अध्याय २१८
श्लोक 1
॥ इति श्रीस्कान्दे महापुराण एकाशीतिसाहस्र्यां संहितायां पञ्चम आवन्त्यखण्डे रेवाखण्डे एरण्डीतीर्थमाहात्म्यवर्णनं नाम सप्तदशोत्तरद्विशततमो ऽध्यायः ॥ र्क्व् अध्याय २१८ श्रीमार्कण्डेय उवाच: ततो गच्छेद्धराधीश तीर्थं परमशोभनम् ।जमदग्निरिति ख्यातं यत्र सिद्धो जनार्दनः
|| iti śrīskānde mahāpurāṇa ekāśītisāhasryāṃ saṃhitāyāṃ pañcama āvantyakhaṇḍe revākhaṇḍe eraṇḍītīrthamāhātmyavarṇanaṃ nāma saptadaśottaradviśatatamo 'dhyāyaḥ || rkv adhyāya 218 śrīmārkaṇḍeya uvāca: tato gaccheddharādhīśa tīrthaṃ paramaśobhanam / jamadagniriti khyātaṃ yatra siddho janārdanaḥ
हिन्दी अर्थ
इन उपर्युक्त विषयों के अतिरिक्त कुछ अश्य ज्ञातव्य बातें शेष रह जाती हैं या नहीं (?) भगवान् व्यास देव को अथवा आप को ऐसी कोई बात नहीं है जो ज्ञात न होगी अथवा किन्हीं कारणों से आप लोग उसे छिपा रहे होंगे । इस बिषय को लेकर हमारे मन में बड़ा सन्देह है, आप समस्त पुराणों के जाननेवाले परम् विद्वान् हैं, कृषया हमारी संशय निवृत्ति करें सूत बोले- झौनक जी ! इस परम दुलंभ प्रइन का उत्तर सुनिये, बतला रहा हूं। यह अत्यन्त गोपनीय, दिव्यगुण सम्पन्न एवं जिसी किसी से कहने योग्य नहीं है। पराशर पुत्र भगवान् व्यासदेव ने समस्त वेदाथों के सारभूत पुराणों की रचता जब कर चुके तब भपने चित में विचार किया कि इन पुराणों में वर्णा- श्रम मर्यादा को मानने वालों के धर्मों का मैं भली तरह मिरूपण कर चुका, वेदों के अनुसार चलने वाले
English
This Purana narrated by Kfsna Dvaipayana, the ex¬ pounder of Biahman (Vedas), is conducive to wealth, fame, longevity and great merit. It is on a par with the Vedas.