “इन्र एषा : नैता, बहस्पति- देधषिरा, यज्ञः पुर एतु सोमः । देव धिलानामभि भञ्जती्नां जयन्तीनां भरतो. य॑न्तु भ्ये . (भ्रथवे° १६।१३।९) मे “सोम” को "पुर एतु? दरा

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-12

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

भयते नानृतम् के भनुसार सत्य की.ही विजय होती है । सुकृतस्य लोके = सुकर्मी-राजार्भो के समाज मे।वे राजा सुकर्म

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-13

सोऽथ॑र्वणां॒ पाशा॒न्मा मो॑चि ।तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

so'tharvaṇāṃ pāśānmā moci | tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

लोक लोग, समाज । यथा “यद्यदा चरति भेष्टस्तत्तदेवेतरो. जनः ।

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-14

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

२९६ भथववेद-माष्य का? १६ भनु०।२।सू०९ मयत् प्रमाणं कुरते लोकस्तवनुवरतेते” (गोता ३।२९ मेँ लोक का भरथं

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-15

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

है लोग । “लोके पद द्वारा परलोक न जान कर इहलोक बर्थ ही जानना

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-16

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

ज्योति के साथ (सम्, म्रगन्म) हम संगत हुए ्है॥ तथा दान रहित वाले कंस राष्ट पर अब्र शान्ति्रिय राजाकी सेना

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-17

स ऋ॑तू॒नां पाशा॒न्मा मो॑चि ।तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

sa ṛtūnāṃ pāśānmā moci | tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

लगी । खुश मेँ “अगन्म ओर स्वः कादोवबार कथन हुभ्रा है, “जम्यासे

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-18

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

विना राष्ट यज्ञ सफल नहीं हौ सक्ता । (वस्यो भयाय) भरधिक 'वंसुमानु बाला वै राजा होऊ । (वयुनाम् भूयास्षमु) है परमेरवर ! प्राप कीङपा

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-19

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

राजा राष्ट्र को, यज्ञिय .भावनयने वलाने के लिये, परमेदवैरं कौ

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-20

सोऽर्धमा॒सानां॒ पाशा॒न्मा मो॑चि ।तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

so'rdhamāsānāṃ pāśānmā moci | tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

परराष्टर पर भ्रक्रमणख द्वारा नहीं। विमि कान्तिरमा (निट० २।६), भ्रथवा “वनु याचने” वंसिषीय ? ।

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-21

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

का० १६ ्रनु०२।सूु०९ भ्रयववेद-भाष्य २९७ द्वितीय भ्रनुवाक कासार

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-22

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

दण्ड विधान, तथा विजयी राजा की प्रसन्नता का वणन (सूक्त त, ९) भी काण्ड की समाप्ति पर गौणरूप मेँ किया गया है ।

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-23

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

द्वितीय भ्रनुवाक तथा १६ वां काण्ड समाप्त

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-24

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

१० भ्रष्टपदा धृतिः । १२ कृतिः । १३ प्रकृतिः । १४,१५ पञ्नपदा शववरी, (विषासहिम्) सदा से पराभवकारी, तो मी (सहमानम्) सहिष्णु,

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-25

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

के विजेता, (स्वजितम्) सुखो पर विजय पाये हुए, श्रानन्दमय, तथा यलोक पर विजय पाये हुए, (गोजितम्) . पृथिवी परः विजय पे हुए,

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-26

तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

इस काण्ड मेँ मुख्य रूप. से परमेष्वर का तथा बीच बीच मेँ गौर- कार १७ । सू° १ भ्रथववेद-भाष्य २९९

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 8.4-27

३२।तस्ये॒दं वर्च॒स्तेजः॑ प्रा॒णमायु॒र्नि वे॑ष्टयामी॒दमे॑नमध॒राञ्चं॑ पादयामि

32| tasyedaṃ varcastejaḥ prāṇamāyurni veṣṭayāmīdamenamadharāñcaṃ pādayāmi

हिन्दी अर्थ

कृति है जिसमें कि शक्तिमानु परमेष्वर विद्यमानु है, जिस के किभ्रनु-

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 9.1

जि॒तम॒स्माक॒मुद्भि॑न्नम॒स्माक॑म॒भ्यऽष्ठां॒ विश्वाः॒ पृत॑ना॒ अरा॑तीः

jitamasmākamudbhinnamasmākamabhya'ṣṭhāṃ viśvāḥ pṛtanā arātīḥ

हिन्दी अर्थ

नासन से भ्रादित्य उवित हो रहा है यथा . “भीषाऽस्माद्वातः पवते । भीषो- १।१) । संधनाजितम् समग्र घनोँ पर, विजय पाए हुए । धन =प्राकृतिक

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 9.2

तद॒ग्निरा॑ह॒ तदु॒ सोम॑ आह पू॒षा मा॑ धात् सुकृ॒तस्य॑ लो॒के

tadagnirāha tadu soma āha pūṣā mā dhāt sukṛtasya loke

हिन्दी अर्थ

कर भ्रासन जमाने से, विचार तथा जीवन सात्विक बन जाते है, .परि-

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 9.3

अग॑न्म॒ स्वः॑१ स्वऽरगन्म॒ सं सूर्य॑स्य॒ ज्यो॑ति॑षागन्म

aganma svaḥ1 sva'raganma saṃ sūryasya jyotiṣāganma

हिन्दी अर्थ

है । राजसिक तथा तामसिक . विचार तथा तदनुरूप जीवन दुःखप्रद तथा भ्रल्पायुष्य वाले होते है । हेदथं नाभं इ इन्द्र॑ भियो देवानां भूधासम् ॥२॥

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

अध्याय १६

श्लोक 9.4

व॒स्यो॒भूया॑य॒ वसु॑मान् य॒ज्ञो वसु॑ वंसिषीय॒ वसु॑मान् भूयासं॒ वसु॒ मयि॑ धेहि

vasyobhūyāya vasumān yajño vasu vaṃsiṣīya vasumān bhūyāsaṃ vasu mayi dhehi

हिन्दी अर्थ

(शवेता० उप० २।१२) भर्याु जिस का शरीर योगाग्नि.से सम्पन्न ्ो .जाता है, यह योगाग्नि उस के रजोगुण शभ्रौर तमोगुण को भस्मीभूत कर सात्विक.कर देती है; जिस का परिणाम यह होता है कि योगी रोगो, जरा तणा दीघर मृत्यु का दकार नहीं होता । इस भाव को मनुस्मृति में भी . भरभिषव्यक्त किया -ईै"। भथा

English

I be wealthy. Do thou bestow wealth upon me.

स्रोत: bhavykhatri/DharmicData · प्राप्त 3/6/2026

शास्त्रीय प्रामाणिकता एवं पारदर्शकताSources & Interpretation

स्रोत, संस्करण एवं व्याख्या वर्गीकरण

धर्म ग्रंथ पर मूल शास्त्र, पारंपरिक भाष्य और आधुनिक व्याख्या को पूर्णतः पृथक रखा जाता है ताकि पाठक को किसी भी व्याख्या के शास्त्र होने का भ्रम न हो।

सामग्री वर्गीकरण संकेत (Epistemic Content Labels)

६ स्तरिय प्रमाण व्यवस्था
मूल पाठOriginal text

अपौरुषेय / प्रामाणिक शास्त्र (Primary Canonical Scripture)

मूल संस्कृत, प्राकृत अथवा अवधी श्लोक/मंत्र। यह सर्वोच्च प्रमाण (प्रस्थान) है। इस पाठ में किसी भी आधुनिक व्याख्याकार का हस्तक्षेप नहीं है।

शाब्दिक अनुवादLiteral translation

पदार्थ व अन्वय (Direct Grammatical & Word-for-Word Meaning)

व्याकरणसम्मत प्रत्यक्ष शब्दार्थ (अन्वय)। बिना किसी दार्शनिक संप्रदाय के पूर्वाग्रह के, संस्कृत शब्दों का सटीक भाषांतर।

पारंपरिक भाष्यTraditional commentary

आचार्य परंपरा व टीका (Classical Lineage Commentary)

प्राचीन आचार्य परंपरा (यथा शंकराचार्य, रामानुजाचार्य, मध्वाचार्य, श्रीधर स्वामी) द्वारा विरचित शास्त्रीय भाष्य व टीकाएं।

सरल व्याख्याSimple explanation

भावार्थ व सुबोध प्रबोधन (Accessible Pedagogical Exposition)

आधुनिक जिज्ञासुओं के लिए सरल भाषा में भावार्थ। यह मूल मंत्र नहीं, बल्कि पाठ को सुगम बनाने हेतु संपादकीय व्याख्या है।

आधुनिक चिंतनModern reflection

समसामयिक विमर्श व अनुप्रयोग (Contemporary Application & Analysis)

दार्शनिक, मनोवैज्ञानिक व वैज्ञानिक समरूपताओं पर आधुनिक चिंतन। यह मूल शास्त्र का अंग नहीं है और इसे शास्त्रोक्त सिद्धांत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

शोध टिप्पणीResearch note

पांडुलिपि एवं ऐतिहासिक शोध (Critical Apparatus & Manuscript Research)

पांडुलिपि विविधताएं, पाठ-भेद (variant readings), छंद रचना, और ऐतिहासिक व तुलनात्मक भाषावैज्ञानिक शोध। यह शास्त्र का मूल संदेश बदलने हेतु नहीं, बल्कि पाठ की प्रामाणिकता परखने के लिए है।

पहचानकर्ता:Atharva Veda — Chapter 16
संस्कृत संस्करण:Imported text; printed edition not recorded

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पुरालेखागार / स्रोत:Open Sanskrit text archives (see the source link)
गणना पद्धति:

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