अध्याय २३७
श्लोक 1
राजधर्माः राम उवाच स्वाम्यमात्यञ्च राष्ट्रञ्च दुर्गं कोषो बलं सुहृत् ।परस्परोपकारीदं सप्ताङ्गं राज्यमुच्यते
rājadharmāḥ rāma uvāca svāmyamātyañca rāṣṭrañca durgaṃ koṣo balaṃ suhṛt / parasparopakārīdaṃ saptāṅgaṃ rājyamucyate
हिन्दी अर्थ
देना-यह “अमानुषी माया' है। पूर्वकल्पकी चतुर्युगीमें जो द्वापर आया था, उसमें पाण्डुवंशी भीमसेनने स्त्रीके समान रूप धारण करके अपने शत्रु कीचकको मारा था॥ ६३--६५॥ (मृगया आदि) तथा बड़ेके साथ युद्धमें प्रवृत्त हुए आत्मीय जनको न रोकना 'उपेक्षा' है। पूर्वकल्पवर्ती भीमसेनके साथ युद्धमें प्रवृत्त हुए अपने भाई हिडिम्बको हिडिम्बाने मना नहीं किया,
English
After bathing the dead body, it should be cremated after being worshipped with flowers. Never should the (dead) body be cremated naked. A part (of the body) should be left (un¬ covered).