अध्याय ३४
श्लोक 1
इति श्रीवाम्नपुराणे त्रयस्त्रिंश्ॐऽध्यायः ________________________________________________________________________ नारद उवाच ।क्व गतः शङ्करो ह्यासीद्येनाम्बा नन्दिना सह ।अनधकं योधयामास एतन्मे वक्तुमर्हसि
iti śrīvāmnapurāṇe trayastriṃśoṃ'dhyāyaḥ ________________________________________________________________________ nārada uvāca / kva gataḥ śaṅkaro hyāsīdyenāmbā nandinā saha / anadhakaṃ yodhayāmāsa etanme vaktumarhasi
हिन्दी अर्थ
उसके बाद नारदभगवान् अपनी दिव्य दृष्टिसे देखकर उससे बोले-राजन्! तुम्हारे पिता म्लेच्छोंके बीचमें जन्मे हैं। उन्हें क्षयरोग और कुष्ठरोग हो गया है। महात्मा नारदके ऐसे वचनको सुनकर वह राजा दुःखी हो गया और विचारने लगा कि अब मुझे क्या करना चाहिए।
English
Account of the forests, rivers and tlrthas of