अध्याय २८
श्लोक 1
________________________________________________________________________ पुलस्त्य उवाच ।ततो गिरौ वसन् रुद्रः स्वेच्छया विचरन् मुने ।विश्वकर्माणमाहूय प्रोवाच कुरु मे गुहम्
________________________________________________________________________ pulastya uvāca / tato girau vasan rudraḥ svecchayā vicaran mune / viśvakarmāṇamāhūya provāca kuru me guham
हिन्दी अर्थ
उनके पाप नहीं रह जाते। जो व्यक्ति उस आपगा नदीके तटपर जाकर श्राद्ध करेंगे, वे निःसंदेह समस्त (शुभ) कामनाओंसे पूर्ण होंगे। सभी पितर कहते हैं तथा पितामह लोग स्मरण करते हैं कि हमारे कुलमें कोई ततो गच्छेत विप्रेन्द्रा ब्रह्मणः स्थानमुत्तमम्। ब्रह्मोदुम्बरमित्येवं सर्वलोकेषु विश्ुतम्
English
Grant of boon to Aditi by lord