अध्याय १३९
श्लोक 1
मत्स्य-पुराण १३९ तारकाख्ये हते युद्धे उत्सार्य प्रमथान्मयः उवाच दानवान्भूयो भूयः स तु भयावृतान्
matsya-purāṇa 139 tārakākhye hate yuddhe utsārya pramathānmayaḥ uvāca dānavānbhūyo bhūyaḥ sa tu bhayāvṛtān
हिन्दी अर्थ
चरित्रबल और बन्धुत्वकी भावना जाग्रत् हो गयी, सभी प्राणी यज्ञकी भावनासे पूर्ण हो गये, पापोंका प्रशमन हो गया, मृत्युका बन्धन सुदृढ़ हो गया, अग्निमें आहुतियाँ पड़ने लगीं, यज्ञोंमें शोभा पानेवाले देवगण स्वर्गको प्रा्तिके हेतु मार्गदर्शन करने लगे, लोकपालगण सभी दिशाओंके लिये प्रस्थित हो गये, सिद्धोंकी भावना तपस्यामें संलग्न हो गयी, पापकर्मोंका अभाव हो गया, देवपक्षमें आनन्द मनाया जाने लगा। हैत्यपक्षमें उदासी छा गयी,
English
Silta said: — When Tarakasura was killed in battle, Maya drove away the attendants of Siva and repeatedly spoke to the terrified Danavas. — 1.