अध्याय २७
श्लोक 1
॥ इति श्रीनरसिंहपुराणे सूर्यवंशानुचरितं नाम षड्विंशो ऽध्यायः ॥ नर्प् २६ ॥ अथ सोमवंशोद्भवानां भूभुजां संक्षेपेण चरितम् उच्यते
|| iti śrīnarasiṃhapurāṇe sūryavaṃśānucaritaṃ nāma ṣaḍviṃśo 'dhyāyaḥ || narp 26 || atha somavaṃśodbhavānāṃ bhūbhujāṃ saṃkṣepeṇa caritam ucyate
हिन्दी अर्थ
है। बता तो सही, तूने इस सिंहासनपर बैठनेके लिये कौन-सा पुण्यकर्म किया है? यदि पुण्य ही किया होता तो क्या अभागिनीके गर्भसे जन्म लेता? राजकुमार होनेपर भी तू मेरे उदरकी शोभा नहीं बढ़ा सका है। इसी बातसे जान ले कि तेरा पुण्य बहुत कम है। उत्तम कोखसे पैदा हुआ है-कुमार “उत्तम” जो सर्वश्रेष्ठ है; देखो, वह कितने सम्मानके साथ पृथ्वीनाथ महाराजके दोनों घुटनोंपर बैठा है॥ ७--१०१/॥
English
About Candra Vamsa (The Lunar Clan) 3Tsr iraq;