अध्याय १६९
श्लोक 1
प्रायश्चित्तानि पुष्कर उवाच एतत्प्रभृतिपापानां प्रायश्चित्तं वदामि ते ।ब्रह्महा द्वादशाब्दानि कुटीङ्कृत्वा वने वसेत्
prāyaścittāni puṣkara uvāca etatprabhṛtipāpānāṃ prāyaścittaṃ vadāmi te / brahmahā dvādaśābdāni kuṭīṅkṛtvā vane vaset
हिन्दी अर्थ
झुंडमें भी अपनी माँके पास पहुँच जाता है, उसी प्रकार पूर्वजन्मका किया हुआ कर्म जन्मान्तरमें भी कर्ताको अवश्य ही प्राप्त होता है। इस जगत्का आदि और अन्त अव्यक्त है, केवल मध्यकी अवस्था ही व्यक्त होती है। जैसे जीवके इस शरीरमें कुमार तथा यौवन आदि अवस्थाएँ क्रमशः आती रहती हैं, उसी प्रकार मृत्युके पश्चात् उसे दूसरे शरीरकी भी प्राप्ति होती है। जैसे मनुष्य
English
A quarter less (of the above expiation) should be ob¬ served if (the cow or ox) dies on account of taming (goading) or cliaining or conhning or yoking to a cart or (while being tied) to the pillar, chain or rope.