अध्याय ६४
श्लोक 1
इति श्रीमार्कण्डेयपुराणे स्वारोचिषे मन्वन्तरे त्रिषष्टितमो ऽध्यायः चतुः षष्टितमो ऽध्यायः- ६४ मार्कण्डेय उवाच एवं विमुक्तरोगा तु कन्यका तं मुदान्विता ।स्वरोचिषमुवाचेदं शृणुष्व वचनं प्रभो
iti śrīmārkaṇḍeyapurāṇe svārociṣe manvantare triṣaṣṭitamo 'dhyāyaḥ catuḥ ṣaṣṭitamo 'dhyāyaḥ- 64 mārkaṇḍeya uvāca evaṃ vimuktarogā tu kanyakā taṃ mudānvitā / svarociṣamuvācedaṃ śṛṇuṣva vacanaṃ prabho
हिन्दी अर्थ
त्रिकालवेत्ता पुरोहितने उसका नाम “दम” रखा। राजकुमार दमने हैत्यराज वृषपर्वासे सम्पूर्ण धनुर्वेदकी शिक्षा पायी। तपोवननिवासी हैत्यराज दुन्दुभिसे सम्पूर्ण अस्त्र प्राप्त किये। महर्षि शक्तिसे वेदों तथा समस्त वेदाड़ोंका अध्ययन किया और राजर्षि आर्टिषेणसे योगविद्या प्राप्त की। वे सुन्दर रूपवान्, महात्मा, अस्त्रविद्याके ज्ञाता और महान् बलवान् थे; अतः
English
Then the adorable god made the Prajdpati named Svaro- cisha D)’uti-mat a Manu. Listen to his Manv-antara; who