अध्याय ३६३
श्लोक 1
ब्रह्मवर्गः अग्निर् उवाच वंशो ऽन्ववायो गोत्रं स्यात् कुलान्यभिजनान्वयौ ।मन्त्रव्याख्याकृदाचार्य आदेष्टा त्वध्वरे व्रती
brahmavargaḥ agnir uvāca vaṃśo 'nvavāyo gotraṃ syāt kulānyabhijanānvayau / mantravyākhyākṛdācārya ādeṣṭā tvadhvare vratī
हिन्दी अर्थ
और कुवलय-ये कमल और कुमुद आदिके साधारण नाम हैं। श्वेत उत्पलको कुमुद और कैरव कहते हैं। कुमुदकी जड़का नाम शालूक (सेरुकी) है। पद्म, तामरस और कञ्जये कमलके पर्याय हैं। नील उत्पलका नाम कुवलय और रक्त उत्पलका नाम कोकनद बताया गया है। पद्मकंद अर्थात् कमलकी जड़का नाम करहाट और शिफाकंद है। कमलके केसरको किञ्जल्क
English
The dafamUliy chinnaruhdy mustard, d&rUy pmamavdy Hgru and dry ginger are beneficial for (remedying) fevers, abscess and swelling.