अध्याय १९६
श्लोक 1
इति श्रीगारुडे महापुराणे पूर्वखण्डे प्रथमांशाख्ये आचारकाण्डे षण्णवत्यधिकशततमो ऽध्यायः श्रीगरुडमहापुराणम्- १९७ धन्वन्तरिरुवाच ।गारुडं संप्रवक्ष्यामि गरुडेन ह्युदीरितम् ।कश्यपाय सुमित्रेण विषहृद्येन गारुडः
iti śrīgāruḍe mahāpurāṇe pūrvakhaṇḍe prathamāṃśākhye ācārakāṇḍe ṣaṇṇavatyadhikaśatatamo 'dhyāyaḥ śrīgaruḍamahāpurāṇam- 197 dhanvantariruvāca / gāruḍaṃ saṃpravakṣyāmi garuḍena hyudīritam / kaśyapāya sumitreṇa viṣahṛdyena gāruḍaḥ
हिन्दी अर्थ
जाता है। है शंकर! लाङ्गलिका मूल तथा इक्षुदर्भ ही नष्ट हो जाता है। श्वेत अपराजिताकी जड़ नामक औषधिको पीसकर उसके लेपसे शल्य- चावलकी धोवनमें पीसकर उसका नस्य लेनेसे काँटायुक्त व्रणका मुख संलिप्त करनेपर काँटा भूत भाग जाते हैं। निकल जाता है तथा बहुत दिनोंका गडा हुआ भी है शिव! काली मिर्चके साथ अगस्त्य-पुष्पके
English
The syllables Om etc. must be psychically located in the feet, knees, thighs, belly, heart, chest, mouth and th head in order.