अध्याय ५६
श्लोक 1
इति श्रीवामनपुराणे पञ्चपञ्चाशो ऽध्यायः ________________________________________________________________________ नारद उवाच ।भगवंल्लोकनाथाय विष्णवे विषमेक्षणः ।किमर्थमायुधं चक्रं दत्तवांल्लोकपूजितम्
iti śrīvāmanapurāṇe pañcapañcāśo 'dhyāyaḥ ________________________________________________________________________ nārada uvāca / bhagavaṃllokanāthāya viṣṇave viṣamekṣaṇaḥ / kimarthamāyudhaṃ cakraṃ dattavāṃllokapūjitam
हिन्दी अर्थ
पाणि शंकर देवीके साथ निवास कर रहे थे। दनु- पुत्रने वहाँ जाकर अन्धकके वचनको ज्यों-का-त्यों कहा। शङ्करने पर्वतनन्दिनीके सुनते हुए उसे उत्तर दिया। बुद्धिमान् इन्द्रने मुझे यह मन्दरपर्वत दिया है।
English
Killing of Rakta-bija, Nisumbha and Kumbha