अध्याय २०५
श्लोक 1
प्रद्युम्नाद्या हरेः पुत्रा रुक्मिण्यां कथिता द्विजाः भान्वादिकांश् च वै पुत्रान् सत्यभामा व्यजायत
pradyumnādyā hareḥ putrā rukmiṇyāṃ kathitā dvijāḥ bhānvādikāṃś ca vai putrān satyabhāmā vyajāyata
हिन्दी अर्थ
प्राणियोंक भीतर विराजमान हें । आपसे ही भूत मायासे मोहित हो रही थी । आप मेरे पुत्र हैं, यह और भविष्यकी प्रवृत्ति हुई है । सर्वदेवमय अच्युत! समझकर मैंने कंससे अत्यन्त भय किया था और अचिन्त्य परमेश्वर! यज्ञमें आपका ही यजन किया शत्रुके भयसे व्याकुल होकर आपको गोकुल ले जाता है। परमेश्वर ! आप ही यज्ञ हैं और आप गया था। गोविन्द! वहाँ रहकर आप मेरे सौभाग्यसे
English
You are the father and mother of the universe. O lord, you are easily accessible through service. Be pleased, O lord, save us from great dangers. Say, who is the destroyer of our distress excepting you?