अध्याय १६७
श्लोक 1
विप्रतीर्थम् इति ख्यातं तथा नारायणं विदुः तस्याख्यानं प्रवक्ष्यामि शृणु विस्मयकारकम्
vipratīrtham iti khyātaṃ tathā nārāyaṇaṃ viduḥ tasyākhyānaṃ pravakṣyāmi śṛṇu vismayakārakam
हिन्दी अर्थ
स्थित हुईं, वह सब स्थान मातृतीर्थ माना जाता गणेशजी-जैसा पुत्र उत्पन्न हो गया। इससे सम्पूर्ण है। वे सभी तीर्थ देवताओंके लिये भी सेव्य हैं, जगत्में महान् उत्सव छा गया है।' यह बात उन फिर मनुष्य आदिके लिये तो बात ही क्या है। देवताओने अपने मुखसे कही थी, जो नवजात शिवजीके कथनानुसार उन तीर्थोमें किया हुआ शिशुके रूपमें गणेशजीको नमस्कार करके कृतार्थ
English
He had three step-brothers, viz. Ravana, Kumbhakarna and Vibhlsana. They were very powerful, endowed with unmeasured luster. They were his enemies as well.