Atharva Veda· Atharvaveda Saṁhitā
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अध्याय 20 / 20

Kanda 20

काण्ड 20

975 श्लोकभाग 2/6 · श्लोक 34.1–62.10WhatsApp

पूर्ण अध्याय पाठ192 श्लोक

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अध्याय २०

श्लोक 34.1

यो जा॒त ए॒व प्र॑थ॒मो मन॑स्वान् दे॒वो दे॒वान् क्रतु॑ना प॒र्यभू॑षत्।यस्य॒ शुष्मा॒द् रोद॑सी॒ अभ्य॑सेतां नृ॒म्णस्य॑ म॒ह्ना स ज॑नास॒ इन्द्रः॑

yo jāta eva prathamo manasvān devo devān kratunā paryabhūṣat| yasya śuṣmād rodasī abhyasetāṃ nṛmṇasya mahnā sa janāsa indraḥ

हिन्दी अर्थ

को परमेद॑वंरने हटा दिया है, भ्रौर सात्विक प्रकाशो को स्थिर कर. दिया है । योगिराज श्री जगन्नाथ पथिक “सन्ध्यायोग" में लिखते ह कि “नक्षत्रों से भरे गगन के समान भासनेवाला “सहल्लार-चक्र” है पृ १६७ । मन्त्र -करा आधिहैविक अर्थं निम्नलिखित हैः - परमेकवर ने

English

prayer. 276

अध्याय २०

श्लोक 34.2

यः पृ॑थि॒वीं व्यथ॑माना॒मदृं॑ह॒द् यः पर्व॑ता॒न् प्रकु॑पिताँ॒ अर॑म्णात्।यो अ॒न्तरि॑क्षं विम॒मे वरी॑यो॒ यो द्यामस्त॑भ्ना॒त् स ज॑नास॒ इन्द्रः॑

yaḥ pṛthivīṃ vyathamānāmadṛṃhad yaḥ parvatān prakupitā~ aramṇāt| yo antarikṣaṃ vimame varīyo yo dyāmastabhnāt sa janāsa indraḥ

हिन्दी अर्थ

करते हुए (ये) जो उपासक, (हरिम्) चित्तहारी ५ नभः है। मौर ८ (यम्) जिसे किं उपासक (हरिभिः) ऋग्वेदीय स्तुतियों तथा स द्वारा (भरा पृणन्ति) तृप्त करते है, (न) जैसे कि (षेनवः) ० ५ १०५. हरे एसे ए ) परमेश्वर के लिये है १८४. सो ख बज इरितो य आयसो हरिर्निकामो हरिरा गमसतयोः ।

English

Here take delight. O Indra, in our voices while thou art hymned with power and all our spirit. In every need, in every fray we call, as friends, to succour us

अध्याय २०

श्लोक 34.3

यो ह॒त्वा हि॒मरि॑णात् स॒प्त सिन्धू॒न् यो गा उ॒दाज॑दप॒धा व॒लस्य॑ ।यो अश्म॑नोर॒न्तर॒ग्निं ज॒जान॑ सं॒वृक् स॒मत्सु॒ स ज॑नास॒ इन्द्रः॑

yo hatvā himariṇāt sapta sindhūn yo gā udājadapadhā valasya | yo aśmanorantaragniṃ jajāna saṃvṛk samatsu sa janāsa indraḥ

हिन्दी अर्थ

(सः) वह॒ परमेश्वर (भस्य) इस उपासक का मानो (वचः) (यः) जो कि (हरितः) उपासक के कामादि ५ क) ा - (आयसः) लोहसमान सुदुढ़ है । (हरिः पापहारी परमेष्वर उपासक की (निकामः) कामना का भ्रन्तिम ध्येय है। (हरिः) पापहारी परमेदवर. ही उपासंक के (गभस्त्योः) हाथ भादि कर्मेन्दरियों का विषय होतां है ¡ तब

English

Indra the mightiest of all. If he will hear us let him come with succour of a thousand kinds,

अध्याय २०

श्लोक 34.4

येने॒मा विश्वा॒ च्यव॑ना कृ॒तानि॒ यो दासं वर्ण॒मध॑रं॒ गुहाकः॑ ।श्व॒घ्नीव॒ यो जि॑गी॒वां ल॒क्षमाद॑द॒र्यः पु॒ष्टानि॒ स ज॑नास॒ इन्द्रः॑

yenemā viśvā cyavanā kṛtāni yo dāsaṃ varṇamadharaṃ guhākaḥ | śvaghnīva yo jigīvāṃ lakṣamādadaryaḥ puṣṭāni sa janāsa indraḥ

हिन्दी अर्थ

ओौ र (हरिमन्युसायकः) पापहारी परभेदवर के 9 ४ गा का विनाश कर देता है ।. (दनद्र) परमेर्वर म (हरिता. ङपा) सब मनोः कम ्रय्वेद-माप्य - का० २०।ब्० ३१ १८५. दिवि न केतुरधि षायि हयतो विष्यचए् वजो हरितो. न रघा । - तुददहिं हरिशिप्रो य आंयसः सहलंछोका अभवदरिंभरः ॥४॥

English

And all that strengthens, to our call. I call him, mighty to resist, the Hero of our ancient home,

अध्याय २०

श्लोक 34.5

यं स्मा॑ पृ॒च्छन्ति॒ कुह॒ सेति॒ घो॒रमु॒तेमा॑हु॒र्नैषो अ॒स्तीत्ये॑नम्।सो अ॒र्यः पु॒ष्टीर्विज॑ इ॒वा मि॑नाति॒ श्रद॑स्मै धत्त॒ स ज॑नास॒ इन्द्रः॑

yaṃ smā pṛcchanti kuha seti ghoramutemāhurnaiṣo astītyenam| so aryaḥ puṣṭīrvija ivā mināti śradasmai dhatta sa janāsa indraḥ

हिन्दी अर्थ

(दिवि) द्ूलोक में (न) जसे (केतुः) ज्ञान का हेतु सूयं (भधिधायि) सौर-लोक के अ्रधिष्ठातुरूप मे स्थापित है, वैसे (दिवि) मस्तिष्कं (केतुः) मँ स्थित है । (हरितः) हरण करनेवाले (वचरः) विद्युद्-व (न) के सदुश,

English

Thee whom my sire invoked of old. They who stand round him as he moves harness the bright, the ruddy steed:

अध्याय २०

श्लोक 34.6

यो र॒ध्रस्य॑ चोदि॒ता यः कृ॒शस्य॒ यो ब्र॒ह्मणो॒ नाध॑मानस्य की॒रेः ।यु॒क्तग्रा॑व्णो॒ योऽवि॒ता सु॑शि॒प्रः सु॒तसो॑मस्य॒ स ज॑नास॒ इन्द्रः॑

yo radhrasya coditā yaḥ kṛśasya yo brahmaṇo nādhamānasya kīreḥ | yuktagrāvṇo yo'vitā suśipraḥ sutasomasya sa janāsa indraḥ

हिन्दी अर्थ

प्रहार करता है। परमेद्वर का (यः) जो (आयसः) लोहसमन सुदृढ (वजः) न्याय-वच्न है, जो कि (हरिरिपरः) पापहारी स्वरूपवाला है, वह, (अहिम्) उपासक के सांप की तरह ॒विषेले-पापों को (तुदत्) व्यथित कर देता है । तब उपासक, जो कि (हरिमरः) 'परमेदवर को भक्तिरसो की जाता है । सहस्रशोकाः-- सहस्र +-ओकस् (गृह, भश्रय)।

English

The lights are shining in the sky. On both sides of the car they yoke the two bay coursers dear to him,

अध्याय २०

श्लोक 34.7

यस्याश्वा॑सः प्र॒दिशि॒ यस्य॒ गावो॒ यस्य॒ ग्रामा॒ यस्य॒ विश्वे॒ रथा॑सः ।यः सूर्यं॒ य उ॒षसं॑ ज॒जान॒ यो अ॒पां ने॒ता स ज॑नास॒ इन्द्रः॑

yasyāśvāsaḥ pradiśi yasya gāvo yasya grāmā yasya viśve rathāsaḥ | yaḥ sūryaṃ ya uṣasaṃ jajāna yo apāṃ netā sa janāsa indraḥ

हिन्दी अर्थ

(हरि) है ममोहारी या पापहारी प्रकाशवाले परमेद्वरः ! (त्वम्) यज्ञो के यजमान द्वाया (अरहयंथाः) चाहे गये ह श्रौर (उपस्तुतः) उपा- सना-विधि से स्तुतियां पातेः रहे है । (त्वम्) भप (हय॑सि) उपासको को

English

Bold, tawny, bearers of the thief. Thou, making light where no light was, and form, O Men! where form was not,

अध्याय २०

श्लोक 34.8

यं क्रन्द॑सी संय॒ती वि॒ह्वये॑ते॒ परेऽव॑रे उ॒भया॑ अ॒मित्राः॑ ।स॒मा॒नं चि॒द् रथ॑मातस्थि॒वांसा॒ नाना॑ हवेते॒ स ज॑नास॒ इन्द्रः॑

yaṃ krandasī saṃyatī vihvayete pare'vare ubhayā amitrāḥ | samānaṃ cid rathamātasthivāṃsā nānā havete sa janāsa indraḥ

हिन्दी अर्थ

चाहते है । (तव) ापंका (विदवम् ) संसार (उवथ्यम् ) प्रांसनीय है । (हरिजात) ऋक् की स्तुंतियो तथा साम के गानों द्वारा प्रकट हए का० २०। सू० ३१ मथवंवेद-माष्य . . ७५ मनोहारी ऋग्वेदीय-स्तुतियां तथा सामगान, (विणम्) पापों के मे (वहत) वहन करते है । है उपासको ! (भस्म) इस परमेदवर के लिये, (पुरूणि) भक्तिरस से पूरित (सवनानि) सक्ति-यज्ञो को (हर्यत)

English

Wast born together with the Dawns. I should be fain, O Lord of Might, to strengthen and enrich the sage,

अध्याय २०

श्लोक 34.9

यस्मा॒न्न ऋ॒ते वि॒जय॑न्ते॒ जना॑सो॒ यं युध्य॑माना॒ अव॑से॒ हव॑न्ते ।यो विश्व॑स्य प्रति॒मानं॑ ब॒भूव॒ यो अ॑च्युत॒च्युत् स ज॑नास॒ इन्द्रः॑

yasmānna ṛte vijayante janāso yaṃ yudhyamānā avase havante | yo viśvasya pratimānaṃ babhūva yo acyutacyut sa janāsa indraḥ

हिन्दी अर्थ

स्वाभिमुख करनेवाले (सोमाः) भक्तिरस (दधन्विरे) प्रवाहित.होः रहे है । रथे परमेदवर, उपासक के शरीर-रथ का स्वामी बनकर, उपासक को प्रेरणाएं देने लगता है । दधन्विरे = धवि गतौ । अवेशिमरयो इरिंभिजोषमीयते सो अस्य॒ काम इरिवन्तमानरे ॥२॥

English

Were I the lord of herds of kine, To worshippers who press the juice thy goodness, Indra, is a cow.

अध्याय २०

श्लोक 34.10

यः शश्व॑तो॒ मह्येनो॒ दधा॑ना॒नम॑न्यमानां॒छर्वा॑ ज॒घान॑ ।यः शर्ध॑ते॒ नानु॒ददा॑ति शृ॒ध्यां यो दस्यो॑र्ह॒न्ता स ज॑नास॒ इन्द्रः॑

yaḥ śaśvato mahyeno dadhānānamanyamānāṃcharvā jaghāna | yaḥ śardhate nānudadāti śṛdhyāṃ yo dasyorhantā sa janāsa indraḥ

हिन्दी अर्थ

द्युलोक के चमकते हृए नक्ष = तारां को,जो कि दुढुङूपमेंस्थित रहै, उन खूब दृढ कर दिया है । वे द्युलोक मे स्थिर है, गौर अपनी-भरपनी सपिकष 1 स्थिति से विच्युत नहीं होते” । .. .

English

Praiseworthy blessing hast thou laid upon the pair who with uplifted ladle serve thee, man and wife.

अध्याय २०

श्लोक 34.11

यः शम्ब॑रं॒ पर्व॑तेषु क्षि॒यन्तं॑ चत्वारिं॒श्यां श॒रद्य॒न्ववि॑न्दत्।ओ॒जा॒यमा॑नं॒ यो अहिं॑ ज॒घान॒ दानुं॒ शया॑नं॒ स ज॑नास॒ इन्द्रः॑

yaḥ śambaraṃ parvateṣu kṣiyantaṃ catvāriṃśyāṃ śaradyanvavindat| ojāyamānaṃ yo ahiṃ jaghāna dānuṃ śayānaṃ sa janāsa indraḥ

हिन्दी अर्थ

(अपाम्) जलो की ९५ ) 1 भ्य के (इव ष ५५. कीःतंरङ्गं, (इन्द्र) है पर ¦! (मदन्) म भती इ (सनत क प्रवाह के. सदृश भवाहि हो रही है । भौर (मदाः ते) मुक उपासको में मस्ती देनेवाले आप के भ्रानन्दरस (वि) विकषेषरूप भे (भराजिषुः). मुक उपासक पर राज्य कर रहे है । उपासको दारा की गई स्तुतियों भँ उत्तरोत्तर वृद्धि . करते (भसि) है ।

English

Unchecked he dwells and prospers in thy law: thy power brings blessing to the sacrificer pouring gifts.

अध्याय २०

श्लोक 34.12

यः शम्ब॑रं प॒र्यत॑र॒त् कसी॑भि॒र्योऽचा॑रुका॒स्नापि॑बत् सु॒तस्य॑ ।अ॒न्तर्गि॒रौ यज॑मानं ब॒हुं जनं॒ यस्मि॒न्नामू॑र्छ॒त् स ज॑नास॒ इन्द्रः॑

yaḥ śambaraṃ paryatarat kasībhiryo'cārukāsnāpibat sutasya | antargirau yajamānaṃ bahuṃ janaṃ yasminnāmūrchat sa janāsa indraḥ

हिन्दी अर्थ

१७८. इन्द्रमित केशिना इरीं सोमपेयाय बक्षतः । , उष॑ यहं सुरा॑सम् ॥६॥ ह (केशिना ज्ञान ओर भक्ति का प्रकार देनेवाले (हरीः) चित्तहारी भे (उप वक्षतः) प्रकट कर देते है । ५ (इन्दर) है परमेदवर ! शरीर मेँ रहनेवाले (श्रषाम्) रसरक्तरूपी

English

First the Angirases won themselves vital power, whose fires were kindled through good deeds and sacrifice.

अध्याय २०

श्लोक 34.13

यः स॒प्तर॑श्मिर्वृष॒भस्तुवि॑ष्मान॒वासृ॑ज॒त् सर्त॑वे स॒प्त सिन्धू॑न्।यो रौ॑हि॒णमस्फु॑र॒द् वज्र॑बाहु॒र्द्यामा॒रोह॑न्तं॒ स ज॑नास॒ इन्द्रः॑

yaḥ saptaraśmirvṛṣabhastuviṣmānavāsṛjat sartave sapta sindhūn| yo rauhiṇamasphurad vajrabāhurdyāmārohantaṃ sa janāsa indraḥ

हिन्दी अर्थ

न दछूटनेवाले पाप-वृच्र के. (शिरः) सिर को (उदवत॑यः) काट दिया है। दुबु तियो पर (भजयः) आप ने हमे विजय दिलाई है। अभिप्राय यह है कि ऊर्ध्वरेता उपासक स्पर्धा रादि दुवृ तियं पर जब. विजय पा लेता है, ७२ भरथर्ववेद-माष्य काऽ २०। सुऽ ३०

English

The men together found the Pani’s hoarded wealth, the cattle, and the wealth in horses and in kine,

अध्याय २०

श्लोक 34.14

द्यावा॑ चिदस्मै पृथि॒वी न॑मेते॒ शुष्मा॑च्चिदस्य॒ पर्व॑ता भयन्ते ।यः सो॑म॒पा नि॑चि॒तो वज्र॑बाहु॒र्यो वज्र॑हस्तः॒ स ज॑नास॒ इन्द्रः॑

dyāvā cidasmai pṛthivī namete śuṣmāccidasya parvatā bhayante | yaḥ somapā nicito vajrabāhuryo vajrahastaḥ sa janāsa indraḥ

हिन्दी अर्थ

परमेदवर की कृपा का आह्वान भरावदयक है। - सहारे (उत् सिसृप्सतः) सुषुम्गानाडी के ऊपर की गोर सपण करनेवाले, शनैः शनैः उ्वंगति करनेवाले, भौर (द्याम्) शिरस्यथ सहलार-चक्र की (भरवधूनुथाः) पृथक् कर दिया है । मा्या=-भज्ञा ( निव० ३।६) । ;

English

Atharvan first by sacrifices laid the path; then, guardian of the Law, sprang up the loving Sun.

अध्याय २०

श्लोक 34.15

यः सु॒न्वन्त॒मव॑ति॒ यः पच॑न्तं॒ यः शंस॑न्तं॒ यः श॑शमा॒नमू॒ती।यस्य॒ ब्रह्म॒ वर्ध॑नं॒ यस्य॒ सोमो॒ यस्ये॒दं राधः॒ स ज॑नास॒ इन्द्रः॑

yaḥ sunvantamavati yaḥ pacantaṃ yaḥ śaṃsantaṃ yaḥ śaśamānamūtī| yasya brahma vardhanaṃ yasya somo yasyedaṃ rādhaḥ sa janāsa indraḥ

हिन्दी अर्थ

(इन्द्र) है परमेदवर ! (विषूचीम्) विधूचिका-रोग-के सदृ विना करनेवाली, (असुन्वाम्) भक्तिरस से रहित, (संसदम्) अपितु सांसारिक-भोगों मेँ ही स्थित हई नास्तिकता-वृत्ति को (व्यनाशयः) भराषने.

English

Usanā Kāvya drove the kine hither with him: let us with offer- ings honour Yama’s deathless birth.

अध्याय २०

श्लोक 34.16

जा॒तो व्यख्यत् पि॒त्रोरु॒पस्थे॒ भुवो॒ न वे॑द जनि॒तुः पर॑स्य ।स्त॒वि॒ष्यमा॑णो॒ नो यो अ॒स्मद् व्र॒ता दे॒वानां॒ स ज॑नास॒ इन्द्रः॑

jāto vyakhyat pitrorupasthe bhuvo na veda janituḥ parasya | staviṣyamāṇo no yo asmad vratā devānāṃ sa janāsa indraḥ

हिन्दी अर्थ

विनष्ट कर दिया है । (सोमपाः) भाप हमारे भक्तिरसं का पान कीजिये । ओौर (उत्तरः भवन् ) भौर उत्कृष्ट तैरानेवाली नौका बन कर हमे मव- सागर से तैराद्ये । तरः == तरस् ¶०81, 19" (्रापटे)।

English

When sacred grass is trimmed to aid the auspicious work, or the hymn makes its voice of praise sound to the sky,

अध्याय २०

श्लोक 34.17

यः सोम॑कामो॒ हर्य॑श्वः सू॒रिर्यस्मा॒द् रेज॑न्ते॒ भुव॑नानि॒ विश्वा॑ ।यो ज॒घान॒ शम्ब॑रं॒ यश्च॒ शुष्णं॒ य ए॑कवी॒रः स ज॑नास॒ इन्द्रः॑

yaḥ somakāmo haryaśvaḥ sūriryasmād rejante bhuvanāni viśvā | yo jaghāna śambaraṃ yaśca śuṣṇaṃ ya ekavīraḥ sa janāsa indraḥ

हिन्दी अर्थ

ते नयो इरिभिषाड सेच॑त॒ आ त॑ मभ्न्ु देहं गिरः॥१ -उषासक (ते हरी) भ्राप के दिये पापहारी ऋगवेद भौर सामवेद की . (भवन्वे) मै मक्तिपूवंक याचना करता रहता हं । ५१८ (यः). जो भ्रपं = (हरिभिः) पापहारी ऋग्वेदीय स्तुतियों तथा सामवेद के के

English

Where the stone rings as ‘twere a singer skilled in laud,—Indra in truth delights when these come near to him.

अध्याय २०

श्लोक 34.18

यः सु॑न्व॒ते पच॑ते दु॒ध्र आ चि॒द् वाजं॒ दर्द॑र्षि॒ स किला॑सि स॒त्यः ।व॒यं त॑ इन्द्र वि॒श्वह॑ प्रि॒यासः॑ सु॒वीरा॑सो वि॒दथ॒मा व॑देम

yaḥ sunvate pacate dudhra ā cid vājaṃ dardarṣi sa kilāsi satyaḥ | vayaṃ ta indra viśvaha priyāsaḥ suvīrāso vidathamā vadema

हिन्दी अर्थ

का०.२० । सू० ३० मथववेद-माष्य ७३ कारण, हम उपासकों पर (वृतं न) धृत के सदृश पुष्टिदायक (चार) भ्रौर रचिकर आनन्दरस (सेचते) . सचते रहते है । उस (त्वा) राप

English

To make thee start, a strong true draught I offer to thee the Bull, O thou whom bay steeds carry.

अध्याय २०

श्लोक 35.1

अ॒स्मा इदु॒ प्र त॒वसे॑ तु॒राय॒ प्रयो॒ न ह॑र्मि॒ स्तोमं॒ माहि॑नाय ।ऋची॑षमा॒याध्रि॑गव॒ ओह॒मिन्द्रा॑य॒ ब्रह्मा॑णि रा॒तत॑मा

asmā idu pra tavase turāya prayo na harmi stomaṃ māhināya | ṛcīṣamāyādhrigava ohamindrāya brahmāṇi rātatamā

हिन्दी अर्थ

(हरयः) परमेश्वर को स्वाभिमुख करनेवाले भक्तिरस, जब परमे- पर्याप्त हो जाते हँ । (हरयः) जब ये भक्तिरस वास्तव मेः परमेदवर को निज प्रेरणा इारा भ्रेरित करने लगतादहै । (यः) जो परं

English

Yielding in plenty kine and steeds. None is there, Indra, God or man, to hinder thy munificence,

अध्याय २०

श्लोक 35.2

अ॒स्मा इदु॒ प्रय॑ इव॒ प्र यं॑सि॒ भरा॑म्याङ्गू॒षं बाधे॑ सुवृ॒क्ति।इन्द्रा॑य हृ॒दा मन॑सा मनी॒षा प्र॒त्नाय॒ पत्ये॒ धियो॑ मर्जयन्त

asmā idu praya iva pra yaṃsi bharāmyāṅgūṣaṃ bādhe suvṛkti| indrāya hṛdā manasā manīṣā pratnāya patye dhiyo marjayanta

हिन्दी अर्थ

१९४. . अपाः पूषा हरिवः सुतानामथो इदं सव॑नं केषं ते । - काल से उपासको के (सुतानाम्). भक्तिरसो का (अपाः) पान किया है। (अथो) भ्र (इदम्) यह (सवनम्) हमारा भक्तिरस भमी (केवलं ते) ..

English

Soma juice, The Bountiful to our sacrifice.

अध्याय २०

श्लोक 35.3

अ॒स्मा इदु॒ त्यमु॑प॒मं स्व॒र्षां भरा॑म्याङ्गू॒षमा॒स्येऽन ।मंहि॑ष्ठ॒मच्छो॑क्तिभिर्मती॒नां सु॑वृ॒क्तिभिः॑ सू॒रिं वा॑वृ॒धध्यै॑

asmā idu tyamupamaṃ svarṣāṃ bharāmyāṅgūṣamāsye'na | maṃhiṣṭhamacchoktibhirmatīnāṃ suvṛktibhiḥ sūriṃ vāvṛdhadhyai

हिन्दी अर्थ

(हरिवः). है इन्दरिया्वोँ के, या ऋक्-साम की स्तुतयो के उपासक-नेताभ्रो दवारा . (सुतस्य) निष्पादित भक्तिरस का, (इह) हस . अन्तरिक्ष को. से पूरित कर दीजिये । (भ्रदरयः) पर्व॑तो के सदृश

English

With waters’ foam thou torest off, Indra, the head of Namuchi, Subduing all contending hosts.

अध्याय २०

श्लोक 35.4

अ॒स्मा इदु॒ स्तोमं॒ सं हि॑नोमि॒ रथं॒ न तष्टे॑व॒ तत्सि॑नाय ।गिर॑श्च॒ गिर्वा॑हसे सुवृ॒क्तीन्द्रा॑य विश्वमि॒न्वं मेधि॑राय

asmā idu stomaṃ saṃ hinomi rathaṃ na taṣṭeva tatsināya | giraśca girvāhase suvṛktīndrāya viśvaminvaṃ medhirāya

हिन्दी अर्थ

मक्तिरसो को -स्वीकांर करके आप (उक्यवाहः) स्तुतिं के वाहक परमेश्वरं को उवर है, जठर है । भिमिकुः-- मिह सेने ? । हे परमेदवर ! (नाभिः) भ्रानन्दरसरूपी दुग्ध. पिलानेवालीः वेदवाणियों दारा (इह) इस जीवन मे (मादयस्व) मुभ तृप्त कर. .दीजिये। र्म

English

The Dasyus, when they fain would climb by magic arts and mount to heaven, Thou, Indra, castest down to earth.

अध्याय २०

श्लोक 35.5

अ॒स्मा इदु॒ सप्ति॑मिव श्रव॒स्येन्द्रा॑या॒र्कं जु॒ह्वा॒३सम॑ञ्जे ।वी॒रं दा॒नौक॑सं व॒न्दध्यै॑ पु॒रां गू॒र्तश्र॑वसं द॒र्माण॑म्

asmā idu saptimiva śravasyendrāyārkaṃ juhvā3samañje | vīraṃ dānaukasaṃ vandadhyai purāṃ gūrtaśravasaṃ darmāṇam

हिन्दी अर्थ

दारा, तंथा (हच्या) वाणी द्वारा (गृणानः) भ्राप कीस्तुतियां कर रहा वाले, (ऋतज्ञाः) यथाथेवेत्ता (मनुषः) मननशील उपासक (तव) भ्रापके दीर्घायु धारण केरते हए; (सघमाद्यासः) तथा उपासना यज्ञो मे मिल

English

As Soma-drinker conquering all, thou scatteredst to every side Their band who poured no gifts to thee.

अध्याय २०

श्लोक 35.6

अ॒स्मा इदु॒ त्वष्टा॑ तक्ष॒द् वज्रं॒ स्वप॑स्तमं स्व॒र्यं॑१ रणा॑य ।वृ॒त्रस्य॑ चिद् वि॒दद् येन॒ मर्म॑ तु॒जन्नीशा॑नस्तुज॒ता कि॑ये॒धाः

asmā idu tvaṣṭā takṣad vajraṃ svapastamaṃ svaryaṃ1 raṇāya | vṛtrasya cid vidad yena marma tujannīśānastujatā kiyedhāḥ

हिन्दी अर्थ

(गृणन्तः) भापके स्तुतिगान करते है । (यः) जो पंरमेदवर (प्रथमः) भनादि - तथा सरव॑प्रथम शक्ति है (मनस्वान्) -मनस्वी है, (देवः) वह परमेर्वर देव (जात एव) उपासक ८9 भथववेद-माष्य का० २०। सुण ३४

English

In the great synod will I laud thy two bay steeds: I prize the sweet strong drink of thee the Warrior-God,

अध्याय २०

श्लोक 35.7

अ॒स्येदु॑ मा॒तुः सव॑नेषु स॒द्यो म॒हः पि॒तुं प॑पि॒वां चार्वन्ना॑ ।मु॒षा॒यद् विष्णुः॑ पच॒तं सही॑या॒न् विध्य॑द् वरा॒हं ति॒रो अद्रि॒मस्ता॑

asyedu mātuḥ savaneṣu sadyo mahaḥ pituṃ papivāṃ cārvannā | muṣāyad viṣṇuḥ pacataṃ sahīyān vidhyad varāhaṃ tiro adrimastā

हिन्दी अर्थ

भयभीत हृए-हुए अपने-अपने कर्तव्यो मे स्थित है, (जनासः) है सज्जनो ! (यः) जिसने (व्यथमानाम्). व्यथित हुई (पृथिवीम्) पृथिवीको पृथिवी सूयं से विभक्त हई है । विभाग-काल में पृथिवीठेसी ही .

English

His who pours lovely oil as’twere with yellow drops. Let my songs enter thee whose form hath golden tints.

अध्याय २०

श्लोक 35.8

अ॒स्मा इदु॒ ग्नाश्चि॑द् दे॒वप॑त्नी॒रिन्द्रा॑या॒र्कम॑हि॒हत्य॑ ऊवुः ।परि॒ द्यावा॑पृथि॒वी ज॑भ्र उ॒र्वी नास्य॒ ते म॑हि॒मानं॒ परि॑ ष्टः

asmā idu gnāścid devapatnīrindrāyārkamahihatya ūvuḥ | pari dyāvāpṛthivī jabhra urvī nāsya te mahimānaṃ pari ṣṭaḥ

हिन्दी अर्थ

दधकती-गेस रूप थी,जेसा कि सूर्यं था, भौर भरव भी है । रानः-शनैः पृथिवी तो-पृथिवीः तंल की सी या. पिधले घी-की-सी कुछ चनावस्था भँ आई । इसी प्रकार शनेः शनैः अधिकाधिक धनावस्थां मे से.गुजरती हई वतमानं दर्चाया है । ““व्यथ' का. भथं होता है “संचलनावस्था"” । जबकि -पृथिवी

English

Ye who—in concert sing unto the gold-hued place, like bay steeds driving onward to the heavenly seat,

अध्याय २०

श्लोक 35.9

अ॒स्ये दे॒व प्र रि॑रिचे महि॒त्वं दि॒वस्पृ॑थि॒व्याः पर्य॒न्तरि॑क्षात्।स्व॒रालिन्द्रो॒ दम॒ आ वि॒श्वगू॑र्तः स्व॒रिरम॑त्रो ववक्षे॒ रणा॑य

asye deva pra ririce mahitvaṃ divaspṛthivyāḥ paryantarikṣāt| svarālindro dama ā viśvagūrtaḥ svariramatro vavakṣe raṇāya

हिन्दी अर्थ

कै घटकं अवयव परस्पर एक-दूसरे के -साथ सुदृढ रूप मे बद्ध नहींथे। . जेसेकि समूद्रीय.जल के घटकं शवंयवर परस्पर एक दूसरे के साथ सुदृढ मे कहा है-“येन छ्ौर्ग्रा पुथिवी ' च बुदा” (यजु० ३२।६) । जब पुथिवी तरलोवस्था मे.था तंलावस्थामें थी, तज पथिवी- पर पाथिव-तरङ्ख ऊंची-ऊंची उठती रथी, जसे कि जलीय-घमुद्र मे तरङ्ख' उठती रहती है । ये पाथिव-तरङ्ग पवतो के रूप में उटृती रहीं, भौर ये तर क्गमय-पर्वत पृथिवी के तरल द्रव मेँ तंरते हए अपना-भपना स्थान बदलते रहते थे 1 शनैः-शनं

English

For Indra laud ye strength allied with tawny steeds, laud him whom cows content as’twere with yellow drops.

अध्याय २०

श्लोक 35.10

अ॒स्येदे॒व शव॑सा शु॒षन्तं॒ वि वृ॑श्च॒द् वज्रे॑ण वृ॒त्रमिन्द्रः॑ ।गा न व्रा॒णा अ॒वनी॑रमुञ्चद॒भि श्रवो॑ दा॒वने॒ सचे॑ताः

asyedeva śavasā śuṣantaṃ vi vṛścad vajreṇa vṛtramindraḥ | gā na vrāṇā avanīramuñcadabhi śravo dāvane sacetāḥ

हिन्दी अर्थ

साथ (जोषम् ईयते) प्रेम करने लगता है, (सः) वह परमे्वर ( भरस्य ) इस उपासक की (हरिवन्तं कामम्) परमेदवरप्राप्ति की कामना को (भ्रान्ते) भ्राप्त करा देता है, पुणं कर देता ह । १८९. इरिषमचार्खरिकेश आयसस्तुरस्पेये योह॑रिपा अवर्धत । जिस ॒परमेदवर का. (भायसः) लोहसमान सुद्ढ् न्याय-वसख, (हरिदमशारः) हरेभरे भर्थात् युवा शरीरो का भी. विनाच.करता,

English

The wealth which, lauded, thou wilt give. The sacrifice made Indra strong when he unrolled the earth and made

अध्याय २०

श्लोक 35.11

अ॒स्येदु॑ त्वे॒षसा॑ रन्त॒ सिन्ध॑वः॒ परि॒ यद् वज्रे॑ण सी॒मय॑च्छत्।ई॒शा॒न॒कृद् दा॒शुषे॑ दश॒स्यन् तु॒र्वीत॑ये गा॒धं तु॒र्वणिः॑ कः

asyedu tveṣasā ranta sindhavaḥ pari yad vajreṇa sīmayacchat| īśānakṛd dāśuṣe daśasyan turvītaye gādhaṃ turvaṇiḥ kaḥ

हिन्दी अर्थ

तथा (यः) जो न्याय-बच (हरिपाः) इन्दरियांष्वों का रक्षक होकर (पेये) ७६ परथरववेद-माष्य . काऽ २० सू० ३१. (भवं द्धिः) इन्दरियाद्वो के कारण उपासको के लिये "( वाजिनीवसुः)

English

Himself a diaden in heaven. Thine aid we claim, O Indra, thine who after thou hast waxen great.

अध्याय २०

श्लोक 35.12

अ॒स्मा इदु॒ प्र भ॑रा॒ तूतु॑जानो वृ॒त्राय॒ वज्र॒मीशा॑नः किये॒धाः ।गोर्न पर्व॒ वि र॑दा तिर॒श्चेष्य॒न्नर्णां॑स्य॒पां च॒रध्यै॑

asmā idu pra bharā tūtujāno vṛtrāya vajramīśānaḥ kiyedhāḥ | gorna parva vi radā tiraśceṣyannarṇāṃsyapāṃ caradhyai

हिन्दी अर्थ

दुरितों से (अरति प।रिषत्) पार कर देता हँ । हरि+दम (= शरीर) + शारः (शृणाति) । हरिकेशः न्=हरि +कः (केशाः == रदमयः)। = प यतक चमसे मेजर पीवा मदस्य ह॑तं॒न्ध॑स।(४॥ . (इव) जसे (हरिणी) मनोहारी (खवा =ल्वौ). दो ल्व घृताहृति के लिथे (वि पेततुः) भरलग-मलग परन्तु एक साथ यज्ञान्न की

English

Hast won all treasures for thine own. Showing the hidden he draye forth the cows for the Angirases,

अध्याय २०

श्लोक 35.13

अ॒स्येदु॒ प्र ब्रू॑हि पू॒र्व्याणि॑ तु॒रस्य॒ कर्मा॑णि॒ नव्य॑ उ॒क्थैः ।यु॒धे यदि॑ष्णा॒न आयु॑धान्यृघा॒यमा॑णो निरि॒णाति॒ शत्रू॑न्

asyedu pra brūhi pūrvyāṇi turasya karmāṇi navya ukthaiḥ | yudhe yadiṣṇāna āyudhānyṛghāyamāṇo niriṇāti śatrūn

हिन्दी अर्थ

देनेवाले (यस्य) जिस उपासक के. (हरिणी) मनोहारी (दिप्रे) दो हनु हृर् (विपेततुः) भरलग-मलग परन्तु एकसाथ वृत्त होते ह! भौर (यत्ते). जिस उपासक के लिये (चमसे). उसकं हृदय-चमस मेँ स्थित (मदस्य) रूपी भवो को (प्र ममु जत्) खूब माज देता है, स्वच्छ कर देता द-

English

And Vala he cast headlong down. By Indra were the luminous realms of heaven established and secured.

अध्याय २०

श्लोक 35.14

अ॒स्येदु॑ भि॒या गि॒रय॑श्च दृ॒ल्हा द्यावा॑ च॒ भूमा॑ ज॒नुष॑स्तुजेते ।उपो॑ वे॒नस्य॒ जोगु॑वान ओ॒णिं स॒द्यो भु॑वद् वी॒र्याय नो॒धाः

asyedu bhiyā girayaśca dṛlhā dyāvā ca bhūmā januṣastujete | upo venasya joguvāna oṇiṃ sadyo bhuvad vīryāya nodhāḥ

हिन्दी अर्थ

(उत) तच (पस्त्यः) गृहवासी (न) जसे. (सद्म) भपने निवास- . गृह कीं (अचिक्रदत्) बार-बार प्रशंसा करता है, वैसे (हरिवान्) हरि का परमेदवर की (वाजम्) शक्तियों का. (अचिक्रदत्) बार-बार कथन करता है । तब (धिषणा) उपासक की वाणी (भोजसा) . भओजस्विती होकर (शः) दिन प्रतिदिन । मही चित् हि) पूजनीया होती ज्ञाती है । (यद्) जबकि है उपासक ! तुः (हयंतः) काम्ब-परमेदवरः के. (बृहद् वयः). महान् भ्रानन्दरसरूपी अन्न को (दधिषे) अपने मे धारण कर लेता है । हर्यतः का० २० । सु० ३२. . भ्रथर्वेवेद-माष्य ७७

English

Firm and immovable in their place. Indra, thy laud moves quickly like a joyous wave of water-floods.

अध्याय २०

श्लोक 35.15

अ॒स्मा इदु॒ त्यदनु॑ दाय्येषा॒मेको॒ यद् वव्ने भूरे॒रीशा॑नः ।प्रैत॑शं॒ सूर्ये॑ पस्पृधा॒नं सौव॑श्व्ये॒ सुष्वि॑माव॒दिन्द्रः॑

asmā idu tyadanu dāyyeṣāmeko yad vavne bhūrerīśānaḥ | praitaśaṃ sūrye paspṛdhānaṃ sauvaśvye suṣvimāvadindraḥ

हिन्दी अर्थ

हे परभेदवर ! श्राप (रोदसी) चुलोक गौर भूलोक को ( महित्वा) प्रङृष्टरूप में आविष्कृत कीजिये । । किया है । इसलिये कवि लोग इस कान्ति से मोहित होकर नित्य नर्ई-नर्द (५५ व करते रहते हैँ । मन्मभिः मननीयैः स्तोत्रैः . (निंसं°

English

Bright shine the drops that gladden thee. I. For thou, O Indra, art the God whom hymns and praises magnify:

अध्याय २०

श्लोक 35.16

ए॒वा ते॑ हारियोजना सुवृ॒क्तीन्द्र॒ ब्रह्मा॑णि॒ गोत॑मासो अक्रन्।ऐषु॑ वि॒श्वपे॑शसं॒ धियं॑ धाः प्रा॒तर्म॒क्षू धि॒याव॑सु॒र्जगम्यात्

evā te hāriyojanā suvṛktīndra brahmāṇi gotamāso akran| aiṣu viśvapeśasaṃ dhiyaṃ dhāḥ prātarmakṣū dhiyāvasurjagamyāt

हिन्दी अर्थ

(इन्द्र) है परमेदवर ! (जनानाम्) उपासकजरनों के (परयुज ज्योतिवाले (त्वा) भ्रापको,. (रथे) उपासकजनों के शरीर-रथों म (भा वहन्तु). उनके स्वांमीरूप मेँ आवाहन करे, प्रार्थनाएं करे .-किं भ्रापही हमारे शरीर-रथों के प्रेरकं हों ।. है परमेदवर ! (दशोणिम्) कीजिये । भंमिप्राय यह है कि भाप. मधुर भक्तिरस के ग्रहेण दारा

English

Thou blessest those who worship thee. Bay horses with their long manes bring Indra to drink the

अध्याय २०

श्लोक 36.1

य एक॒ इद्धव्य॑श्चर्षणी॒नामिन्द्रं॒ तं गी॒र्भिर॒भ्यर्च आ॒भिः ।यः पत्य॑ते वृष॒भो वृष्ण्या॑वान्त्स॒त्यः सत्वा॑ पुरुमा॒यः सह॑स्वान्

ya eka iddhavyaścarṣaṇīnāmindraṃ taṃ gīrbhirabhyarca ābhiḥ | yaḥ patyate vṛṣabho vṛṣṇyāvāntsatyaḥ satvā purumāyaḥ sahasvān

हिन्दी अर्थ

का० २०1 सू०-३४ .. अथर्ववेद-माष्य ८१ तर ङ्ग॑मय पवत भी ठण्ड हौकर घनीभूत होते गए । इस घनीभूत अवस्था मे मी इन पर्वतो से ज्वालाएं उऽ्ती थी, जसे कि उत्रालामुखी पर्वतो में “रम्” घातु का अथं “क्रीडा”. भीं है, जिसके द्वारा पाथिव तरङ्खोवाले

English

His is that thunderbolt, of iron, golden-hued, gold-coloured, very dear, and yellow in his arms;

अध्याय २०

श्लोक 36.2

तमु॑ नः॒ पूर्वे॑ पि॒तरो॒ नव॑ग्वाः स॒प्त विप्रा॑सो अ॒भि वा॒जय॑न्तः ।न॒क्ष॒द्दा॒भं ततु॑रिं पर्वते॒ष्ठामद्रो॑घवाचं म॒तिभिः॒ शवि॑ष्ठम्

tamu naḥ pūrve pitaro navagvāḥ sapta viprāso abhi vājayantaḥ | nakṣaddābhaṃ taturiṃ parvateṣṭhāmadroghavācaṃ matibhiḥ śaviṣṭham

हिन्दी अर्थ

ऋण विद्यतो से समाविष्ट दो प्रकार के मेव जब भ्रापसमें मिलते.है, तब (यैन) जिसने (इमा) . इन (विवा) सब (मृवना) भुवनो को ( वना) गतिमान् तथा विनाशी (कृतानि) किया हैः (यः) जिसने पर् प्रथवंवेद-माष्य . का० २० सूु० २४

English

tawny-hued. Thou, thou, when praised by men who sacrificed of old, hadst pleasure in their lauds, O Indra

अध्याय २०

श्लोक 36.3

तमी॑महे॒ इन्द्र॑मस्य रा॒यः पु॑रु॒वीर॑स्य नृ॒वतः॑ पुरु॒क्षोः ।यो अस्कृ॑धोयुर॒जरः॒ स्वऽर्वा॒न् तमा भ॑र हरिवो माद॒यध्यै॑

tamīmahe indramasya rāyaḥ puruvīrasya nṛvataḥ purukṣoḥ | yo askṛdhoyurajaraḥ sva'rvān tamā bhara harivo mādayadhyai

हिन्दी अर्थ

न बरसनेवाले मेष को (भरम्) नीचे की भोर बरस।कर (गुह अकः) पर (जिगीवान्) विजय पाई है । (भयः) भौर जो स्वामी (पुष्टानि) धन से परिपुष्ट व्यक्तियों को भी ( भरादत् ) पने मे लीन कर लेता है, उनका सहार कर देता है,-(जनासः) है सज्जनो ! (सः) वहु (इन्द्रः) परमेदवर ९०९. यं स्मौ पृच्छन्ति इ सेति बोरमृतमाहूनषो अलतीलनय् । .

English

golden-haired. All that befits thy song of praise thou welcomest, the perfect: pleasant gift, O golden-hued

अध्याय २०

श्लोक 36.4

तन्नो॒ वि वो॑चो॒ यदि॑ ते पु॒रा चि॑ज्जरि॒तार॑ आन॒शुः सु॒म्नमि॑न्द्र ।कस्ते॑ भा॒गः किं वयो॑ दुध्र खिद्वः पुरु॑हूत पुरूवसोऽसुर॒घ्नः

tanno vi voco yadi te purā cijjaritāra ānaśuḥ sumnamindra | kaste bhāgaḥ kiṃ vayo dudhra khidvaḥ puruhūta purūvaso'suraghnaḥ

हिन्दी अर्थ

है (स. इति) वह परमेदवर ? (उत) भ्रौर कई (ईम्) इसे (घोरम् भ्राहुः) घोर कहते है, हत्यारा तथा भयानक कृते है, भौर करई (एनम्) इसे .. (आहुः). कहते ह कि (एषः) यह ( न भ्रस्ति इति) हही नहीं; (यः

English

from birth. These two dear Bays bring hither Indra on his car, thunder- armed, joyous, meet for laud, to

अध्याय २०

श्लोक 36.5

तं पृ॒च्छन्ती॒ वज्र॑हस्तं रथे॒ष्ठामिन्द्रं॒ वेपी॒ वक्व॑री॒ यस्य॒ नू गीः ।तु॒वि॒ग्रा॒भं तु॑विकू॒र्मिं र॑भो॒दां गा॒तुमि॑षे॒ नक्ष॑ते॒ तुम्र॒मच्छ॑

taṃ pṛcchantī vajrahastaṃ ratheṣṭhāmindraṃ vepī vakvarī yasya nū gīḥ | tuvigrābhaṃ tuvikūrmiṃ rabhodāṃ gātumiṣe nakṣate tumramaccha

हिन्दी अर्थ

भी .(विंज इव) उद्वेगी विजयी राजा के समान (आरा मिनाति) विनष्ट कर. देता है (जनासः) है प्रजाजनो !. (सः इन्द्रः) वह् परभेदवर है। .. घोरम् = हन्तेर् घुर च (उणा० कोष - ५।६४)।

English

drink his fill. Many libations flow for him who loveth them: to Indra have: the gold-hued Soma juices run.

अध्याय २०

श्लोक 36.6

अ॒या ह॒ त्यं मा॒यया॑ वावृधा॒नं म॑नो॒जुवा॑ स्वतवः॒ पर्व॑तेन ।अच्यु॑ता चिद् वीलि॒ता स्वो॑जो रु॒जो वि दृ॒ह्ला धृ॑ष॒ता वि॑रप्शिन्

ayā ha tyaṃ māyayā vāvṛdhānaṃ manojuvā svatavaḥ parvatena | acyutā cid vīlitā svojo rujo vi dṛhlā dhṛṣatā virapśin

हिन्दी अर्थ

को प्रेरणाएं देता, (यः) जो (नाधमानस्य) याचना करनेवाले, (कीरेः ) करता है, (जनासः) है भ्रजाजनो ! (सः इन्द्रः) वह परमेश्वर है । . रभ्रस्य = रध्यतिः वशगमने (निर०..६।६।३२) । कीरिः स्तोता का०.२०। सुर ३४ भथववेद-भाष्य । ८३

English

The gold-hued drops have flowed to gratify his wish: the yellow. drops have urged the swift Bays to the Strong.

अध्याय २०

श्लोक 36.7

तं वो॑ धि॒या नव्य॑स्या॒ शवि॑ष्ठं प्र॒त्नं प्र॑त्न॒वत् प॑रितंस॒यध्यै॑ ।स नो॑ वक्षदनिमा॒नः सु॒वह्मेन्द्रो॒ विश्वा॒न्यति॑ दु॒र्गहा॑णि

taṃ vo dhiyā navyasyā śaviṣṭhaṃ pratnaṃ pratnavat paritaṃsayadhyai | sa no vakṣadanimānaḥ suvahmendro viśvānyati durgahāṇi

हिन्दी अर्थ

, (यस्य) जिसके . (दिशि) निदंश में (अरवासः) अरव, तथा मे (ग्रामाः) संनिक समूह, तथा (यस्य ) जिसके निदं में (विश्वे रथासः) सब' रथारोही विद्यमान रहते है, (यः) जिसने . (सूर्यम्) सूयं को (यः) श्रौर जिसने (उषसम्) उषां को (जजान) पदाः कियादहैः (यः) जो

English

He who speeds on with bay steeds even as he lists hath satisfied his longing for the golden 278

अध्याय २०

श्लोक 36.8

आ जना॑य॒ द्रुह्व॑णे॒ पार्थि॑वानि दि॒व्यानि॑ दीपयो॒ऽन्तरि॑क्षा ।तपा॑ वृषन् वि॒श्वतः॑ शो॒चिषा॒ तान् ब्र॑ह्म॒द्विषे॑ शोचय॒ क्षाम॒पश्च॑

ā janāya druhvaṇe pārthivāni divyāni dīpayo'ntarikṣā | tapā vṛṣan viśvataḥ śociṣā tān brahmadviṣe śocaya kṣāmapaśca

हिन्दी अर्थ

(अपाम्) मेधो , नदियों तथा समुद्र आदि जलो का ( नेता) मांदक है, (जनासः) है सज्जनो (सः इन्द्रः) वह परमेश्वर है । २०५. यः करन्दसी संयती वियते प ऽब॑र उभया अमित्रा; । , (करन्दसी) जिनमें भक्रन्दन हो रहा है, एेसेः द्युलोक भरौर भूलोक

English

drops. At the swift draught the Soma-drinker waxed in might, the iron.

अध्याय २०

श्लोक 36.9

भुवो॒ जन॑स्य दि॒व्यस्य॒ राजा॒ पार्थि॑वस्य॒ जग॑तस्त्वेषसंदृक्।धि॒ष्व वज्रं॒ दक्षि॑ण इन्द्र॒ हस्ते॒ विश्वा॑ अजुर्य दयसे॒ वि मा॒याः

bhuvo janasya divyasya rājā pārthivasya jagatastveṣasaṃdṛk| dhiṣva vajraṃ dakṣiṇa indra haste viśvā ajurya dayase vi māyāḥ

हिन्दी अर्थ

माह्वान करते है, तथा (परेऽवरे) दुर के भ्रौर समीपं के (अमित्राः) अमित्र राष्ट (उभया) ये. दोनों सुहायता के लिये जिसका प्राह्वान करते : . है, (समानं चिद्) एक जैसे (रथम्) रथो भै (आआतस्थिवांसा) स्थित हृए यीद्धा (नाना) नानाल्पों मे जिसका. (हवेते). भ्राह्वान करते है २०६. यान्न ऋते विजयन्ते जनासो य॑ युध्यमाना अव॑से हन्ते ।

English

One with yellow beard and golden hair, He, Lord of tawny coursers. Lord of fleet-foot mares, will bear his bay steeds safely over all

अध्याय २०

श्लोक 36.10

आ सं॒यत॑मिन्द्र णः स्व॒स्तिं श॑त्रु॒तूर्या॑य बृह॒तीममृ॑ध्राम्।यया॒ दासा॒न्यार्या॑णि वृ॒त्रा करो॑ वज्रिन्त्सु॒तुका॒ नाहु॑षाणि

ā saṃyatamindra ṇaḥ svastiṃ śatrutūryāya bṛhatīmamṛdhrām| yayā dāsānyāryāṇi vṛtrā karo vajrintsutukā nāhuṣāṇi

हिन्दी अर्थ

पुथिवीः के स्तर पर, अपने स्थान वदलते . रहते थे । यह् ही उनकी क्रीडा (गाः) जलं को (उदाजत्) ऊपर अन्तरिक्ष से नीचे भूमि की गौर फका है, (यः) जिसने (अदमनोः) फले हुए दो मेघो के (अन्तः) बीच (भ्ग्निम् ) वैद्युताम्नि को (जजान) पेदा करिया है, तथा जो (समत्सु) देवासुर-

English

Bright with strong teeth, destroying with its tawny rage. In Indra are set fast all forms of golden hue.

अध्याय २०

श्लोक 36.11

स नो॑ नि॒युद्भिः॑ पुरुहूत वेधो वि॒श्ववा॑राभि॒रा ग॑हि प्रयज्यो ।न या अदे॑वो॒ वर॑ते॒ न दे॒व आभि॑र्याहि॒ तूय॒मा म॑द्र्य॒द्रिक्

sa no niyudbhiḥ puruhūta vedho viśvavārābhirā gahi prayajyo | na yā adevo varate na deva ābhiryāhi tūyamā madryadrik

हिन्दी अर्थ

सज्जनो ! (सः) वह (ददरः) परमेदवर है । गाः जल (उणा० कोष २।६७), वे दिक पुस्तकालय, अजमेर । अहमा= , मेध (निघ ० १।१०) “अ्रदरमनोः” में द्विवचन है । भ्रन्तरिक्षमें धन ओर

English

As if a lovely ray were laid upon the sky, the golden thunder- bolt spread out as in a race. That iron bolt with yellow jaw smote Ahi down. A thousand flames had he who bore the

अध्याय २०

श्लोक 37.1

यस्ति॒ग्मशृ॑ङ्गो वृष॒भो न भी॒मः एकः॑ कृ॒ष्टीश्च्य॒वय॑ति॒ प्र विश्वाः॑ ।यः शश्व॑तो॒ अदा॑शुषो॒ गय॑स्य प्रय॒न्तासि॒ सुष्वि॑तराय॒ वेदः॑

yastigmaśṛṅgo vṛṣabho na bhīmaḥ ekaḥ kṛṣṭīścyavayati pra viśvāḥ | yaḥ śaśvato adāśuṣo gayasya prayantāsi suṣvitarāya vedaḥ

हिन्दी अर्थ

, (यस्मात् ऋते ) जिसकी सहायता क विता (जनासः) लोग (विजयन्ते न) विरोधी शक्तियों पर विजय नहीं पाते. (युध्यमानाः). ओर यढ करते हए (वसे) रकथं (यम्) जिसको (हवन्ते) पुकारते ह, (थः) तथं परथ्ववेद-माष्य . का० २०।सू० ३४ (यः) जो (शर्वा) भ्रपने न्यायायुघ द्वारा, (शदवतः) चादवत काल

English

distress. His yellow-coloured jaws, like ladles, move apart, what time,. for strength, he makes the

अध्याय २०

श्लोक 37.2

त्वं ह॒ त्यदि॑न्द्र॒ कुत्स॑मावः॒ शुश्रू॑षमाणस्त॒न्वा सम॒र्ये।दासं॒ यच्छुष्णं कुय॑वं॒ न्यऽस्मा॒ अर॑न्धय आर्जुने॒याय॒ शिक्ष॑न्

tvaṃ ha tyadindra kutsamāvaḥ śuśrūṣamāṇastanvā samarye| dāsaṃ yacchuṣṇaṃ kuyavaṃ nya'smā arandhaya ārjuneyāya śikṣan

हिन्दी अर्थ

प्राजनो ! ( सः इन्द्रः ) वह परमेक्वर है ॥ . - पर्व॑तो की धायियों मे जमे हिमपर्व॑तों (61801615) का वर्णेन हुआ है । ्रतिरीतं के कारण पर्वंत-घाटि्यो में बहती नदी जब्र हिममय हो जाती है, तो उसे हिमपर्वत (७।०५।९।) कहते हँ । यह ॒हिमपवंत जलमय होते हैं । मानो इन्होने इन - पवतो मे भ्रपना निवासगृह बना लिया है । क्योंकि ये - वषँ तक इन चाटियों मे लेटे पड़ रहते है । लगभग ४० “ररद्-ऋतुओं कां० २० सू० ३४ भरथवंवेद-माष्य चर

English

like a horse for food. Then the great wish hath seized upon him mightily, and the beloved One hath gained high

अध्याय २०

श्लोक 37.3

त्वं धृ॑ष्णो धृष॒ता वी॒तह॑व्यं॒ प्रावो॒ विश्वा॑भिरू॒तिभिः॑ सु॒दास॑म्।प्र पौरु॑कुत्सिं त्र॒सद॑स्युमावः॒ क्षेत्र॑साता वृत्र॒हत्ये॑षु पू॒रुम्

tvaṃ dhṛṣṇo dhṛṣatā vītahavyaṃ prāvo viśvābhirūtibhiḥ sudāsam| pra paurukutsiṃ trasadasyumāvaḥ kṣetrasātā vṛtrahatyeṣu pūrum

हिन्दी अर्थ

उपासको को, (वहं जनम् ) तथा अन्य बहुत जनों को,.शम्बर ने (आमूत्) जल को रोके रखने के कारण मुचति कर रखा था, उस (शम्बरम्) हिम- पर्वत को (यः) जिसने (कसीभिः) जल को निष्कासित करनेवाली, (अचारुकास्ना)- तथा अचर अर्थात् अचल, स्थिररूप में पड़नेवाली सौर-रदिमियो द्वारा (पर्यतरत्) काट दिया । ओर परिणाम मै (सुतस्य ) शम्बर से प्रकट हए जल को (भपिवत्) पिलाया, (जनासः) है प्रजाजनो की किरणें स्थिररूप- मे पड़ती है, तब शम्बर का जल पिघल कर बह निकलता है, रौर पर्वंतवासी जलपान करते हैँ । कास्ना कास्

English

power of life. Thou, comprehending with thy might the earth and heaven, acceptest the dear hymn for ever

अध्याय २०

श्लोक 37.4

त्वं नृभि॑र्नृमणो दे॒ववी॑तौ॒ भूरी॑णि वृ॒त्रा ह॑र्यश्व हंसि ।त्वं नि दस्युं॒ चुमु॑रिं धुनिं॒ चास्वा॑पयो द॒भीत॑ये सु॒हन्तु॑

tvaṃ nṛbhirnṛmaṇo devavītau bhūrīṇi vṛtrā haryaśva haṃsi | tvaṃ ni dasyuṃ cumuriṃ dhuniṃ cāsvāpayo dabhītaye suhantu

हिन्दी अर्थ

है । यथा- मन्त्र २०८ का अभिप्रायः-- . जिसने, चान्तिव्रत को वरण कयि हए, पर्वन मे अभ्यास के लिये भौर जिसने, भ्रोजप्रकट करते हुए, जड काट देनेवाले, चित्त मेँ सोए पड़,

English

new and new. O Asura, disclose thou and make visible the Cow’s beloved home to the bright golden Sun.

अध्याय २०

श्लोक 37.5

तव॑ च्यौ॒त्नानि॑ वज्रहस्त॒ तानि॒ नव॒ यत् पुरो॑ नव॒तिं च॑ स॒द्यः ।नि॒वेश॑ने शतत॒मावि॑वेषी॒रहं॑ च वृ॒त्रं नमु॑चिमु॒ताह॑न्

tava cyautnāni vajrahasta tāni nava yat puro navatiṃ ca sadyaḥ | niveśane śatatamāviveṣīrahaṃ ca vṛtraṃ namucimutāhan

हिन्दी अर्थ

(अहिम्) पाप-सांप का हनन कर दियां, वह परमेदवर है । करना) । पवंतेषु = उपह्वरे गिरीणां संगमे च नवीना, धिया विध्रो भरजा- यत यञ्चु०. २६।१५) । इस प्रकार पर्व॑तो मेँ भरभ्यास करने का विधान है । ..

English

O Indra, let the eager wishes of the folk bring thee the golden- jawed, delightful, on thy car. That, pleased with sacrifice wherein ten fingers toil, thou mayest at the feast drink of our

अध्याय २०

श्लोक 37.6

सना॒ ता त॑ इन्द्र॒ भोज॑नानि रा॒तह॑व्याय दा॒शुषे॑ सु॒दासे॑ ।वृष्णे॑ ते॒ हरी॒ वृष॑णा युनज्मि॒ व्यन्तु॒ ब्रह्मा॑णि पुरुशाक॒ वाज॑म्

sanā tā ta indra bhojanāni rātahavyāya dāśuṣe sudāse | vṛṣṇe te harī vṛṣaṇā yunajmi vyantu brahmāṇi puruśāka vājam

हिन्दी अर्थ

चत्वारिवयां शरदि =ज्राह्यण का उपनयन रावे वषंकीश्रायुमे होना चाहिए । एसा भ्रादवलायन गृहासुों भें लिखा है । यथा अष्टमे ब्राहमण- . पापों को विक्ीणं करता रहता है, इसलिये इस कालको दरत् कहा है । दानुमू = दाप् लवणे । पाप जीवन की जड़ काट कर उसे सुखा देता है,

English

offered mead. Juices aforetime, Lord of Bays, thou drankest, and thine, and only thine, is this libation.

अध्याय २०

श्लोक 37.7

मा ते॑ अ॒स्यां स॑हसाव॒न् परि॑ष्टाव॒घाय॑ भूम हरिवः परा॒दौ।त्राय॑स्व नोऽवृ॒केभि॒र्वरू॑थै॒स्तव॑ प्रि॒यासः॑ सू॒रिषु॑ स्याम

mā te asyāṃ sahasāvan pariṣṭāvaghāya bhūma harivaḥ parādau| trāyasva no'vṛkebhirvarūthaistava priyāsaḥ sūriṣu syāma

हिन्दी अर्थ

८६ . भअथवेवेद-माष्य का० २० । मु० ३४ इसलिये वह दानु है । शयामम् =संस्काररूप मे सोए पाप-संस्कारों के हनन करने को सूचित किया है । न जिसने शासन करनेवाले, तथा गुर के भररुचिकर-मौखिक- सदुपदेशो

English

Gladden thee, Indra, with the mead-rich Soma: pour it down ever, Mighty One, within thee. Drink of the juice which men have washed in waters and fill the- full, O Lord of tawny

अध्याय २०

श्लोक 37.8

प्रि॒यास॒ इत् ते॑ मघवन्न॒भिष्टौ॒ नरो॑ मदेम शर॒णे सखा॑यः ।नि तु॒र्वशं॒ नि याद्वं॑ शिशीह्यतिथि॒ग्वाय॒ शंस्यं॑ करि॒ष्यन्

priyāsa it te maghavannabhiṣṭau naro madema śaraṇe sakhāyaḥ | ni turvaśaṃ ni yādvaṃ śiśīhyatithigvāya śaṃsyaṃ kariṣyan

हिन्दी अर्थ

रस पिला दिया, तथा जिस पर्व॑त म अभ्यास करते हुए नाना उपासक-जनों को उसने समाधिनिद्रां मे मूषित सा कर दिया,वह परमेश्वर है । भचारुकास्ना--अचारक + भ्रास्ना = (मुखेन) । कसीभिः== कस् (यः) जो (सप्तरदिमः) सात रदिमर्योवाले सूर्यं का स्वामी, (ुषभः)

English

horses. O Indra, hearer of the laud, with Soma which stones have mix- ed for thee enhance thy

अध्याय २०

श्लोक 37.9

स॒द्यश्चि॒न्नु ते॑ मघवन्न॒भिष्टौ॒ नरः॑ शंसन्त्युक्थ॒शास॑ उ॒क्था।ये ते॒ हवे॑भि॒र्वि प॒णींरदा॑शन्न॒स्मान् वृ॑णीष्व॒ युज्या॑य॒ तस्मै॑

sadyaścinnu te maghavannabhiṣṭau naraḥ śaṃsantyukthaśāsa ukthā| ye te havebhirvi paṇīṃradāśannasmān vṛṇīṣva yujyāya tasmai

हिन्दी अर्थ

सिन्धून्) सात प्रकार की नदियों को, (सतवे) प्रवाहित होने लियः. (भरवासृजत्) नीचे की भोर प्रकट करता है; भ्रौर (यः) जिस (वज्रबाहुः) करत हए (रौहिणम्) मेष को (अस्फुरत्) कम्पा कृर भूमि पर फक दिया,-- (जनासः) है प्रजाजनोः ! (सः इन्द्रः) वह.परमेदवर है ।

English

rapture. To make thee start, a strong true draught I offer to thee the

अध्याय २०

श्लोक 37.10

ए॒ते स्तोमा॑ न॒रां नृ॑तम॒ तुभ्य॑मस्म॒द्र्यऽञ्चो॒ दद॑तो म॒घानि॑ ।तेषा॑मिन्द्र वृत्र॒हत्ये॑ शि॒वो भूः॒ सखा॑ च॒ शूरो॑ऽवि॒ता च॑ नृ॒णाम्

ete stomā narāṃ nṛtama tubhyamasmadrya'ñco dadato maghāni | teṣāmindra vṛtrahatye śivo bhūḥ sakhā ca śūro'vitā ca nṛṇām

हिन्दी अर्थ

से (महि एनः -दधानान्) महापापधारी (अमन्यमानान्) भमननशील नास्तिको का (जघान) हनन करता रहा है, (यः) जो (शर्धते) बला- नहीं करता, . (यः) जो (दस्योः) उपक्षयकारी का (हन्ता). हनन करता है,-- (जनासः) है प्रजाजनो ! (सः इन्द्रः) वह परमेश्वर है ।

English

yellow-tinted stir, When. while the bowl stands there, he grooms his tawny steeds, when he hath drunk strong

अध्याय २०

श्लोक 37.11

नू इ॑न्द्र शूर॒ स्तव॑मान ऊ॒ती ब्रह्म॑जूतस्त॒न्वा वावृधस्व ।उप॑ नो॒ वाजा॑न् मिमी॒ह्युप॒ स्ती॑न् यू॒यं पा॑त स्व॒स्तिभिः॒ सदा॑ नः

nū indra śūra stavamāna ūtī brahmajūtastanvā vāvṛdhasva | upa no vājān mimīhyupa stīn yūyaṃ pāta svastibhiḥ sadā naḥ

हिन्दी अर्थ

जलमय हिमपवंतं को, (चत्वारिदयाम्) चालीसवीं (शरदि) -शरद् ऋतु तथा (यः) जो (ओजायमानम्) उमड़े हुए, (दानुम्) जल देने की प्रवृत्ति- नहीं करता, उस (अहिम्) मेष का (जघान) हनन करता है (जनासः) है '

English

drink, the sweet juice that he: loves. Yea, to the dear one’s seat in homes of heaven and earth the- bay steeds’ Lord hath whinnied

अध्याय २०

श्लोक 38.1

आ या॑हि सुषु॒मा हि त॒ इन्द्र॒ सोमं॒ पिबा॑ इ॒मम्।एदं ब॒र्हिः स॑दो॒ मम॑

ā yāhi suṣumā hi ta indra somaṃ pibā imam| edaṃ barhiḥ sado mama

हिन्दी अर्थ

तथा “पञ्चबुद्धधादि'" कहा है ( श्वेता० उप० भ. १, खं. ५ ) 1 स्तवे = सात्विक जीवनम बहने के लिये । रौदिणम्=लालवर्णवाला रजोगुण । जो रजोगुण को योगी के मस्तिष्करूपी दूलोक मे चढने नहीं देता, भ्रपितु उसे निचले जीवन तकं सीमित रखतां है, वह परमे्वर है । शोषकबल से ( पवंताः चित् ) पव॑त भी ( भयन्ते ) भयभीत रहते है, (यः) जो कि (सोमपाः ) चन्द्रमा की भी रक्षा करता है । (निचितः) . जीवन मेँ नियमतः चिनी गर्ई यह परमेदवराग्नि (वचजबाहुः) मानो वज्न- धारी होकर ( वजखहस्तः ) वचर द्वारा पाप-पुञ्ज का हनन करता है, उसे

English

Bull, O thou whom bay steeds carry. Here take delight, O Indra, in our voices while thou art hymned with power and all our spirit.

अध्याय २०

श्लोक 38.2

आ त्वा॑ ब्रह्म॒युजा॒ हरी॒ वह॑तामिन्द्र के॒शिना॑ ।उप॒ ब्रह्मा॑णि नः शृणु

ā tvā brahmayujā harī vahatāmindra keśinā | upa brahmāṇi naḥ śṛṇu

हिन्दी अर्थ

है । हस्तः हन्तेः प्रादुहनने ( नि० १।३।७ ) । निचितः--नि +-चितः, नाना रक्षा-साघनों दवारा (यः) जो रक्षा करता है, . (यस्य) जिसका) जिसकी है, -- (जनासः) है प्रजाजनो ! (सः इन्द्रः) वह परमेश्वर है ।

English

O mighty Indra, through thine aid, thy prowess, obtaining life, zealous, and skilled in worship.

अध्याय २०

श्लोक 38.3

ब्र॒ह्माण॑स्त्वा व॒यं यु॒जा सो॑म॒पामि॑न्द्र सो॒मिनः॑ ।सु॒ताव॑न्तो हवामहे

brahmāṇastvā vayaṃ yujā somapāmindra sominaḥ | sutāvanto havāmahe

हिन्दी अर्थ

(पित्रोः) माता-पिता की (उपस्थे) गोद में खेलनेवाला (जातः ) जिसके गुणों करा कथन करता है, जो (परस्य ) अपने से भिन्न किसी भ्न्य को (भुवः) पृथिवी का (जनितुः) जनयिता (न वेद) नहीं जानता, (यः) हमे ( वेद ) जानता पहुचानता है, जो ( देवानाम् ) सूयं चन्द्र॒ आदि सब

English

Men in the house who share the sacred banquet stand singing praise that brings them store of children.

अध्याय २०

श्लोक 38.4

इन्द्र॒मिद् गा॒थिनो॑ बृ॒हदिन्द्र॑म॒र्केभि॑र॒र्किणः॑ ।इन्द्रं॒ वाणी॑रनूषत

indramid gāthino bṛhadindramarkebhirarkiṇaḥ | indraṃ vāṇīranūṣata

हिन्दी अर्थ

दिव्य पदाथा के ( व्रता ) कमं भौर गतिविधियों को ( वेद ) जानता है- (जनासः) है प्रजाजनो ! (सः इन्द्रः) वहु परमेश्वर है । २१४. यः सोमकामो हयैः सृरियैसमाद् रेजन्ते धव॑नानि विश्वा । 1. . भ्रथववेद-माष्य,. का० २०. सू०३१५

English

He who just born, chief God of lofty spirit, by power and might became the God’s protector, Before whose breath, through greatness of his valour, the two worlds trembled, He, O men, is

अध्याय २०

श्लोक 38.5

इन्द्र॒ इद्धर्योः॒ सचा॒ संमि॑श्ल॒ आ व॑चो॒युजा॑ ।इन्द्रो॑ व॒ज्री हि॑र॒ण्ययः॑

indra iddharyoḥ sacā saṃmiśla ā vacoyujā | indro vajrī hiraṇyayaḥ

हिन्दी अर्थ

( यः) जो ( सोमकामः) सक्तिरस कौ . कामना करता, या सौम्य- ग्रावों का स्वामी, तथा ( सूरिः ) सर्वपरेरक है, (विद्वा भुवनानि ) सब भूवन (यस्मात् ) जिस से ( रेजन्ते ) भयभीत होकर काम्पते है, (यः) बरसनेवाले मेष का (जघान) हनन क्रिया है, (यः) जो (एकवीरः) एक- मात्र वीर है, ( जनासः ) है प्रजाजनो ! (सः इन्द्रः ) वहु परमेदवर है ।

English

Indra. He who fixed fast and firm the earth that staggered, and set at rest the agitated mountains,

अध्याय २०

श्लोक 38.6

इन्द्रो॑ दी॒र्घाय॒ चक्ष॑स॒ आ सूर्यं॑ रोहयद् दि॒वि।वि गोभि॒रद्रि॑मैरयत्

indro dīrghāya cakṣasa ā sūryaṃ rohayad divi| vi gobhiradrimairayat

हिन्दी अर्थ

२१५. यः सुन्वते पथते दुध आ चिद् बाज दहैषि स किलासि स॒त्यः । कर रहा है उसके लिये, (पचते) जो भक्तिरस को परिपक्व कर रहा है उस के लिये, ( दृधे ) जो भपने ब्रतौ में दुर्धर है उस के लिये, (वाजम्) बल भौर शक्ति (आ. दर्द॑षि) भादर पूर्वक देते है, (सः) वे श्राप (किल)

English

Who measured out air’s wider middle region and gave the heaven support, He, O men, is Indra.

अध्याय २०

श्लोक 39.1

इन्द्रं॑ वो वि॒श्वत॒स्परि॒ हवा॑महे॒ जने॑भ्यः ।अ॒स्माक॑मस्तु॒ केव॑लः

indraṃ vo viśvataspari havāmahe janebhyaḥ | asmākamastu kevalaḥ

हिन्दी अर्थ

श्रौर (सुवीरासः) घमंका्यँ मे सुचीर बनकर (विदथम्) आपके ज्ञान का ( आ वदेम ) सवत्र प्रचार करते रहँ । विच्वह = विष्व + हाड ( गतौ, ९२१६. अस्मा दु प्र तवसे तुराय प्रयो न इमि सतोमं माहिनाय । (तवसे) वृद्धिकारकं, (तुराय ) शीघ्र फलदायकः, (माहिनायं ) महा- -

English

Who slew the Dragon, freed the Seven Rivers, and draye the kine forth from the cave of Vala, Begat the fire between both stones, the spoiler in warrior’s battle, He, O men, is Indra.

अध्याय २०

श्लोक 39.2

व्य॑१न्तरि॑क्षमतिर॒न्मदे॒ सोम॑स्य रोच॒ना।इन्द्रो॒ यदभि॑नद् व॒लम्

vya1ntarikṣamatiranmade somasya rocanā| indro yadabhinad valam

हिन्दी अर्थ

महिम (भस्म ) इस परमेर्वर के लिये (इत्) टी, (उ ) भवय, ग (स्तो- मम्) सामगान ( प्र हमि) भेंट करता हुं । (न) जसे कि भरग्निहोत्रमे, मै इसी परमेश्वर के लिये (प्रयः) सामग्री भादि अन्न भेट करता हूं । (ऋची- का० २० । सु° ३५ म्रथवंवेद-माष्य । ८ वाले ( इन्द्राय ) परमेदवर के लिये, ( राततमा ) यथाथंज्ञान-परदायक

English

By whom this universe was made to tremble, who chased away the humbled brood of demon, Who, like a gambler gathering his winnings, seized the foe’s riches, He, O men, is Indra.

अध्याय २०

श्लोक 39.3

उद् गा आ॑ज॒दङ्गि॑रोभ्य आ॒विष्कृ॒ण्वन् गुहा॑ स॒तीः ।अ॒र्वाञ्चं॑ नुनुदे व॒लम्

ud gā ājadaṅgirobhya āviṣkṛṇvan guhā satīḥ | arvāñcaṃ nunude valam

हिन्दी अर्थ

गानों की (भरामि) मेंट लाता हं, (हृदा) हादिक-मावनाभों के साथ, (मनसा) मानसिक विचारो के-साथ,. तथा (मनीषा ) मानसिक इच्छाभ्भों के साथ । लिये, है उपासको ! तुम (धियः) भरपने कमो भौर बुदधियो को (मजंयन्त) माजन द्वारा बुद्ध करो ।. प्रयंसि प्रयांसि । १ (भरामि) भेट करता हूं । मुखोच्चारण द्वारा स्तुति करने से श्रोतांओं

English

Of whom, the terrible, they ask, Where is He? or verily they say of him, He is not. He wastes the foeman’s wealth like stakes of gamblers. Have faith in him for He, O men, is

अध्याय २०

श्लोक 39.4

इन्द्रे॑ण रोच॒ना दि॒वो दृ॒ल्हानि॑ दृंहि॒तानि॑ च ।स्थि॒राणि॒ न प॑रा॒णुदे॑

indreṇa rocanā divo dṛlhāni dṛṃhitāni ca | sthirāṇi na parāṇude

हिन्दी अर्थ

प्रकार से प्रेरित करता हूं, (इव तष्टा ) जसे कि कारीगर (रथंन) मानो रथ को प्रेरित होने योग्य कर देता है ( तत् + सिनाय ) रथसम्बःधी स्वामी के लियि। ( गिर्वाहसे ) स्तुततिवाणियों को स्वीकार करनेवाले ,. (मेधिराय) मेधावी (इन्द्राय) परभेदवर के लिये (गिरः च) मँ सभी स्तुतियां प्रेरित करता हूं । विशवमिन्वम् = विव + मिवि (सेचने) । तत्-+ सिनाय

English

279 Indra.

अध्याय २०

श्लोक 39.5

अ॒पामू॒र्मिर्मद॑न्निव॒ स्तोम॑ इन्द्राजिरायते ।वि ते॒ मदा॑ अराजिषुः

apāmūrmirmadanniva stoma indrājirāyate | vi te madā arājiṣuḥ

हिन्दी अर्थ

क्रीर-धूरियो की परम्परा को विदीणं करनेवाले परमेदवर की (वन्द्यं) वन्दना कर सकं । उसका भरभिवादन भौर स्तवन कर सक् । (अरम इत् उ) दस ही परमेदवर की माज्ञा कै.. पालन के लिये ताकि जल को रोकनेवाले मेष के साथ युद्ध किया.जा सके । (ईशानः चित्) शासन करनेवाला चेतन परमेदवर (येन तुजता) जिस हिल वदुतवच्

English

Stirrer to action of the poor and lowly, of priest, of suppliant who sings his praises Who, fair-faced, favours him who presseth Soma with stones adjusted, He, O men, is Indra.

अध्याय २०

श्लोक 40.1

इन्द्रे॑ण॒ सं हि दृक्ष॑से संजग्मा॒नो अबि॑भ्युषा।म॒न्दू स॑मा॒नव॑र्चसा

indreṇa saṃ hi dṛkṣase saṃjagmāno abibhyuṣā| mandū samānavarcasā

हिन्दी अर्थ

का० २० । सु० ३५ भथववेद-भाष्य ९९ हिसित करता है, उस वच को (विदत्) प्राप्त करके परमेश्वर (कियेधाः) कितने ही प्राणिर्यो का घारण-पोषण करता है ।

English

He under whose supreme control are horses, all chariots, and the hamlets, and the cattle: He who begat the Sun, begat the Morning, leader of waters.

अध्याय २०

श्लोक 40.2

अ॒न॒व॒द्यैर॒भिद्यु॑भिर्म॒खः सह॑स्वदर्चति ।ग॒णैरिन्द्र॑स्य॒ काम्यैः॑

anavadyairabhidyubhirmakhaḥ sahasvadarcati | gaṇairindrasya kāmyaiḥ

हिन्दी अर्थ

ष १ १।१२) ¬+ तमप् । स्वयम् = स्वः (आकारा ; उपतापि कियाहै,जोपेय कि (चारु) रचिकर (अन्ना) भाष्यात्मिक अन्न है। मेरे हृदय को बींध कर, (तिरः) उसमे तिरोहित भर्थात् छिपे (पचतम्)

English

He, O men, is Indra. To whom both armies cry in close encounter, foe against foe, the stronger and the weaker;

अध्याय २०

श्लोक 40.3

आदह॑ स्व॒धामनु॒ पुन॑र्गर्भ॒त्वमे॑रि॒रे।दधा॑ना॒ नाम॑ य॒ज्ञिय॑म्

ādaha svadhāmanu punargarbhatvamerire| dadhānā nāma yajñiyam

हिन्दी अर्थ

५।१ ४) । मुषायत् == मालिक के पता विना भालिकं के मालको हर परमेहवर, विना पता दिये, उपासक के भक्तिरस का पाने करता रहता है. इसलिये परमेदवर कै इस पान को चोरी कहा है । चार्बन्ना-= चारूणि २९३. अस्मा इदु भ्रा देवल रिन््रयाकेम॑हिदत्यं उुः ।

English

Whom two invoke upon one chariot mounted, each for himself, He, O ye men, is Indra.

अध्याय २०

श्लोक 41.1

इन्द्रो॑ दधी॒चो अ॒स्थभि॑र्वृ॒त्राण्यप्र॑तिष्कुतः ।ज॒घान॑ नव॒तीर्नव॑

indro dadhīco asthabhirvṛtrāṇyapratiṣkutaḥ | jaghāna navatīrnava

हिन्दी अर्थ

(अदिहत्ये) कामादि सापो के हननाथं, (भस्मे इत् उ चित्) इस ही परमेदवर के लिये (भकम् उवुः) भर्च॑नाश्भो का पट बुनती रही हँ । (जश्न) भरण-पोषण करनेवाले, (उर्वी). विस्तृत (द्यावापृथिवी) अलोक श्रौर भूलोक, है परमेदवर ! भरस्य ते) इस भ्रापकी (महिमानम्) महिमा का (परि न स्तः) मुकाबिला नहीं कर पाते । (ग्नाः = वाक् (निच १।११) ।

English

He, without whom men conquer not in battle, whom, warring, they invoke for help and succour;

अध्याय २०

श्लोक 41.2

इ॒च्छनश्व॑स्य॒ यच्छिरः॒ पर्वते॒ष्वप॑श्रितम्।तद् वि॑दच्छर्य॒णाव॑ति

icchanaśvasya yacchiraḥ parvateṣvapaśritam| tad vidaccharyaṇāvati

हिन्दी अर्थ

(दिवस्पृथिव्याः) द्युलोक गौर पृथिवीलोक से, तथा (परि अन्तरि- . महिमा (प्ररिरिचे) पूर्णतया रेचित हो रही है, प्रवाहित हो रही है। , विद्व में उद्यमवाला, (स्वरिः) आसुरी मावों कां उपतापक या उनका

English

He, all this universe’s type and image, who shakes what never shook, He, men, is Indra. He who hath smitten, ere they know their danger, with his hurl- ed weapon many grievous

अध्याय २०

श्लोक 41.3

अत्राह॒ गोर॑मन्वत॒ नाम॒ त्वष्टु॑रपी॒च्यम्।इ॒त्था च॒न्द्रम॑सो गृ॒हे

atrāha goramanvata nāma tvaṣṭurapīcyam| itthā candramaso gṛhe

हिन्दी अर्थ

(इन्द्रः) परमेदवर, (रणाय) भरांसुरी-भावों के साथ युद्ध करनेके लिये या उपासक कीं प्रसन्नता के लिये, (दमे) उपासक के हदय-गृहं मेँ (आ तथा श्रीःपंर सातवलेकर भध से प्रकादित भथवंवेद संहितां मे पाठ. को न छाप कर इनके स्थान में विद्युद्ध सार्थक पाठ ही छापने चाहिए ।

English

sinners: Who pardons not his boldness who provokes him, who slays the

अध्याय २०

श्लोक 42.1

वाच॑म॒ष्टाप॑दीम॒हं नव॑स्रक्तिमृत॒स्पृश॑म्।इन्द्रा॒त् परि॑ त॒न्वं ममे

vācamaṣṭāpadīmahaṃ navasraktimṛtaspṛśam| indrāt pari tanvaṃ mame

हिन्दी अर्थ

पाप-वुत्र की जड़ (विवृदचद् ) काट देतां है । तच जीवात्मा (ब्राणाः) राग- दष भ्रादि से भवंत (भ्रवनीः) पृथिवीस्थ प्रजाजनों को राग-दरःष.भादि से (अमुञ्चत्) मुक्त कर देता है, (न) जैसे कि (त्राणाः) मेष से भावृत का०२०।सु०३५ भ्रय्ववेद-भाष्य ९३ (सिन्धवः) समुद्र (रन्त) रमणीय बने हूुये.है, (यद्) जब कि परमेदवर

English

Dasyu, He, O men, is Indra. He who discovered in the fortieth autumn Sambara dwelling in the midst of mountains:

अध्याय २०

श्लोक 42.2

अनु॑ त्वा॒ रोद॑सी उ॒भे क्रक्ष॑माणमकृपेताम्।इन्द्र॒ यद् द॑स्यु॒हाभ॑वः

anu tvā rodasī ubhe krakṣamāṇamakṛpetām| indra yad dasyuhābhavaḥ

हिन्दी अर्थ

ने (व्र ण) वं्युत वज दवाय इन्दं (परि) पृथिवी के चारों भ्रोर (सीम्) सरवंत्र (अयच्छत्) प्रदान किया, या नियत कर दिया। परमेइवर ने (ईशानकृत्) शासको की सुष्टि भीं की हुई है । परमेदवर (दाशुषे) भ्रात्म- (तुर्वणिः) चोघ्र राक्ति प्रदान करनेवाला परमेषवर (गाधं कः) अपना (भर्णासि) जलो को (दष्यन्) चाहता हृभा राजा, पृथिवी पर

English

Who slew the Dragon putting forth his vigour, the demon lying there, He, men, is Indra. Who drank the juice poured at the seas of Order, subduing

अध्याय २०

श्लोक 42.3

उ॒त्तिष्ठ॒न्नोज॑सा स॒ह पी॒त्वी शिप्रे॑ अवेपयः ।सोम॑मिन्द्र च॒मू सु॒तम्

uttiṣṭhannojasā saha pītvī śipre avepayaḥ | somamindra camū sutam

हिन्दी अर्थ

(भरपाम्) जलो के (विचरघ्यै) विचरे के लिये, (-तिरदचा) तिरे (रदा) -शस्त्रो द्वारा (न) जसे (गोः) पृथिवीके (पवं) भङ्खोंको काटताहै भौर पृथिवीतलं पर नहरों यानदी केरूप मेंजल बहादेताहै, वसेह (तूतुजानः) बल का संग्रह करता - हा, ओौर (कियेधाः) कितनोकाही धारण-पोषण करता हृभा, (ईशानः) इन्द्रियों भरौर मन का अधीदवर बनकर तु, (वृत्राय) . पाप-वृत्र के हनन के लिये (वचम्) असङ्गरूपी

English

Sambara by superior prowess, Who hoarded food within the mountain’s hollow wherein he grew in strength, He, men, is

अध्याय २०

श्लोक 43.1

भि॒न्धि विश्वा॒ अप॒ द्विषः॒ परि॒ बाधो॑ ज॒ही मृधः॑ ।वसु॑ स्पा॒र्हं तदा भ॑र

bhindhi viśvā apa dviṣaḥ pari bādho jahī mṛdhaḥ | vasu spārhaṃ tadā bhara

हिन्दी अर्थ

“तुतुजानः भ्रौर किमधाः” का. अन्वय. राजा के साथ भी होता गोः यहां गोपु का वणन नही, क्योंकि गौ के गङ्ख काकाटना जल के लिये कहा है । गोपु कृ अङ्गो को काटने से जल की प्राप्ति नहीं हो सकती । जसे राजाःमगीरथ ने पवंतों.को काट कर पृथिवी. तल परगङ्खाको बहाया था, वसा ही वर्णन मन्र मंदहै) भगीरथ केकारणगक्खाकानाम हे परमेदवर ! (नव्यः) भाप दी स्तुति के योग्यहै। भाप,

English

Indra. Who, with seven guiding reins, the Bull, the mighty, set the

अध्याय २०

श्लोक 43.2

यद् वी॒लावि॑न्द्र॒ यत् स्थि॒रे यत् पर्शा॑ने॒ परा॑भृतम्।वसु॑ स्पा॒र्हं तदा भ॑र

yad vīlāvindra yat sthire yat parśāne parābhṛtam| vasu spārhaṃ tadā bhara

हिन्दी अर्थ

यमाणः) -श्रासुरी प्रवृत्तियों का विनाश चाहता हृश्रा, तंदथं (आयुधानि ) तदुपयोगी भायुों को (दइष्णानः) चाहता हमा, (युषे) देवासुर-संग्राम मर (शत्रून्) भरासुरी शाचरश्ों का (निरिणाति) वव करता है 4 ऋषायमाणः (शरस्य इत् उ) इस ही (जनुषः) जन्मदाता परमेश्वर के (मिया) भयं से (गिरयः) पव॑त (दल्हयाः) धपने-भपने स्थानों में दृढ़ खडे है, (च) देता हरा परमेश्वर, (नोधाः) उपासक की स्तुत्तियां धारण करके, वेनस्य) कामनावाले उपासंक को; (वीर्याय) वीरता के लिये,(सद्यः) दीघ (भोणिम्)

English

Seven Rivers free to flow at pleasure; Who, thunder-armed, rent Rauhina in pieces when scaling heaven, He, O ye men, is Indra.

अध्याय २०

श्लोक 43.3

यस्य॑ ते वि॒श्वमा॑नुषो॒ भूरे॑र्द॒त्तस्य॒ वेद॑ति ।वसु॑ स्पा॒र्हं तदा भ॑र

yasya te viśvamānuṣo bhūrerdattasya vedati | vasu spārhaṃ tadā bhara

हिन्दी अर्थ

रक्षा-साघन (उप उ भुवत्) उपस्थित कर देता है । दल्हाः= दृढाः । जो- शुवानः गुड् अव्यक्ते शाब्दे । उपासक को परमेरवर, उसकं मन में भरणा देता है, जिसके लिये व्यक्तवाणी की भरावर्यकता नहीं होती । ओणिम् = भव् रक्षणे, अथवा श्नोणु = भ्रपनयने ; बाघाभों को हटाने कं संघन । २६०. असां शु त्यदलुं दाय्येषामेको यद् वव्ने भूरेसै्चानः ।

English

Heaven, even, and the earth bow down before him, before his very breath the mountains tremble.

अध्याय २०

श्लोक 44.1

प्र स॒म्राजं॑ चर्षणी॒नामिन्द्रं॑ स्तोता॒ नव्यं॑ गी॒र्भिः ।नरं॑ नृ॒षाहं॒ मंहि॑ष्ठम्

pra samrājaṃ carṣaṇīnāmindraṃ stotā navyaṃ gīrbhiḥ | naraṃ nṛṣāhaṃ maṃhiṣṭham

हिन्दी अर्थ

कि (एकः) एक ही. है, वह, (एषाम्) इन उपासक मे से (भस्मे. इत् उ) का० २० । सू० ३६ अथवैवेद-माष्य । ६५ दान करता है, (यद् ) जिस की कि उपासक (वव्ने) याचना करता है।

English

Known as the Soma-drinker, armed with thunder, the wielder of the bolt, He, men, is Indra. Who aids with favour him who pours the Soma, and him who brews it, sacrificer, singer;

अध्याय २०

श्लोक 44.2

यस्मि॑न्नु॒क्थानि॒ रण्य॑न्ति॒ विश्वा॑नि च श्रव॒स्य ।अ॒पामवो॒ न स॑मु॒द्रे

yasminnukthāni raṇyanti viśvāni ca śravasya | apāmavo na samudre

हिन्दी अर्थ

वव्ने वनु याचने । श्रव किरणें । संस्छतसाहित्य मेँ सूयं को स्तोता लोग, (एवा) .इस प्रकार, (हारियोजना हारियोजनानि) विषय- विहारी-इन्दरियों को अपके साथ योगयुक्त -करनेवाली, ( सुवृक्ति है । (एषु) इन उपासको में भ्राप (विर्वपेशसम्) विद्व का निरूपण करने-

English

Whose strength our prayer and offered Soma heighten, and this our gift, He, O ye men, is Indra.

अध्याय २०

श्लोक 44.3

तं सु॑ष्टु॒त्या वि॑वासे ज्येष्ठ॒राजं॒ भरे॑ कृ॒त्नुम्।म॒हो वा॒जिनं॑ स॒निभ्यः॑

taṃ suṣṭutyā vivāse jyeṣṭharājaṃ bhare kṛtnum| maho vājinaṃ sanibhyaḥ

हिन्दी अर्थ

वालीं (धियम्) यथार्थ बुद्धि का (चाः) भाधान करते है, भौर (धियावसुः) प्रत्यय है, जो कि संज्ञावाची शब्दो मे, नहीं हो सकता । इसलिये "गोतम" , . (यः) जो .(एक इत्) एकं ही, (चषणीनाम्) मनुष्यों दवारा (हव्यः)

English

Born, manifested in his Parents’ bosom, He knoweth as a son the Highest Father. He who with vigorous energy assisted the companies of Gods,

अध्याय २०

श्लोक 45.1

अ॒यमु॑ ते॒ सम॑तसि क॒पोत॑ इव गर्भ॒धिम्।वच॒स्तच्चि॑न्न ओहसे

ayamu te samatasi kapota iva garbhadhim| vacastaccinna ohase

हिन्दी अर्थ

हये हैवह् (पत्यते) सकल एेश्वयों का पति है । (पवंतेष्ठाम्)अपने त्रत मे पवंत के सदृशा सुद उपासकौ मेः स्थिति पाये हए, (अद्रोघवाचम्) जिसकी वेदवाणी किसी के साथ द्रोह करना नहीं सिखाती, ही परमेदरवर को, (नः) हमारे (पूवं पितरः) पुवं पितर, . (नवग्वाः) तथा नवीन-स्तोता, गौर (सप्त विप्रासः) . सात छन्दोमयी वेद-वाणियों

English

He, men, is Indra Lord of Bay steeds, who loves the flowing Soma, He before whom all living creatures

अध्याय २०

श्लोक 45.2

स्तो॒त्रं रा॑धानां पते॒ गिर्वा॑हो वीर॒ यस्य॑ ते ।विभू॑तिरस्तु सू॒नृता॑

stotraṃ rādhānāṃ pate girvāho vīra yasya te | vibhūtirastu sūnṛtā

हिन्दी अर्थ

“सप्त' -ईरवर के साथ सदा सम्बद्ध “सपति समवेतीति' (उणा०कोष १। (तम्) उस (इन्द्रम्) परमेदवर से (ईमहे) हमं याचनाएं करते ह परमेरवर कीः है, जो परमेकवर किं ( पुरुवीरस्य ) बहूतों को वीर बनाता, .घमंवीरं दानवीर भ्रादि बनाता, (नृवतः) जौँ

English

tremble. He who smote Sambara and slaughtered Sushna, He the Sole

अध्याय २०

श्लोक 45.3

ऊ॒र्ध्वस्ति॑ष्ठा न ऊ॒तये॒ऽस्मिन् वाजे॑ शतक्रतो ।सम॒न्येषु॑ ब्रवावहै

ūrdhvastiṣṭhā na ūtaye'smin vāje śatakrato | samanyeṣu bravāvahai

हिन्दी अर्थ

किं नर नारियों का स्वामी, तथा (पुरुक्षोः) सभी भन्नो का भननपति है । का० २०। सु० ३६ - भय्वेवेद-माष्य ९७ परमेदवर के भक्त ! ( मादयध्यं ) भरपनी तृप्ति के लिये (तम् ) उस पर- मेदवर का तु (भराभर) भाश्रयले।

English

Hero, He, O men, is Indra. Thou verily art true strong God who sendest wealth to the man who brews and pours

अध्याय २०

श्लोक 46.1

प्र॒णे॒तारं॒ वस्यो॒ अच्छा॒ कर्ता॑रं॒ ज्योतिः॑ स॒मत्सु॑ ।सा॒स॒ह्वांसं यु॒धामित्रा॑न्

praṇetāraṃ vasyo acchā kartāraṃ jyotiḥ samatsu | sāsahvāṃsaṃ yudhāmitrān

हिन्दी अर्थ

(इन्द्रः) है परमेश्वर ! (ते) भाप के (जरितारः ) स्तोता (यदि) होते रहे है" .(तत्) तो उस सुख के सम्बन्ध मेँ (नः) हरमे भी (विवोचः) विष्ेषरूप मेँ कथन कीजिये । (दुध्र) है दुर्धर! , ( चिदः)हे दीन-दयालो।! , ( पुश्टूत) है बहतो द्वारा पकारे गये !, (पुरूवसो ) है महाधनी ! ( असु- रघ्नः) आपि भ्रासुर-परवृत्तियों का हनन करने वाले है; किये किं ( कःते मागः ) कौनसा धन आपका मागदहै?, ( कि वयः ) भौर भ्मापकाःश्नन्न (वेपी ) उदात्तादि स्वरों की दुष्ट से सुरीले वेपनोंवाली, ( वक्वरी ) जौर यथाथंज्ञान का कथनं करनेवाली ( यस्य गीः ) जिसकी वेदवाणी,

English

libation. So may we evermore, thy friends, O Indra, address the synod with brave sons about us.

अध्याय २०

श्लोक 46.2

स नः॒ पप्रिः॑ पारयाति स्व॒स्ति ना॒वा पु॑रुहू॒तः ।इन्द्रो॒ विश्वा॒ अति॒ द्विषः॑

sa naḥ papriḥ pārayāti svasti nāvā puruhūtaḥ | indro viśvā ati dviṣaḥ

हिन्दी अर्थ

९८ भरथवेवेद-माष्य का० २०। सू० ३६ किसी मवलम्ब के महाका मे नियत गतियां कर रहे है, भौर स्थान ष्ट नहीं होते ॥.इसका कारण यह् है कि ये सब परमेदवर की मजबूत पकड़ में इस इस प्रकार के प्रदन वेदों मे करई स्थानों मे. किये गये है । गातुम् = गायति सः गातुः ( उणा० कोष १।७३ ), वैदिकयन्त्रालय, भ्रजमेर । नक्षते गति-

English

To him, to him swift, strong, and high-exalted, I bring my song of praise as dainty viands; My thought to him resistless, meet for praises, prayers offered most devotedly to Indra.

अध्याय २०

श्लोक 46.3

स त्वं न॑ इन्द्र॒ वाजे॑भिर्दश॒स्या च॑ गातु॒या च॑ ।अच्छा॑ च नः सु॒म्नं ने॑षि

sa tvaṃ na indra vājebhirdaśasyā ca gātuyā ca | acchā ca naḥ sumnaṃ neṣi

हिन्दी अर्थ

(मनोजुवा ) मनुं मेँ प्रेरणाएं देनेवाली ( भ्रया मायया ) इस प्रज्ञा- हये, तथा (पवंतेन ) पर्वत के सदुश सुदुढ ( स्वतवः ) निज बल से सम्पन्लं आप ने (धृषता ) भरषने पराभवकारी पराक्रम द्वारा, अच्युता ) न च्युत

English

To him I offer praise as choice refreshment, bring forth my song, with seemly laud besiege him.

अध्याय २०

श्लोक 47.1

तमिन्द्रं॑ वाजयामसि म॒हे वृ॒त्राय॒ हन्त॑वे ।स वृषा॑ वृष॒भो भु॑वत्

tamindraṃ vājayāmasi mahe vṛtrāya hantave | sa vṛṣā vṛṣabho bhuvat

हिन्दी अर्थ

कर दिया है, भौर विरुजः) उन को मग्न कर दिया ह महा हे नवीन उपासको ! (वः) तुम्हारे ज्ञान के लिये हम गुरुजन, (पंल- विभरूतिर्यो के वर्णन. से विभ्रुषित करते हँ । ( सः ) वह ( भरनिमानः) माप-

English

For Indra, Lord of olden time, the singers shall deck their hymns with heart and mind and spirit.

अध्याय २०

श्लोक 47.2

इन्द्रः॒ स दाम॑ने कृ॒त ओजि॑ष्ठः॒ स मदे॑ हि॒तः ।द्यु॒म्नी श्लो॒की स सो॒म्यः

indraḥ sa dāmane kṛta ojiṣṭhaḥ sa made hitaḥ | dyumnī ślokī sa somyaḥ

हिन्दी अर्थ

छोडकर आत्म समपण की . आहुतियां करनेवाले की (प्रावः) रक्षाकी है रौर (सुदासम्) उत्तम दानी की रक्षा (विक्वाभिः ऊतिभिः) सब . सुदासम् = मु दा दाने । -पुषकुत्सः =नाना पायो भी जड काटने ४द. सं नूभिंमैमणो देववीतौ पूरींणि वृत्रा ईय इंपि ।

English

battle. Through his own strength with bolt of thunder Indra smote piece-meal Vritra, drier up of

अध्याय २०

श्लोक 47.3

गि॒रा वज्रो॒ न संभृ॑तः॒ सब॑लो॒ अन॑पच्युतः ।व॒व॒क्ष ऋ॒ष्वो अस्तृ॑तः

girā vajro na saṃbhṛtaḥ sabalo anapacyutaḥ | vavakṣa ṛṣvo astṛtaḥ

हिन्दी अर्थ

वर्णन किया है । एसी स्वप्नावस्था किं जिससे तमोगुण भौर रजोगुणे पुनः का० २०।सु०३७ भथवेवेद-माष्य १० जागरित न हो सके । इस स्वप्नावस्था का. वणन योगदशंन मे भी हुमा

English

With lordly might favouring him who worshipped, he made a ford, victorious, for Turviti. Vast, with thine ample power, with eager movement against this

अध्याय २०

श्लोक 47.4

इन्द्र॒मिद् गा॒थिनो॑ बृ॒हदिन्द्र॑म॒र्केभि॑र॒र्किणः॑ ।इन्द्रं॒ वाणी॑रनूषत

indramid gāthino bṛhadindramarkebhirarkiṇaḥ | indraṃ vāṇīranūṣata

हिन्दी अर्थ

द० २।४) । इसमे रागदेष भादि. वृत्तियो के प्रसुप्त हो जाने की. अवस्था का वर्णन हा है । इन वृत्तिर्यों की जागरित अवस्थाको “उदार आपने, (नवतिम्) घमंकर्म से इन्कार करनेवाली (तानि) उन (नव पुरः) का (भ्रहन् ) हनन कर दिया है, भौर फलतः (निवेशने ) मेरे शरीर-गृहं मे, शारीरिक कोर मे, भ्रापने (शततमा) सेकड़ों सत्कमं (भ्राविवेषीः) प्रविष्ट कर दियेरहै। - नवतिम्-=न + वत् 1 नव पुरः € कोषे । प्रायः ५ कोर्शोका

English

Vritra cast thy bolt of thunder. Rend thou his joints, as of an ox dissevered, with bolt oblique that floods of rain may follow.

अध्याय २०

श्लोक 47.5

इन्द्र॒ इद्धर्योः॒ सचा॒ संमि॑श्ल॒ आ व॑चो॒युजा॑ ।इन्द्रो॑ व॒ज्री हि॑र॒ण्ययः॑

indra iddharyoḥ sacā saṃmiśla ā vacoyujā | indro vajrī hiraṇyayaḥ

हिन्दी अर्थ

कोरा, रौर विज्ञानमयकोद । अवान्तरभेद से इन कोर को-€ भी कहा है । यथाः-“तस्येमे नव कोष्ठा विष्टम्भा नवधा हिताः” (अथव ० १३।४। . . (१)।१० ) । ये £ कोश रहै, (१) स्थूल्रीर ; (२) स्थूलदारीर को (न्दर). है परमेश्वर † (रातंहव्याय) जिसने अपने सवसव को हव्य-

English

Sing with new lauds his exploits wrought aforetime, the deeds of him, yea, him who moveth swiftly,

अध्याय २०

श्लोक 47.6

इन्द्रो॑ दी॒र्घाय॒ चक्ष॑स॒ आ सूर्यं॑ रोहयद् दि॒वि।वि गोभि॒रद्रि॑मैरयत्

indro dīrghāya cakṣasa ā sūryaṃ rohayad divi| vi gobhiradrimairayat

हिन्दी अर्थ

रूप में आपके प्रति समर्पित कर दिया है, जो (दाशुषे) सदादानी, ओर (सुदासे) सात्त्विकदानी है, उसके लिये,--(ते) श्राप के - (ता भोजनानि) वे योग्य पदाथं (सना) सदा उपस्थित रहते हैँ । है परमेश्वर ! यै उपासक योगविधि द्वारा भापके साथ युक्त करता हूं । . (पुरुशाक) - है महाशक्त्यो

English

When, hurling forth his weapons in the battle, he with impetuous wrath lays low the foemen. When he, yea, he is born the firm-set mountains and the whole heaven and earth tremble in

अध्याय २०

श्लोक 47.7

आ या॑हि सुषु॒मा हि त॒ इन्द्र॒ सोमं॒ पिबा॑ इ॒मम्।एदं ब॒र्हिः स॑दो॒ मम॑

ā yāhi suṣumā hi ta indra somaṃ pibā imam| edaṃ barhiḥ sado mama

हिन्दी अर्थ

१०४ थवेवेद-माष्य का०२०। सु० ३७ हो जांय । परमेदवर के नाम पर जो भ्रपना सवंस्व समर्पण कर देता है, रायस नोऽव्केभिवैरंयतवं प्रियासः सूरिषु स्याम .॥७॥ (सहसावन्) है पापों का पराभव करनेवाले ! (हरिवः) हे

English

terror. May Nodhas ever lauding the protection of this dear Friend win straightway strength heroic.

अध्याय २०

श्लोक 47.8

आ त्वा॑ ब्रह्म॒युजा॑ हरी॒ वह॑तामिन्द्र के॒शिना॑ ।उप॒ ब्रह्मा॑णि नः शृणु

ā tvā brahmayujā harī vahatāmindra keśinā | upa brahmāṇi naḥ śṛṇu

हिन्दी अर्थ

(परिष्टौ) परिस्तुति मे, (भ्रवाय) पापो के वह में (मा भरम) नदीं हम होने पाते । (मा परादं) कृपया हमें पापरूपी शत्रुओं के वशीभूत न होने दीजिये, या इस सम्बन्ध मेँ भाप हमारा परित्याग न कीजिये; भ्रपितु.

English

Now unto him of these things hath been given what he, who rules alone o’er much, electeth. Indra helped Etasa, the Soma presser, contending in the chariot- race with Sūrya.

अध्याय २०

श्लोक 47.9

ब्र॒ह्माण॑स्त्वा व॒यं यु॒जा सो॑म॒पामि॑न्द्र सो॒मिनः॑ ।सु॒ताव॑न्तो हवामहे

brahmāṇastvā vayaṃ yujā somapāmindra sominaḥ | sutāvanto havāmahe

हिन्दी अर्थ

(श्रवृकेमिः) हिसा से बचानेवाली (वस्यः) निज कवचो द्वारा (नः) हमारा ०9 11011 (जापटे), अर्थात् कवच, जो कि शरीर का आवरण करती है । वरूथ को वेद मे वमं मी का है । यथाः--“्रजापतेराक्तो ब्रह्मणा रक्षा करते ह . भवृकेभिः ; परादं = वृक आदाने (भ्वादि), वृक, आदान

English

Thus to thee, Indra, yoker of bay coursers, the Gotamas have brought their prayers and praises.

अध्याय २०

श्लोक 47.10

यु॒ञ्जन्ति॑ ब्र॒ध्नम॑रु॒षं चर॑न्तं॒ परि॑ त॒स्थुषः॑ ।रोच॑न्ते रोच॒ना दि॒वि

yuñjanti bradhnamaruṣaṃ carantaṃ pari tasthuṣaḥ | rocante rocanā divi

हिन्दी अर्थ

का० २० । सु० ३६ भ्रथवेवेद-माष्य । ६९ हे परमेश्वर आप, ( द्रुह्वणे ) पापों के साथ द्रोह करनेवाले, उन के हनन की अभिलाषा करनेवाले ( जनाय ) मनुष्य के लिये (पाथिवानि . लिये, (क्षाम् ) पुथिवी को ( भ्रपः च ) भौर जलो को ( शोचय ) सुखा

English

To him then with my lips my song of praises, excellent, winning heavenly light, I offer, 280

अध्याय २०

श्लोक 47.11

यु॒ञ्जन्त्य॑स्य॒ काम्या॒ हरी॒ विप॑क्षसा॒ रथे॑ ।शोणा॑ धृ॒ष्णू नृ॒वाह॑सा

yuñjantyasya kāmyā harī vipakṣasā rathe | śoṇā dhṛṣṇū nṛvāhasā

हिन्दी अर्थ

चिष्व बज़ं दधिण इन्द्र हते विश्वा अजयं दयसे. वि मायाः ।।९॥ हस्ते) पने दाहिने हाथ मेँ वज्र धारण करता है । (भजु) है जजर भ्रमर विनाशिन् ! भाप (विद्वाः) सब प्रकार के (मायाः) छलकपटरूपी क्सो का (वि. दयथे ) विनां करते है, भरथवा सब प्रजञागो के दाता है । मायाः--छलटपट, तथा प्रज्ञा (निघ० ३१९) 1 दयसे हिसा तथा यया दासान्यायौंणि वत्रा कर बजिन्तमुतुका नाहषाणि ॥१०॥

English

To magnify with hymns of invocation and eulogies the Lord, most bounteous Giver. Even for him I frame a laud—so fashions the wright a chariot for the man who needs it

अध्याय २०

श्लोक 47.12

के॒तुं कृ॒ण्वन्न॑के॒तवे॒ पेशो॑ मर्या अपे॒शसे॑ ।समु॒षद्भि॑रजायथाः

ketuṃ kṛṇvannaketave peśo maryā apeśase | samuṣadbhirajāyathāḥ

हिन्दी अर्थ

१०० , . .' भथरवेवेद-माष्य का०२०। सु° ३७ तथा महाकल्याण मागं प्राप्त करादये जिससे कामादि के साथ पुनः संग्राम पराप्त कराइये, (यया) जिस द्वारा कि (दासानि) उपक्षयकारी तथा . (वृत्रा) उन्नति. को रोकनेवाले (नाहुषाणि ) मनुष्यो को मी, भ्राप

English

Songs for wise Indra hymned with invocation, a song composed with care and all-impelling. So with my tongue I deck, to please that Indra, my hymn as’t- were a horse, through love of

अध्याय २०

श्लोक 47.13

उदु॒ त्यं जा॒तवे॑दसं दे॒वं व॑हन्ति के॒तवः॑ ।दृ॒शे विश्वा॑य॒ सूर्य॑म्

udu tyaṃ jātavedasaṃ devaṃ vahanti ketavaḥ | dṛśe viśvāya sūryam

हिन्दी अर्थ

उनकी सन्तानो को भी भ्राप शरेष्ठ भ्रां बना देते हँ । - मनुष्यनाम (निच० २।३) ।आयेः = ईरवरपुत्रः (निद० ६।५।२६) । तुक् = . न या अदेषो बते न देव आभिर्याहि तूय॒मा मंहूयद्रिर् ॥११॥

English

glory, To reverence the Hero, bounteous Giver, famed far and wide, destroyer of the castles.

अध्याय २०

श्लोक 47.14

अप॒ त्ये ता॒यवो॑ यथा॒ नक्ष॑त्रा यन्त्य॒क्तुभिः॑ ।सूरा॑य वि॒श्वच॑क्षसे

apa tye tāyavo yathā nakṣatrā yantyaktubhiḥ | sūrāya viśvacakṣase

हिन्दी अर्थ

(पुरत) है बहतो के द्वाराः पुकारे गए † (वेध) है पापों की वेधने श्राप, (विदववाराभिः) सब पापों का निव्रारण करनेवाली (नियुद्धिः) शक्त्यो को (न अदेवः) न कोई शरदेव, (न देवः) भौर न कोर्ई देव (वरते) .

English

Even for him hath Tvashtar forged the thunder, most deftly wrought, celestial, for the battle. Wherewith he reached the vital parts of Vritra, striking—the vast, the mighty—with the

अध्याय २०

श्लोक 47.15

अदृ॑श्रन्नस्य के॒तवो॒ वि र॒श्मयो॒ जनां॒ अनु॑ ।भ्राज॑न्तो अ॒ग्नयो॑ यथा

adṛśrannasya ketavo vi raśmayo janāṃ anu | bhrājanto agnayo yathā

हिन्दी अर्थ

, निवारण कर सकता है, (भ्रासिः) इन शक्तियों समेत माप (तूयम्) शीघ् का० २०। सु० ३७. रथवेवेद-माष्य ,. १०१ तीक्षण किररणोवाने भौर वर्षा करणे सूयं के सदृ (यः) जो भाप (भीमः) ¦

English

striker, As soon as, at libations of his mother, great Vishnu had drunk up the draught, he plundered.

अध्याय २०

श्लोक 47.16

त॒रणि॑र्वि॒श्वद॑र्शतो ज्योति॒ष्कृद॑सि सूर्य ।विश्व॒मा भा॑सि रोचन

taraṇirviśvadarśato jyotiṣkṛdasi sūrya | viśvamā bhāsi rocana

हिन्दी अर्थ

भयप्रद है, वे भाप .(एकः) भकेले ही (विवा ) सब (कृष्टीः) प्रजाजनों को (प्रच्यावयसि) विचलित कर देते हँ । (यः). जो -भ्राप (चरवतः) नियन्ता है, वे भ्राप (वेदः) दानी के घन को (सुष्वितराय) इतरो के के भ्रति देदेतेरहै,प्रेरितकरदेते्है। - कृष्टीः मनुष्यनाम (निध० २।३)! मयस्य धननाम ( निष

English

The dainty cates, the cooked mess; but One stronger transfixed the wild boar, shooting through the mountain.

अध्याय २०

श्लोक 47.17

प्र॒त्यङ् दे॒वानां॒ विशः॑ प्र॒त्यङ्ङुदे॑षि॒ मानु॑षीः ।प्र॒त्यङ् विश्वं॒ स्वर्दृ॒शे

pratyaṅ devānāṃ viśaḥ pratyaṅṅudeṣi mānuṣīḥ | pratyaṅ viśvaṃ svardṛśe

हिन्दी अर्थ

२।१०) । वेदः धननाम (निष०.२।१०) । सुष्वितराय =सु + षणु (दाने) जब-आप, कहीं मी रहते उपासक की प्राथेना को (शुश्रूषमाणः) सुन लेते सदुश भ्रपनें पापों की जड़ काटनेवाले उपासक की (समर्ये ) उसके देवासुर-

English

To him, to Indra when he slew the Dragon, the Dames too, Consorts of the Gods, wove praises.

अध्याय २०

श्लोक 47.18

येना॑ पावक॒ चक्ष॑सा भुर॒ण्यन्तं॒ जनां॒ अनु॑ ।त्वं व॑रुण॒ पश्य॑सि

yenā pāvaka cakṣasā bhuraṇyantaṃ janāṃ anu | tvaṃ varuṇa paśyasi

हिन्दी अर्थ

उपासक के लिये (शिक्षन) सत् शिक्षा देते हुये, भापने (दासम् ) उपासक राजस कमं कां (अरन्धयः) विनाश कर दिया है, (यत्) जसे कि मेघीय- (शुष्णम्) उसे सुखा देनेवाले तथा (दासम्) उसका क्षय कर देनेवाले मेष का (अरन्वयः) हसन करती हं । 1

English

The mighty heaven and earth hath he encompassed: thy great- ness heaven and earth, combined, exceed not.

अध्याय २०

श्लोक 47.19

वि द्यामे॑षि॒ रज॑स्पृ॒थ्वह॒र्मिमा॑नो अ॒क्तुभिः॑ ।पश्यं॒ जन्मा॑नि सूर्य

vi dyāmeṣi rajaspṛthvaharmimāno aktubhiḥ | paśyaṃ janmāni sūrya

हिन्दी अर्थ

अनु न शुक्ल (निर २।६।२१) ; तथा लुभ् (सत्यमारग,चऋचु- र पोच्कत्वि तसरदसयुमाबुः सेतर॑घाता इत्ते पुरुम् ॥३॥ १०२ . . भयवंवेद-माष्य - का० २०। सु० ३७ १ (धृष्णो) पापो का धर्षण करनेवाले है परमेदवर ¡ (त्वम्) आपने

English

Yea, of a truth, his magnitude surpasseth the magnitude of earth, mid-air and heaven. Indra whom all men praise, the Sovran Ruler, waxed in his home loud-voiced and strong for

अध्याय २०

श्लोक 47.20

स॒प्त त्वा॑ ह॒रितो॒ रथे॒ वह॑न्ति देव सूर्य ।शो॒चिष्के॑शं विचक्ष॒णम्

sapta tvā harito rathe vahanti deva sūrya | śociṣkeśaṃ vicakṣaṇam

हिन्दी अर्थ

उपासक नेता दवारा देववीतौ). श्राप देव कं प्रति आत्मसमर्पण कर हनन कर देते है, (नृमणः) क्योंकि उपासक-नेताभों के प्रति भरापका मन, के कारणों को (नि भस्वापयः) नित्या सुला दिया है।

English

waters. He let the floods go free, like cows imprisoned, for glory, with a heart inclined to bounty.

अध्याय २०

श्लोक 47.21

अयु॑क्त स॒प्त शु॒न्ध्युवः॒ सूरो॒ रथ॑स्य न॒प्त्यः ।ताभि॑र्याति॒ स्वयु॑क्तिभिः

ayukta sapta śundhyuvaḥ sūro rathasya naptyaḥ | tābhiryāti svayuktibhiḥ

हिन्दी अर्थ

, (श्दभीति'- पद द्वारा उपासक के “सात्त्विकमाव को सुचित किवा है । वह् सत्याचारी है इसलिये दम्म भावनां से रहित है । चुमुरि का भ्रं होता है “हिरन" 1 यह स्वभावतः डरयोक होताः है । .डंरपोकपन तमोगुण का परिणाम है। इसलिये चुमुरि पद द्वारा “तमोगुण” को का भभव, चञ्चलता । इस द्वारा “रजोगुण” को सूचित किया है। “अस्वापयः” पद् . ढारा तमोगुण ब्रौर रजोगुण को नितरां सुला देने का ,

English

Through his resplendent power still stood the rivers when with his bolt on every side he stayed them.

अध्याय २०

श्लोक 48.1

अ॒भि त्वा॒ वर्च॑सा गिरः॒ सिञ्च॑न्ती॒राच॑र॒ण्युवः॑ ।अ॒भि व॒त्सं न धे॒नवः॑

abhi tvā varcasā giraḥ siñcantīrācaraṇyuvaḥ | abhi vatsaṃ na dhenavaḥ

हिन्दी अर्थ

दात्र हमारा आदान न करे- हम उनके वश में न होने पाएं । इस प्रकार “वृक भ्रौर परादे"५। इन दोनों शरदो में “भ्राद्रान" भरं समान है । (मघवन्) है घनयते ! (ति) भापके (इत्) ही (प्रियासः) प्यारे उपासकं नर-नारियां, (सखायः) परस्पर सखा बनकर, . (शरणे ) भाषकी

English

Bestow upon them thought, decked with all beauty. May he, enriched with prayer, come soon and early.

अध्याय २०

श्लोक 48.2

ता अ॑र्षन्ति शु॒भ्रियः॒ पृञ्च॑न्ती॒र्वर्च॑सा प्रि॒यः ।जा॒तं जा॒त्रीर्यथा॑ हृ॒दा

tā arṣanti śubhriyaḥ pṛñcantīrvarcasā priyaḥ | jātaṃ jātrīryathā hṛdā

हिन्दी अर्थ

का०.२० । सू० ३७ अथववेद-भाष्य .. १०५ .. . सदगुरु की चरण मे जानेवाले उपासक की . (शंस्यम्) कीति को (करिष्यन्) (मघवन्). है धनपते.! . सांसारिक ओौर भ्राध्यात्मिक धन के

English

Our ancient sires, Navagvas, sages seven, while urging him to show his might, extolled him, Dweller on heights, swift smiting down opponents, guileless in word, and in his thoughts

अध्याय २०

श्लोक 48.3

वज्रा॑पव॒साध्यः॑ की॒र्तिर्म्रि॒यमा॑ण॒माव॑हन्।मह्य॒मायु॑र्घृ॒तं पयः॑

vajrāpavasādhyaḥ kīrtirmriyamāṇamāvahan|mahyamāyurghṛtaṃ payaḥ

हिन्दी अर्थ

गायन करने लगते हँ । (येते) जो आप के हम उपासक, (हवेभिः) आह्वान- कम निम्नलिखित है ।. यथा-“तदपरयत्, तदभवत्, तदासीत्" (यजु०. दशन मेँ तद्रप हो जातां है, तल्लीन हो जाता है, तदनन्तर उसमे चिरस्थित हयो जाता है । रासीत् सम्भवतः भ्रासीत (भ्रासू उपवेशने) । यह चिर- -स्थितिही सागुज्य-मृक्ति है ।

English

most mighty. We seek that Indra to obtain his riches that yield much food, and men, and store of heroes.

अध्याय २०

श्लोक 48.4

आयं गौः पृश्नि॑रक्रमी॒दस॑दन्मा॒तरं॑ पु॒रः ।पि॒तरं॑ च प्र॒यन्त्स्वः

āyaṃ gauḥ pṛśnirakramīdasadanmātaraṃ puraḥ | pitaraṃ ca prayantsvaḥ

हिन्दी अर्थ

१०६ भथवेवेद-माष्य का० २०. सु०.३८ सामगान, हमे (मघानि) आध्यात्मिक ददव्यं (ददतः) प्रदान करते है। हनन-काये भे आप (शिवः) उनके लिये कल्याणकारी (भ्रुः) हृजिये । (च) पौर (रः) राप पराक्रमकारी, (नृणाम्). उपासक नेताभों के, (सखा

English

O Lord of Bay Steeds, bring to make us joyful, celestial wealth abundant, undecaying. Declare to us—if at thy hand aforetime the earlier singers have obtained good fortune

अध्याय २०

श्लोक 48.5

अ॒न्तश्च॑रति रोच॒ना अ॒स्य प्रा॒णाद॑पान॒तः ।व्य॑ख्यन्महि॒षः स्वः

antaścarati rocanā asya prāṇādapānataḥ | vyakhyanmahiṣaḥ svaḥ

हिन्दी अर्थ

हमे अवश्य बद़ादये 1 तथा (उपस्तीन्) आपके आश्रये रहनेवाले (नः) हम उपासको को ( वाजान्) बल ओौर शक्तियां (उप मिमीहि) प्रदान कीजिये । तथा है उपासक .नेताभ्रो ! (मन्व १०) (युयम्) भ्राप सब, (सदा पात) सदा रक्षा करते रहिये । (इन्द्र) है परमेदवर ! -(आ याहि ) आद्ये, दर्शन दीजियेः। (हि) तिर्वय से (ते) . भ्रापके लिये . (सोमम्) भक्तिरस का सुषुम) 4 हमने निष्पादन किया हुभ्रा है। (इमम्) इस भक्तिरस को (पिब)

English

What is thy share and portion, strong Subduer, Asura-slayer, rich, invoked of many?

अध्याय २०

श्लोक 48.6

त्रिं॒शद् धामा॒ वि रा॑जति॒ वाक् प॑त॒ङ्गो अ॑शिश्रियत्।प्रति॒ वस्तो॒रह॒र्द्युभिः॑

triṃśad dhāmā vi rājati vāk pataṅgo aśiśriyat| prati vastorahardyubhiḥ

हिन्दी अर्थ

कीजिये, ओर (मम) मेरे (ददं बहिः) इस हृदयाखन पर (भरासदः) भा का० २० ॥ सु० ३८ अथववैवेद-भाष्यः „ १५५. आ त्वा जहमपूजा इरी वहतामिन्द्र केशिन ।

English

He who for car-borne, thunder-wielding Indra, hath a hymn, craving deeply-piercing, fluent, Who sends a song effectual, firmly-grasping, and strength- bestowing, he comes near the

अध्याय २०

श्लोक 49.1

यच्छ॒क्रा वाच॒मारु॑हन्न॒न्तरि॑क्षं सिषासथः ।सं दे॒वा अ॑मद॒न् वृषा॑

yacchakrā vācamāruhannantarikṣaṃ siṣāsathaḥ | saṃ devā amadan vṛṣā

हिन्दी अर्थ

वाले, (केशिनं) गौर भ्रापके स्वरूप पर प्रकाश डालनेवाले, (हरी) मनो- हारी ऋक् की स्तुतियां, तथा सामवेद के सामगान, (त्वा) भरापको (श्चा वहताम्) हमे प्राप्त केरा दं । है परमेक्वर ! - तब आप (नः) हमारी मे साक्षात् उपस्थित होकर, (शुणु) सुनिये । . इन्द्र) है परमेषवर ! (सोमिनः) भक्तिरसवाले, (सुतावन्तः)

English

mighty. Strong of thyself! thou with this art hast shattered with thought- swift Parvata, him who

अध्याय २०

श्लोक 49.2

श॒क्रो वाच॒मधृ॑ष्टा॒योरु॑वाचो॒ अधृ॑ष्णुहि ।मं॑हिष्ठ॒ आ म॑द॒र्दिवि॑

śakro vācamadhṛṣṭāyoruvāco adhṛṣṇuhi | maṃhiṣṭha ā madardivi

हिन्दी अर्थ

(हवामहे) पुकारदहेहै। - २५७. हनद्रमिर गाथिनो बृहदिनरमकेभिरकिणं; । (गाधिनः) सामगान करनेवाले सामगानो दवारा, (भ्रकरिणः) ऋग्वेदी भ्रनूषत) महास्तवन करते है, ओर (वाणीः) यजुरवंद भौर अथर्ववेद की

English

waxed against thee; And, Mightiest! rager! boldly rent in pieces things that were firmly fixed and never shaken..

अध्याय २०

श्लोक 49.3

श॒क्रो वाच॒मधृ॑ष्णुहि॒ धाम॑धर्म॒न् विरा॑जति ।विम॑दन् ब॒र्हिरा॒सर॑न्

śakro vācamadhṛṣṇuhi dhāmadharman virājati | vimadan barhirāsaran

हिन्दी अर्थ

समवाय सम्बन्ध से मिधित हुभा हभ है, . चू कि (वचोयुजा) . ऋक् भौर सामःका जोडा परमेदवर का ही प्रवचन. करता है । (इन्द्रः) परमेश्वर बाला है, या सब करा.हित करनेवाला तथा रमणीयरूपवाला है । - समवाये । मानो ऋग्वेद की स्तुतियों भौर सामवेद के सामगानौं के साथ परमे- दवर का समवाय सम्बन्ध है । द्रसके द्वारा यह सूचित किया है कि “उपासना मे चाहे किसी भी वेदिक दंवतनाम द्वारा स्तुति या सामगान किया जाये,वह् स्तुति भ्रौर सामगान परमेदवर के सम्बन्धे ही समनी चाहिए.। जसे कि भथवंवेद मे का है कि-““यस्तं न वेद किमुचा करिष्यति"(६।१०।१०)

English

Him will we fit for you with new devotion, the strongest, Ancient One, in ancient manner.

अध्याय २०

श्लोक 49.4

तं वो॑ द॒स्ममृ॑ती॒षहं॒ वसो॑र्मन्दा॒नमन्ध॑सः ।अ॒भि व॒त्सं न स्वस॑रेषु धे॒नव॒ इन्द्रं॑ गी॒र्भिर्न॑वामहे

taṃ vo dasmamṛtīṣahaṃ vasormandānamandhasaḥ | abhi vatsaṃ na svasareṣu dhenava indraṃ gīrbhirnavāmahe

हिन्दी अर्थ

भर्थात् “ऋचां के साध . उसका कोई मतलब नहीं, जो किं चाभ्रो के - वर्ण॑नों मे परमेदवर को भ्रोत-प्रोत हमा नहीं जानता” । इसलिये उपासना , मे ऋक्-साम को परमेरवर का प्रवचनकर्ता कहा है । साम भौर ऋचा . कां हनन कर देता है, इस प्रकार उसक लिये ( ओर प्रौभाविकता गान पर निभ॑र है) इसी लिये. परमेदवर के प्रवक्ता

English

So way that Indra, boundless, faithful leader, conduct us o’er all places hard to traverse. Thou for the people who oppress hast kindled the earthly firma- ment and that of heaven.

अध्याय २०

श्लोक 49.5

द्यु॒क्षं सु॒दानुं॒ तवि॑षीभि॒रावृ॑तं गि॒रिं न पु॑रु॒भोज॑सम्।क्षु॒मन्तं॒ वाजं॑ श॒तिनं॑ सह॒स्रिणं॑ म॒क्षू गोम॑न्तमीमहे

dyukṣaṃ sudānuṃ taviṣībhirāvṛtaṃ giriṃ na purubhojasam| kṣumantaṃ vājaṃ śatinaṃ sahasriṇaṃ makṣū gomantamīmahe

हिन्दी अर्थ

इस दुष्ट से “वचोयुजा का भरं होगा, । कि ये दोनो “वचन” भर्थात् कं (सचा) साथ, (इन्द्रः) परमेदवर (भा संभिरलः) म्रिधित हौ जाता है । संमिदलः == जंसे पानी मे नमक डाला जाय तो नमक पानी

English

With heat, O Bull, on every side consume them heat earth and flood for him who hates devotion:

अध्याय २०

श्लोक 49.6

तत् त्वा॑ यामि सु॒वीर्यं॒ तद् ब्रह्म॑ पू॒र्वचि॑त्तये ।येना॒ यति॑भ्यो॒ भृग॑वे॒ धने॑ हि॒ते येन॒ प्रस्क॑ण्व॒मावि॑थ

tat tvā yāmi suvīryaṃ tad brahma pūrvacittaye | yenā yatibhyo bhṛgave dhane hite yena praskaṇvamāvitha

हिन्दी अर्थ

संमिधित होकर पानी को नमकीन बना देता है, इसी प्रकारं जब.परमेदवर परमेदवरीय-सत्ता का भान होने लगता है । यह परमेश्वर का इन्द्रियो के २५९. इन्द्र दीर्घाय चसे आ बूर रोहयद् दिवि ।

English

Of all the heavenly folk, of earthly creatures, thou art the King, O God of splendid aspect.

अध्याय २०

श्लोक 49.7

येना॑ समु॒द्रमसृ॑जो म॒हीर॒पस्तदि॑न्द्र॒ वृष्णि॑ ते॒ शवः॑ ।स॒द्यः सो अ॑स्य महि॒मा न सं॒नशे॒ यं क्षो॒णीर॑नुचक्र॒दे

yenā samudramasṛjo mahīrapastadindra vṛṣṇi te śavaḥ | sadyaḥ so asya mahimā na saṃnaśe yaṃ kṣoṇīranucakrade

हिन्दी अर्थ

(इन्द्रः) परमेदवर ने (दीर्घाय) दूर-दूर तकं (चक्षते) देखने के कियादहै, रौर (गोभिः) सूयं की किरणों द्वारा (अद्रिम्) मेचको (वि -एेरयत्) विविध स्थानों में प्रेरित किया है।

English

In thy right hand, O Indra, grasp the thunder: Eternal! thou destroyest all enchantments. Give us confirmed prosperity, O Indra, vast and exhaustless for the foes’ subduing.

अध्याय २०

श्लोक 50.1

कन्नव्यो॑ अत॒सीनां॑ तु॒रो गृ॑णीत॒ मर्त्यः॑ ।न॒ही न्व॑स्य महि॒मान॑मिन्द्रि॒यं स्वर्गृ॒णन्त॑ आन॒शुः

kannavyo atasīnāṃ turo gṛṇīta martyaḥ | nahī nvasya mahimānamindriyaṃ svargṛṇanta ānaśuḥ

हिन्दी अर्थ

के ऊपर सहस्रारचक्र है । सहसरा रचक्र को सहस्रदल कमल भी कहते हैँ । इस केमल की सहस्र पंखडियां ह । ये. नाना रगोवाले प्रका से प्रकारितदहै। श्रदविम- द्रिका भ्रथंहै, मेष । जैसे मेधसे वर्षा होती दहै, वसे रखता है । वही तरल “द्रव” सुषुम्णा-नाल मे चूता रहता है । तथा वही

English

Strengthen therewith the Arya’s hate and Dāsa’s; and let the arms of Nahushas be mighty. Come with thy teams which bring all blessings, hither, disposer, much-invoked, exceeding

अध्याय २०

श्लोक 50.2

कदु॑ स्तु॒वन्त॑ ऋतयन्त दे॒वत॒ ऋषिः॒ को विप्र॑ ओहते ।क॒दा हवं॑ मघवन्निन्द्र सुन्व॒तः कदु॑ स्तुव॒त आ ग॑मः

kadu stuvanta ṛtayanta devata ṛṣiḥ ko vipra ohate | kadā havaṃ maghavannindra sunvataḥ kadu stuvata ā gamaḥ

हिन्दी अर्थ

११० अथर्ववेद-माष्य कौ० २० । सु० ३९ “कपाल महाघिद्र'” से भी चता रहता है । इसे मेघवर्षा कहते हैँ । नीरोगा- है, परन्तु इसमे यत्किचित् चरपड्ाहट भी होती है । योगी लोग . इसका पान करते हैँ । इसे भमृत-तथा भ्रमर वारुणी भी कहते हैँ । (देखो-“पात-

English

holy! Come to me swiftly with these teams of coursers, these which no fiend, no God may stay or

अध्याय २०

श्लोक 51.1

अ॒भि प्र वः॑ सु॒राध॑स॒मिन्द्र॑मर्च॒ यथा॑ वि॒दे।यो ज॑रि॒तृभ्यो॑ म॒घवा॑ पुरू॒वसुः॑ स॒हस्रे॑णेव॒ शिक्ष॑ति

abhi pra vaḥ surādhasamindramarca yathā vide| yo jaritṛbhyo maghavā purūvasuḥ sahasreṇeva śikṣati

हिन्दी अर्थ

( वः जनेभ्यः) तुम सबः ज्नोः के सुखः के लिये, हम उपासक विदेषरूप मं फलाया है, भौर द्युलोक मे . (रोचना ) चमकते सूये,. नक्षत्र, तांरागणो को फलाया है, तथा. (सोमस्य सदे) भक्तिरसः से प्रसन्न होकर

English

hinder. O Bold One, thou with all thine aids hast boldly helped Sudās whose offerings were accepted,

अध्याय २०

श्लोक 51.2

श॒तानी॑केव॒ प्र जि॑गाति धृष्णु॒या हन्ति॑ वृ॒त्राणि॑ दा॒शुषे॑ ।गि॒रेरि॑व॒ प्र रसा॑ अस्य पिन्विरे॒ दत्रा॑णि पुरु॒भोज॑सः

śatānīkeva pra jigāti dhṛṣṇuyā hanti vṛtrāṇi dāśuṣe | gireriva pra rasā asya pinvire datrāṇi purubhojasaḥ

हिन्दी अर्थ

ने किया है । रोचना रोचनानि 1 (अर्खिरोभ्यः) प्राणायामाभ्यासियों के. लिये. परमेदवर ने (गाः) हृदयं की गुफा में छिपी ज्ञान की किरणों को (भाविष्कृण्वन्) परमेदवर ने

English

Pūru in winning land and slaying foemen, and Trasadasyu son of Purukutsa. At the Gods’ banquet, Hero-souled! with heroes, Lord of Bay

अध्याय २०

श्लोक 51.3

प्र सु श्रु॒तं सु॒राध॑स॒मर्चा॑ श॒क्रम॒भिष्ट॑ये ।यः सु॑न्व॒ते स्तु॑व॒ते काम्यं॒ वसु॑ स॒हस्रे॑णेव॒ मंह॑ते

pra su śrutaṃ surādhasamarcā śakramabhiṣṭaye | yaḥ sunvate stuvate kāmyaṃ vasu sahasreṇeva maṃhate

हिन्दी अर्थ

भ्रौर तमस् को, मानो (अर्वाजवं नुनुदे ) उसने नीचे पटक दिया है क्षीण हो जाता है । “ततः क्षीयते प्रकाशावरणभ्" (योगदशंन २।५२) हई (दृल्हानि रोचना) दृढ़ दीप्तिर्यो को . (दृ हितानि) गौर सुदंढ़ कर दिया है, (न पराणुदे) भ्रव ये दीप्तियां हटाई नहीं जा सकतीं 1

English

Steeds, thou slewest many Vritras. Thou sentest in swift death to sleep the Dasyu, both Chumuri and Dhuni, for Dabhiti,

अध्याय २०

श्लोक 51.4

श॒तानी॑का हे॒तयो॑ अस्य दु॒ष्टरा॒ इन्द्र॑स्य स॒मिषो॑ म॒हीः ।गि॒रिर्न भु॒ज्मा म॒घव॑त्सु पिन्वते॒ यदीं॑ सु॒ता अम॑न्दिषुः

śatānīkā hetayo asya duṣṭarā indrasya samiṣo mahīḥ | girirna bhujmā maghavatsu pinvate yadīṃ sutā amandiṣuḥ

हिन्दी अर्थ

इइं (भ्रजिरायते ) नदी के सदुश प्रवाहित हो रही है, भौर (मदाः ते) मु उपासक मे मंस्ती देनेवाले आपके ्रानन्दरस (वि) विशषेषरूप मे (अररा- जिषुः) मु उपासक पर राज्य कर रहे है ।

English

These were thy mighty powers that, Thunder-wielder! then swiftly crushedst nine-and ninety castles.

अध्याय २०

श्लोक 52.1

व॒यं घ॑ त्वा सु॒ताव॑न्त॒ आपो॒ न वृ॒क्तब॑र्हिषः ।प॒वित्र॑स्य प्र॒स्रव॑णेषु वृत्रह॒न् परि॑ स्तो॒तार॑ आसते

vayaṃ gha tvā sutāvanta āpo na vṛktabarhiṣaḥ | pavitrasya prasravaṇeṣu vṛtrahan pari stotāra āsate

हिन्दी अर्थ

२६९५. शनद्रेण स हि इशषसे संजग्मानो अबिभ्युषा । हे उपासक !, (अबिभ्युषा) स्वयं निभंय तथा भय से रहित करने- दृक्षसे तत्सदृश सा दिखाई दे रहा है । (मन्दु). : तुमः. दोनों संतृप्त हो

English

Thou capturedst the hundredth in thine onslaught; thou slewest Namuchi, thou slewest Vritra.

अध्याय २०

श्लोक 52.2

स्वर॑न्ति त्वा सु॒ते नरो॒ वसो॑ निरे॒क उ॒क्थिनः॑ ।क॒दा सु॒तं तृ॑षा॒ण ओक॒ आ ग॑म॒ इन्द्र॑ स्व॒ब्दीव॒ वंस॑गः

svaranti tvā sute naro vaso nireka ukthinaḥ | kadā sutaṃ tṛṣāṇa oka ā gama indra svabdīva vaṃsagaḥ

हिन्दी अर्थ

करता हमरा, (अचंति) परमेरवर की भ्रचंना करता है । उपासनायज्ञ शौघ्र फलदायक हो जाते है 1 कं (नाम) नाम का (दधानाः). जप करने लगते हं ।

English

Old are the blessings, Indra, which thou gavest Sudās the wor- shipperwho brought oblations. For thee, the strong I yoke thy strong bay horses: let them, approach our prayers and wealth,

अध्याय २०

श्लोक 52.3

कण्वे॑भिर्धृष्ण॒वा धृ॒षद् वाजं॑ दर्षि सह॒स्रिण॑म्।पि॒शङ्ग॑रूपं मघवन् विचर्षणे म॒क्षू गोम॑न्तमीमहे

kaṇvebhirdhṛṣṇavā dhṛṣad vājaṃ darṣi sahasriṇam| piśaṅgarūpaṃ maghavan vicarṣaṇe makṣū gomantamīmahe

हिन्दी अर्थ

स्रधा इसलिये कहते हं किं यह भन्न, प्राकृतिक अन्न के सदृश न होकर का० २०। सू° ४१ अथर्ववेद-माष्य १.१३ नास्तिकता ) 1-वतीः, परमेश्वर को न माननेवाले । नव=९ ( नौ),

English

Most Mighty! Give us not up, Lord of Bay Horses, victor, in this our time of- trouble, to the wicked.

अध्याय २०

श्लोक 53.1

क ईं॑ वेद सु॒ते सचा॒ पिब॑न्तं॒ कद् वयो॑ दधे ।अ॒यं यः पुरो॑ विभि॒नत्त्योज॑सा मन्दा॒नः शि॒प्र्यन्ध॑सः

ka īṃ veda sute sacā pibantaṃ kad vayo dadhe | ayaṃ yaḥ puro vibhinattyojasā mandānaḥ śipryandhasaḥ

हिन्दी अर्थ

अहंकार । इन नौ मे जब तक रजस् ओौर . तमस् का बाहुल्य होता है, तब तक ये नौँ वृ्रूप होते है, आध्यात्मिक सच्चाई का आवरण किये रहते तब ध्यानी की वृ्ररूप ये £ शक्तियां देवकोटि की हो जाती है । परमेश्वर कीकृपासे ध्यानी की नौं रक्तियां, जो कि पहिले नास्तिकेता धारण किये देव बन जाती है, -मानो कि परमेष्वरः ने इनके -वृत्ररूपों का हनन कर

English

Deliver us with true and faithful succour: dear may we be to thee among the princes. May we men, Bounteous Lord, the friends thou lovest, near i thee be joyful under thy

अध्याय २०

श्लोक 53.2

दा॒ना मृ॒गो न वा॑र॒णः पु॑रु॒त्रा च॒रथं॑ दधे ।नकि॑ष्ट्वा॒ नि य॑म॒दा सु॒ते ग॑मो म॒हाश्च॑र॒स्योज॑सा

dānā mṛgo na vāraṇaḥ purutrā carathaṃ dadhe | nakiṣṭvā ni yamadā sute gamo mahāścarasyojasā

हिन्दी अर्थ

अश्वस्य --भरव से अभिप्राय यहां “मन” का है । मन शक्तिशाली है, इसलिये मन को अरव" का है । इ्वेतादवतरोपनिषद् मे मन को श्रदव (भ० २, मं० ६) ॥ करई विद्वानों ने इवेतादवतर शब्द के “उवेताइव” का से मिलती है, भरौर मनमें प्रेरणा बुद्धि से मिलती है । इसलिये बुद्धि को .

English

protection. Fain to fulfil the wish of Atithigva, bow Turvasa, bow down,. the son of Yadu.

अध्याय २०

श्लोक 53.3

य उ॒ग्रः सन्ननि॑ष्टृत स्थि॒रो रणा॑य॒ संस्कृ॑तः ।यदि॑ स्तो॒तुर्म॒घवा॑ शृ॒णव॒द्धवं॒ नेन्द्रो॑ योष॒त्या ग॑मत्

ya ugraḥ sannaniṣṭṛta sthiro raṇāya saṃskṛtaḥ | yadi stoturmaghavā śṛṇavaddhavaṃ nendro yoṣatyā gamat

हिन्दी अर्थ

मन कासिर कहा हं । उपनिषदों मे मन को प्रग्रह भर्थात् लगाम, भौर बुद्धिकोसारथि भी.कहा है । सारथि के हाथ मेँ जते-वोडों की लगाम होती है । बुद्धि के हाथ .मन की लगाम होती ह । यथा- जुं तु सारथि विद्धि

English

Swiftly, in truth, O Bounteous Lord, about thee men skilled im hymning sing their songs and praises.

अध्याय २०

श्लोक 54.1

विश्वाः॒ पृत॑ना अभि॒भूत॑रं॒ नरं॑ स॒जूस्त॑तक्षु॒रिन्द्रं॑ जज॒नुश्च॑ रा॒जसे॑ ।क्रत्वा॒ वरि॑ष्ठं॒ वर॑ आ॒मुरि॑मु॒तोग्रमोजि॑ष्ठं त॒वसं॑ तर॒स्विन॑म्

viśvāḥ pṛtanā abhibhūtaraṃ naraṃ sajūstatakṣurindraṃ jajanuśca rājase | kratvā variṣṭhaṃ vara āmurimutogramojiṣṭhaṃ tavasaṃ tarasvinam

हिन्दी अर्थ

११४ अथर्वेवेद-माष्य का० २० । सूर ४१ इन शब्दों दवारा किया हौ । “भपश्चितम्” मे “श्रप” का अथं है- “हटकर होती है । भ्रप+धितम्,- का यही भ्रभिप्राय है।

English

Elect us shares of their love and friendship who by their calls on, thee despoiled the niggards. Thine are these Lauds, O manliest of heroes, Lauds which revert to us and give us riches.

अध्याय २०

श्लोक 54.2

समीं॑ रे॒भासो॑ अस्वर॒न्निन्द्रं॒ सोम॑स्य पी॒तये॑ ।स्वर्पतिं॒ यदीं॑ वृ॒धे धृ॒तव्र॑तो॒ ह्योज॑सा॒ समू॒तिभिः॑

samīṃ rebhāso asvarannindraṃ somasya pītaye | svarpatiṃ yadīṃ vṛdhe dhṛtavrato hyojasā samūtibhiḥ

हिन्दी अर्थ

को “सरः” कहा है,.भर्थात् बहत हभ सोत । यथाः-“श्यंणावच्च वे नाम का स्रोत", जिनमे रक्तरूपी जल सदा प्रवाहित हो रहा ह । यहु “हृदय-सर शग्र॑णावत् है, विशीर्णं हो जानेवाला स्रोत है । हृदय भँ जब परमेदवर का

English

Favour these, Indra, when they strike the foemen, as Friend and 282

अध्याय २०

श्लोक 54.3

ने॒मिं न॑मन्ति॒ चक्ष॑सा मे॒षं विप्रा॑ अभि॒स्वरा॑ ।सु॒दी॒तयो॑ वो अ॒द्रुहोऽपि॒ कर्णे॑ तर॒स्विनः॒ समृक्व॑भिः

nemiṃ namanti cakṣasā meṣaṃ viprā abhisvarā | sudītayo vo adruho'pi karṇe tarasvinaḥ samṛkvabhiḥ

हिन्दी अर्थ

साथ ही संशय, तकं-वितकं, कमं भ्रौर कमशिय भी विक्षीणं हो जतिर्है। इस सम्बन्ध मे कहा है कि-- योगिजनों ने (भत्र अह) इस ही (चन्द्रमसः गृहे ) चच्दर॑मा के षर मै, चन््रमसो गृहे-यजवंद मेमन को चन्द्रमासे रूपित कियाह।

English

Hero and the heroes’ helper. Now, lauded for thine aid, heroic Indra, sped by our prayer,, wax mighty in thy body.

अध्याय २०

श्लोक 55.1

तमिन्द्रं॑ जोहवीमि म॒घवा॑नमु॒ग्रं स॒त्रा दधा॑न॒मप्र॑तिष्कुतं॒ शवांसि ।मंहि॑ष्ठो गी॒र्भिरा च॑ य॒ज्ञियो॑ व॒वर्त॑द् रा॒ये नो॒ विश्वा॑ सु॒पथा॑ कृणोतु व॒ज्री

tamindraṃ johavīmi maghavānamugraṃ satrā dadhānamapratiṣkutaṃ śavāṃsi | maṃhiṣṭho gīrbhirā ca yajñiyo vavartad rāye no viśvā supathā kṛṇotu vajrī

हिन्दी अर्थ

को० २०1 सु० ४२ , अथर्ववेद-माष्य ११५ इस मन का धर हं हृदय । यथा--'हृद्ये चित्तसंवित्" ( योग ३।३४ ) का “नमन भर्थात् प्रवे करने का उपदेश देते है, भौर इसी धरम मानसिक ध्यान का भी" निदे करते हँ । यथा--“हूदि इद्धियाणि

English

To us apportion wealth and habitations. Ye Gods, protect us- evermore with blessings. Come, we have pressed the juice for thee. O Indra, drink the

अध्याय २०

श्लोक 55.2

या इ॑न्द्र॒ भुज॒ आभ॑रः॒ स्वर्वां॒ असु॑रेभ्यः ।स्तो॒तार॒मिन्म॑घवन्नस्य वर्धय॒ ये च॒ त्वे वृ॒क्तब॑र्हिषः

yā indra bhuja ābharaḥ svarvāṃ asurebhyaḥ | stotāraminmaghavannasya vardhaya ye ca tve vṛktabarhiṣaḥ

हिन्दी अर्थ

( दवेता० उप० २।८ । भर्थात् हृदय में “मनःसमेत इन्द्रियो” का भवे को हदय में स्थित. करके, हृदय मेँ चपि परमेदवर को, भरोम् के जाप द्वारा कोष २।६७ ), वेदिकः पुस्तकालय, अजमेर । यथा- गच्छति यो -यत्र यया

English

Soma here. Sit thou on this my sacred grass.

अध्याय २०

श्लोक 55.3

यमि॑न्द्र दधि॒षे त्वमश्वं॒ गां भा॒गमव्य॑यम्।यज॑माने सुन्व॒ति दक्षि॑णावति॒ तस्मि॒न् तं धे॑हि॒ मा प॒णौ

yamindra dadhiṣe tvamaśvaṃ gāṃ bhāgamavyayam| yajamāne sunvati dakṣiṇāvati tasmin taṃ dhehi mā paṇau

हिन्दी अर्थ

जलं वा 1 इस्था--सत्यम् (निव ० ३।१०) ।. २७१. वाचमष्टापदीमहं नव॑सछितसहैम् ॥ परमेदवर से ( परिममे) प्राप्त किया है, ओर उसके रहस्यं को जाना है.।

English

O Indra, let thy long-maned Bays, yoked by prayer, bring thee hitherward. Give ear and listen to our prayers.

अध्याय २०

श्लोक 56.1

इन्द्रो॒ मदा॑य वावृधे॒ शव॑से वृत्र॒हा नृभिः॑ ।तमिन्म॒हत्स्वा॒जिषू॒तेमर्भे॑ हवामहे॒ स वाजे॑षु॒ प्र नो॑ऽविषत्

indro madāya vāvṛdhe śavase vṛtrahā nṛbhiḥ | taminmahatsvājiṣūtemarbhe havāmahe sa vājeṣu pra no'viṣat

हिन्दी अर्थ

उपसग, निपात ये चार मुख्य विभाग पदों के। नाम दो प्रकारके है . है” । यथा पदप्रकृतीनि सर्वंचरणानां पार्षदानि" (निरक्त १।६।१७। ११६ भरथर्ववेद-माष्य 9 का० २०। सू० ४२

English

We, Soma-bearing Brāhmans, call thee, Soma-drinker, with thy friend, We, Indra, bringing juice expressed.

अध्याय २०

श्लोक 56.2

असि॒ हि वी॑र॒ सेन्योऽसि॒ भूरि॑ पराद॒दिः ।असि॑ द॒भ्रस्य॑ चिद् वृ॒धो यज॑मानाय शिक्षसि सुन्व॒ते भूरि॑ ते॒ वसु॑

asi hi vīra senyo'si bhūri parādadiḥ | asi dabhrasya cid vṛdho yajamānāya śikṣasi sunvate bhūri te vasu

हिन्दी अर्थ

दो प्रकार कै ह परस्मैपद तथा गात्मनेपद । उपसगं एक प्रकार के तथा निपात तीन प्रकार के हँ । यथा- उपमां, कर्मोपसंप्रहा्थं, तथा पदपूरण (इन्दर ) है परमेदवर ! आपने (यद् ) चूंकि (दस्युहा अभवः) हम उपासको के उपक्षयकारी काम भादि का. हनन -कर दिया है, इसलिये (क्रक्षमाणं त्वा ) हनन करते हये भापके ( भनु ) अनुकल होकर, ( उभे) . दोनों प्रकार के (रोदसी ) भर्थात् उपासंक नारियां भौर नर ( भकृपेताम्)

English

Indra the singers with high praise, Indra reciters with their lauds, Indra the choirs have glorified.

अध्याय २०

श्लोक 56.3

यदु॒दीर॑त आ॒जयो॑ धृ॒ष्णवे॑ धीयते॒ धना॑ ।यु॒क्ष्वा म॑द॒च्युता॒ हरी॒ कं हनः॒ कं वसौ॑ दधो॒ऽस्मां इ॑न्द्र॒ वसौ॑ दधः

yadudīrata ājayo dhṛṣṇave dhīyate dhanā | yukṣvā madacyutā harī kaṃ hanaḥ kaṃ vasau dadho'smāṃ indra vasau dadhaḥ

हिन्दी अर्थ

होता है । बक्पेताम् = षष साम्ये । . .. सिरस लेकर -पैरों तक भें प्रकटं हये । (सोमम् ) मक्तिरस को (षीत्वी ) के चेहर को (अवेपयः) कम्पित करर दिया है ।

English

Indra hath ever close to him his two bay steeds and word-yoked: car, Indra, the golden, Thunder-armed.

अध्याय २०

श्लोक 56.4

मदे॑मदे॒ हि नो॑ द॒दिर्यू॒था गवा॑मृजु॒क्रतुः॑ ।सं गृ॑भाय पु॒रु श॒तोभ॑याह॒स्त्या वसु॑ शिशी॒हि रा॒य आ भ॑र

mademade hi no dadiryūthā gavāmṛjukratuḥ | saṃ gṛbhāya puru śatobhayāhastyā vasu śiśīhi rāya ā bhara

हिन्दी अर्थ

का० २० । सू० ४३ अथववेद -भाष्य . ११७ -नवल्तक्तिम्- नौ या नये-नये भलंकारोवाली । यथा--उपमा, हे परमेश्वर ! (विदवाः) सब प्रकार की (द्विषः) हमारी देष

English

Indra hath raised the Sun aloft in heaven that he may see afar. He burst the mountain for the kine.

अध्याय २०

श्लोक 56.5

मा॒दय॑स्व सु॒ते सचा॒ शव॑से शूर॒ राध॑से ।वि॒द्मा हि त्वा॑ पुरू॒वसु॒मुप॒ कामा॑न्त्ससृ॒ज्महेऽथा॑ नोऽवि॒ता भ॑व

mādayasva sute sacā śavase śūra rādhase | vidmā hi tvā purūvasumupa kāmāntsasṛjmahe'thā no'vitā bhava

हिन्दी अर्थ

हम से भ्रलग कर दीजिये । (बाधः) सब वि््न-बाघाभों को (परि). पूर्ण- रूप सरे (श्रप) हमसे भ्रलग कर दीजिये । देवासुर-संग्राम मे (मृधः) संग्राम- कारी कामादि शंतरुों का (जहि) हनन कर दीजिये । (स्पा तत् वसु) स्पृहणीय वह मोक्ष-घन (आ भर) हमें प्राप्तं कंरादये । भारीपन), संशाय, प्रमाद (समाधि के साधनों का अनुष्ठान न करना); (चित्त की चञ्चलता), (यौग० १।३०-३२) .. .

English

For you, from every side, we call Indra away from other men: Ours, and none others,’ let him be.

अध्याय २०

श्लोक 56.6

ए॒ते त॑ इन्द्र ज॒न्तवो॒ विश्वं॑ पुष्यन्ति॒ वार्य॑म्।अ॒न्तर्हि ख्यो जना॑नाम॒र्यो वेदो॒ अदा॑शुषां॒ तेषां॑ नो॒ वेद॒ आ भ॑र

ete ta indra jantavo viśvaṃ puṣyanti vāryam| antarhi khyo janānāmaryo vedo adāśuṣāṃ teṣāṃ no veda ā bhara

हिन्दी अर्थ

. वसु) भ्रापने जो वीरता-घन (पराभृतम्) उत्कषंूप मे भरा है, (स्थिरे) भर दी है, (पक्लनि) मेष में. (यत्) भापने जो वषंणरूपी चन भरा है, पर्वानः मेघः (निघ० १।१०) । उपासक, परमेदवर से भ्रपने जीवन म वीरस्तव, स्थिरचित्तता, ओर परोपकार भावनाभों की प्राना

English

In Soma’s ecstasy Indra spread the firmament and realms of light. When he cleft Vala limb from limb.

अध्याय २०

श्लोक 57.1

सु॒रू॒प॒कृ॒त्नुमू॒तये॑ सु॒दुघा॑मिव गो॒दुहे॑ ।जु॒हूमसि॒ द्यवि॑द्यवि

surūpakṛtnumūtaye sudughāmiva goduhe |juhūmasi dyavidyavi

हिन्दी अर्थ

२७६. यस्यं ते विश्वमानुषो भूरंहैतस्य वेद॑ति । , (विइवमानुषः) सभी मनुष्य, (ते) भ्रापके (यस्य) जिस (भ्रुरेः. . भरूरिदान अर्थात् महादान हमे (भरा भर) प्राप्त करादये ।

English

Showing the hidden cows he draye them forth for the Angirases, And Vala he cast headlong down.

अध्याय २०

श्लोक 57.2

उप॑ नः॒ सव॒ना ग॑हि॒ सोम॑स्य सोमपाः पिब ।गो॒दा इद् रे॒वतो॒ मदः॑

upa naḥ savanā gahi somasya somapāḥ piba | godā id revato madaḥ

हिन्दी अर्थ

हम उपासको ने प्रपनी भ्रोर प्रेरित कर लिया है, भथवा वशा में कर. लिंया है, जसे कि कोई (दामने) रस्सी में बन्धा जाकर वहा म कर लिया हमारी आत्मतुप्ति के लिये, (हितः) हितकर है, (सः) वह (युम्नी) (वजः न) जसे वच शत्रुओं का विना करता. है, वसे परमेश्वर

English

Then verily they recognized the essential form of Tvashtar’s Bull. Here in the mansion of the Moon.

अध्याय २०

श्लोक 57.3

अथा॑ ते॒ अन्त॑मानां वि॒द्याम॑ सुमती॒नाम्।मा नो॒ अति॑ ख्य॒ आ ग॑हि

athā te antamānāṃ vidyāma sumatīnām| mā no ati khya ā gahi

हिन्दी अर्थ

हमारे पाप-शतरुो का विनादा करता है; वह॒ (गिरा) स्तुति-प्ाथंना की वाणियों दारा (संमृतः) प्राप्त किया जाता है, (सबलः भ्रनपच्युतः) अविनाशी है, (ववक्षे) संसार भार का वहन कर रहा है । २८९. इन्दरमिद् गाथिनो बृहदिनद्रमरकेभिररकिणः ।

English

From Indra have I measured an eight-footed and nine-cornered. song, Delicate, faithful to the Law.

अध्याय २०

श्लोक 57.4

शु॒ष्मिन्त॑मं न ऊ॒तये॑ द्यु॒म्निनं॑ पाहि॒ जागृ॑विम्।इन्द्र॒ सोमं॑ शतक्रतो

śuṣmintamaṃ na ūtaye dyumninaṃ pāhi jāgṛvim| indra somaṃ śatakrato

हिन्दी अर्थ

(गाधिनः) सामगान करनेवाले सामगानां द्वारा, (श्रकिणः) ऋग्वेदी अनूषत) भहागान करते है, गौर (वाणीः)यचुर्वेद तथा भ्रथवेवेद की वाणियां . भी (इन्द्रम् इत् ) परमेदवर का ही महागान करती हैँ । भानो समवाय सम्बन्ध से मिधित हृमा-हुभा है, चू कि (वचोयुजा) ऋग्- वेद भौर सामवेद का जोड़ा, परमेश्वर का ही प्रवचन करता: है । (इन्द्रः)

English

Indra, both worlds complained to thee when uttering thy fearful roar, 283

अध्याय २०

श्लोक 57.5

इ॒न्द्रि॒याणि॑ शतक्रतो॒ या ते॒ जने॑षु प॒ञ्चसु॑ ।इन्द्र॒ तानि॑ त॒ आ वृ॑णे

indriyāṇi śatakrato yā te janeṣu pañcasu | indra tāni ta ā vṛṇe

हिन्दी अर्थ

परमेदवर (वची) न्यायवचधारी है, (हिरण्ययः) तथा हिरण्य सदृश ,. (इन्द्रः). परमेदवर ने (दीर्घाय) दूर-दूर तक (चक्षसे) देखने के लिये, (दिवि) चुलोक मे (सूयम्) सूयं का (भरा रोहयत्) आरोहण किया है ।

English

What time thou smotest Dasyus dead. Arising in thy might thy jaws thou shookest, Indra, having quaffed

अध्याय २०

श्लोक 57.6

अग॑न्निन्द्र॒ श्रवो॑ बृ॒हद् द्यु॒म्नं द॑धिष्व दु॒ष्टर॑म्।उत् ते॒ शुष्मं॑ तिरामसि

agannindra śravo bṛhad dyumnaṃ dadhiṣva duṣṭaram| ut te śuṣmaṃ tirāmasi

हिन्दी अर्थ

्रापके लिये ही हम उपासको ने (सुषुम) भक्तिरस का निष्पादन किया है । भ्राप (इमम्) इस भक्तिरस को (पिव) स्वीकार कीजिये। (मम) मेरे (इदं बहिः). इस हृदयासन पर (भ्रा सदः) भ्रा विराजिये । २९३. आ त्वा बह्मयुजा हरी बहतामिन्द्र केशिना ।

English

The Soma poured into the bowls. Drive all our enemies away, smite down the foes who press around,

अध्याय २०

श्लोक 57.7

अ॒र्वा॒वतो॑ न॒ आ ग॒ह्यथो॑ शक्र परा॒वतः॑ ।उ॒ लो॒को यस्ते॑ अद्रिव॒ इन्द्रे॒ह तत॒ आ ग॑हि

arvāvato na ā gahyatho śakra parāvataḥ | u loko yaste adriva indreha tata ā gahi

हिन्दी अर्थ

देनेवाले, (केदिना) ज्ञान का प्रकाच्च करनेवाले (हरी ) विषयों से चित्त आपको (आ वहतामृ ) हमे प्राप्त कराएं । है परमेदवर ! (उप) समीप (सोमिनः) भक्तिरस की भट लिये हये, (सुतावन्तः) सन्तानो समेत,

English

And bring the wealth for which we long; O Indra, that which is concealed in firm strong place precipitous:

अध्याय २०

श्लोक 57.8

इन्द्रो॑ अ॒ङ्ग म॒हद् भ॒यम॒भी षदप॑ चुच्यवत्।स हि स्थि॒रो विच॑र्षणिः

indro aṅga mahad bhayamabhī ṣadapa cucyavat| sa hi sthiro vicarṣaṇiḥ

हिन्दी अर्थ

(सोमपं त्वा भक्तिरस के रसिक भ्राप को (हवामहे) पुकार रहे है । परमेदवर के प्रकार से (दिवि) बुलोक मेँ (रोचना) चमकते हये नक्षत्र- तारागण (रोचन्ते) . चमक रहे है तथा इसी परमेदवर की (रोचना) रुचिकर दीप्तियां तब (दिवि) मस्तिष्क मै (रोचन्ते) चमकने १२४ भयवेवेद-माष्य । का० २०1 सुऽ ४७

English

Bring us the wealth for which we long: Great riches which the world of men shall recognize as sent by thee:

अध्याय २०

श्लोक 57.9

इन्द्र॑श्च मृ॒लया॑ति नो॒ न नः॑ प॒श्चाद॒घं न॑शत्।भ॒द्रं भ॑वाति नः पु॒रः

indraśca mṛlayāti no na naḥ paścādaghaṃ naśat| bhadraṃ bhavāti naḥ puraḥ

हिन्दी अर्थ

(कौम्या-काम्यौ ) योगसाघना कै लिये चाही गई, (हरी) चित्तं को . विषयों से हरनेवाली, (विपक्षसा) सुषुम्णा नाड़ी के अलग-मलग दो पावो मे लगी हुई, (शोणा) भूरे भौर पीले से रं्गोवाली, (धृष्णु) मजबूत (नृवाहसा) योगिजनों को उनके उदे श्य तक पहुंचानेवाली,-इडा भौर पिङ्गला नाडियों को, (अस्य) इस परमेदवर के (रथे) रमणीय स्वरूप मेः २९७. ऊेतं कृ्वन्नकेते पेष म्या ओपेषसै ।

English

Bring us the wealth for which we long, Praise Indra whom our songs must laud, great Sovran of man- kind, the Chief

अध्याय २०

श्लोक 57.10

इन्द्र॒ आशा॑भ्य॒स्परि॒ सर्वा॑भ्यो॒ अभ॑यं करत्।जेता॒ शत्रू॒न् विच॑र्षणिः

indra āśābhyaspari sarvābhyo abhayaṃ karat| jetā śatrūn vicarṣaṇiḥ

हिन्दी अर्थ

। भूरिदान = वेदज्ञानरूपी महादान 1 यथा--“सवेषामेव दानानां ब्रह्मदानं. (वेदज्ञान का दान) विरिष्यते" । बैदिक-वाणियों द्वाराः (प्र स्तत) भूरि-भूरि स्तुतियां किया करो । २७९. वं दुषटुला वरबासे न्यप्ठराजजं मरं क्ष् ।

English

By Indra were the luminous realms of heaven established and secured, Firm and immovable from their place.

अध्याय २०

श्लोक 57.11

क ईं॑ वेद सु॒ते सचा॒ पिब॑न्तं॒ कद् वयो॑ दधे ।अ॒यं यः पुरो॑ विभि॒नत्त्योज॑सा मन्दा॒नः शि॒प्र्यन्ध॑सः

ka īṃ veda sute sacā pibantaṃ kad vayo dadhe | ayaṃ yaḥ puro vibhinattyojasā mandānaḥ śipryandhasaḥ

हिन्दी अर्थ

वँदिक सूक्त (रण्यन्ति) रमण करते हैँ ।।२॥ (तम्). उस (ज्यष्ठराजम्) महाराजाधिराज, (भरे). देवासुर शिक्षा पाकर ।३।। सनिभ्यः = षणु दाने

English

Indra, thy laud moves quickly like a joyous wave of waters: bright. Have shone the drops that gladden thee.

अध्याय २०

श्लोक 57.12

दा॒ना मृ॒गो न वा॑र॒णः पु॑रु॒त्रा च॒रथं॑ दधे ।नकि॑ष्ट्वा॒ नि य॑म॒दा सु॒ते ग॑मो म॒हांश्च॑र॒स्योज॑सा

dānā mṛgo na vāraṇaḥ purutrā carathaṃ dadhe | nakiṣṭvā ni yamadā sute gamo mahāṃścarasyojasā

हिन्दी अर्थ

है परमेदवर ! (श्रयम्) यह उपासकः (उ) निच्वय से (ते) भाप का है । (समतसि) इसके साथ संगत हृजिये, (इव) जैसे कि (कपोतः) होता है । (नः) हमारे (तत् चित्) इन वचः प्राथंना-बचनों को (ओहसे) । जपे “गम धिम्" कबूतरी जब गभं धारणा की उग्र कामनावाली हो जाती है, तब कबूतर उसके साथ संगत होःजाता है; तो है परमेचवर हम भी तौ भरापके संगम की उग्र कामनावले.हँः भौर आपकेहीर्है, तो श्राप हमारे साथ संगत क्यो नहीं हो रहै 7 कृपया संगत .हजिये, दशन दीजिये, हमारी उग्र कामना को सफल कीजिये । यह हमारी प्राथना है )।

English

Mayest thou verily be seen coming by fearless Indra’s side: Both joyous: equal in your sheen.

अध्याय २०

श्लोक 57.13

य उ॒ग्रः सन्ननि॑ष्टृत स्थि॒रो रणा॑य॒ संस्कृ॑तः ।यदि॑ स्तो॒तुर्म॒घवा॑ शृ॒णव॒द्धवं॒ नेन्द्रो॑ योष॒त्या ग॑मत्

ya ugraḥ sannaniṣṭṛta sthiro raṇāya saṃskṛtaḥ | yadi stoturmaghavā śṛṇavaddhavaṃ nendro yoṣatyā gamat

हिन्दी अर्थ

(रावानां पते). है भाराधनारूपौ धनो के रक्षक !, (गिर्वाह) हे वेदवाणियों का वहन करनेवाने !; (वीर) है विचिष्ट प्रेरणाभ्रोंके विभूति है । वीर्=वि¬+ईर् 1. । २८२. ऊध्वैसतिष्टा न उतयेऽसिन् बाजे श्षतकरतो । (शतक्रतो ) है सैकड़ों भद् मुत . करमोवाले परमेदवर ! (भरिमन् )

English

With Indra’s well-beloved hosts, the blameless, hastening to heaven, The sacrificer cries aloud.

अध्याय २०

श्लोक 57.14

व॒यं घ॑ त्वा सु॒ताव॑न्त॒ आपो॒ न वृ॒क्तब॑र्हिषः ।प॒वित्र॑स्य प्र॒स्रव॑णेषु वृत्रह॒न् परि॑ स्तो॒तार॑ आसते

vayaṃ gha tvā sutāvanta āpo na vṛktabarhiṣaḥ | pavitrasya prasravaṇeṣu vṛtrahan pari stotāra āsate

हिन्दी अर्थ

(निर० ७।४। १७). । ब्रवावहै =-आत्मिक बातचीत, न कि वाचिक । . (पुरतः) भक्तिूवक' बार-बार पुकारा गया (सः पप्रिः. इन्रः) म (पारयाति) भवसागर से पार. कर देता है, (नावा) जैसे कि नाविक

English

Thereafter they, as is their wont, threw off the state of babes unborn, Assuming sacrificial name.

अध्याय २०

श्लोक 57.15

स्वर॑न्ति त्वा सु॒ते नरो॒ वसो॑ निरे॒क उ॒क्थिनः॑ ।क॒दा सु॒तं तृ॑षा॒ण ओक॒ आ ग॑म॒ इन्द्र॑ स्व॒ब्दीव॒ वंस॑गः

svaranti tvā sute naro vaso nireka ukthinaḥ | kadā sutaṃ tṛṣāṇa oka ā gama indra svabdīva vaṃsagaḥ

हिन्दी अर्थ

की (द्विषः) द्ेषभावनाभ्ो से हमे (भरति पारयाति) ्डादेताहै। पप्रिः (नः इन्दर है हमारे परमेद्वर ! (सः त्वम्) वे आप, (बजिभिः ). (च) ओौर (गातुया) सदाचारो के निदंशों दारा (नः). हमे (अच्छ) साक्षात्.

English

With bones of Dadhyach for his arms, Indra, resistless in attack, Struck nine-and-ninety Vritras dead,

अध्याय २०

श्लोक 57.16

कण्वे॑भिर्धृष्ण॒वा धृ॒षद् वाजं॑ दर्षि सह॒स्रिण॑म्।पि॒शङ्ग॑रूपं मघवन् विचर्षणे म॒क्षू गोम॑न्तमीमहे

kaṇvebhirdhṛṣṇavā dhṛṣad vājaṃ darṣi sahasriṇam| piśaṅgarūpaṃ maghavan vicarṣaṇe makṣū gomantamīmahe

हिन्दी अर्थ

का० २५ सुऽ ४७ अथववेवेद-माष्य १२१ ह हम (वाजयामसि) भचंनाएं करते हँ । (सः) वह् (वषा) भ्रानन्दरसवर्षी -(ृषमः) हम पर सुखो की वर्षा -कंरनेवाला (भुवत्) हो । वाजयामसि, वाजति--अर्चंतिकर्भां (निष०.३।१४)

English

He, searching for the horse’s head, removed among the moun- tains, found At Saryanāvān what he sought.

अध्याय २०

श्लोक 58.1

श्राय॑न्त इव॒ सूर्यं॒ विश्वेदिन्द्र॑स्य भक्षत ।वसू॑नि जा॒ते जन॑मान॒ ओज॑सा॒ प्रति॑ भा॒गं न दी॑धिम

śrāyanta iva sūryaṃ viśvedindrasya bhakṣata | vasūni jāte janamāna ojasā prati bhāgaṃ na dīdhima

हिन्दी अर्थ

(मर्याः) - है उपासक जनो ! योगविधि द्वारा युक्त किया गया परमेरवर मन्त्र २९६ से, (उषद्डिः) उषा कालों के साथ-साथ (सम् जिस पर आध्यात्मिक रूपरंग नहीं चढ़ा, उस पर (धिः) नया भअरध्यात्मिक रूपरग चदा देता है । ९९८. इदु स्यं जातवेदसं देवं वन्ति केतव॑ः ।

English

Most liberal who controlleth men. In whom the hymns of praise delight, and all the glory-giving songs,

अध्याय २०

श्लोक 58.2

अन॑र्शरातिं वसु॒दामुप॑ स्तुहि भ॒द्रा इन्द्र॑स्य रा॒तयः॑ ।सो अ॑स्य॒ कामं॑ विध॒तो न रो॑षति॒ मनो॑ दा॒नाय॑ चो॒दय॑न्

anarśarātiṃ vasudāmupa stuhi bhadrā indrasya rātayaḥ | so asya kāmaṃ vidhato na roṣati mano dānāya codayan

हिन्दी अर्थ

. (उत्) उत्कष॑रूप भें, (वहन्ति) ज्ञापित+कर रहै है, ताकि (विदवाय दे) समग्र प्रजाजन उसे जान सर्के, गौर समय पर उसका दन कर सकं । नातवेदसम् जाते जति सित दति षा, जातानि वेद, जातविल्लो का० २०। सू० ४७ ब्रथवेवेद-माष्य . १२५

English

Like the flood’s longing for the sea. Him I invite with eulogy, best King, effective in the fight,

अध्याय २०

श्लोक 58.3

बण्म॒हाँ अ॑सि सूर्य॒ बडा॑दित्य म॒हाँ अ॑सि ।म॒हस्ते॑ स॒तो म॑हि॒मा प॑नस्यते॒ऽद्धा दे॑व म॒हाँ अ॑सि

baṇmahā~ asi sūrya baḍāditya mahā~ asi | mahaste sato mahimā panasyate'ddhā deva mahā~ asi

हिन्दी अर्थ

गण, सूयं के प्रकाश मेँ (अप यन्ति) हट जातेर्है, वसे (तायवः) चोरी प्रभुके प्रकाहामें (भ्रप यन्ति) हट जाते है, उस उपासक के लिये जौ कि ३००. अर्ैशरन्नख केतवो नि रक्मयो जनां अलु ।

English

Strong for the gain of mighty spoil. This is thine own. Thou drawest near, as the dove turneth to his mate.

अध्याय २०

श्लोक 58.4

बट् सू॑र्य॒ श्रव॑सा म॒हाँ अ॑सि स॒त्रा दे॑व म॒हाँ अ॑सि ।म॒ह्ना दे॒वाना॑मसु॒र्यः पु॒रोहि॑तो वि॒भु ज्योति॒रदा॑भ्यम्

baṭ sūrya śravasā mahā~ asi satrā deva mahā~ asi | mahnā devānāmasuryaḥ purohito vibhu jyotiradābhyam

हिन्दी अर्थ

उपासक कहता है कि (रस्य) इस परमेदवर के (केतवः) प्रकाश, (विं अरदुश्वन्) मुभे विचेषरूप मेँ दीखं पड़ है (यथा) जसे कि (जनान् भ्रनु) सवं साघारण जनों को, (रक््मयः) सूयं की रदिमयां दीखं पड़ती है, ६०१. तरणिंविशवद॑शैतो ज्योपिष्ृहैसि श्वय । हे परमेदवर ! भ्राप भवसागर से (तरणिः). तैरानेवाली नौका है,

English

Thou carest too for this our prayer. O Hero, Lord of Bounties, praised in hymns, may power and pleasantness

अध्याय २०

श्लोक 59.1

उदु॒ त्ये मधु॑मत्तमा॒ गिर॒ स्तोमा॑स ईरते ।स॒त्रा॒जितो॑ धन॒सा अक्षि॑तोतयो वाज॒यन्तो॒ रथा॑ इव

udu tye madhumattamā gira stomāsa īrate | satrājito dhanasā akṣitotayo vājayanto rathā iva

हिन्दी अर्थ

(देवानां विद्यः) दिन्यकोटि के उपासकीं के हृदयो मे (उदेषि) उदित १२६ भरथरववेद-माष्य . काण २०। सुर ४७ मनन निदिष्यासनाभ्यासी जनों. के हदो मँ मी. (उदेषि) उदित होते

English

Be his who signs the laud to thee. Lord of a Hundred Powers, stand up to lend us succour in this fight:

अध्याय २०

श्लोक 59.2

कण्वा॑ इव॒ भृग॑वः॒ सूर्या॑ इव॒ विश्व॒मिद्धी॒तमा॑नशुः ।इन्द्रं॒ स्तोमे॑भिर्म॒हय॑न्त आ॒यवः॑ प्रि॒यमे॑धासो अस्वरन्

kaṇvā iva bhṛgavaḥ sūryā iva viśvamiddhītamānaśuḥ | indraṃ stomebhirmahayanta āyavaḥ priyamedhāso asvaran

हिन्दी अर्थ

(पावक) हि पवित्र करनेवाले -परमेदवर ! (येन चक्षसा ) जिस योगमा पर तीव्रवेग से चलनेवाले उपासक को (पश्यसि) देखते हँ, उस पर श्रनुग्रह करते हु, (वरुण) हि पापनिवारक प्रभो ! मेरे पपौ का निवारण करके (त्वम् ) श्राप मुफ उपासक को भी कृपा दृष्टि से देखिये, मुक पर भी अनुग्रह कीजिये । भुरण्युः कषिप्रम (निघ० २ -१५)। . ६०४. नि मेषि रजस्पथ्वहुमिमानो -यक्तुभिः ।

English

In others too let us agree. Him who advances men to wealth, sends light to lead them in their wars,

अध्याय २०

श्लोक 59.3

उदिन्न्व॑स्य रिच्य॒तेंऽशो धनं॒ न जि॒ग्युषः॑ ।य इन्द्रो॒ हरि॑वा॒न्न द॑भन्ति॒ तं रिपो॒ दक्षं॑ दधाति सो॒मिनि॑

udinnvasya ricyateṃ'śo dhanaṃ na jigyuṣaḥ | ya indro harivānna dabhanti taṃ ripo dakṣaṃ dadhāti somini

हिन्दी अर्थ

(सूयं) है सूर्यँ के . सूयं ! आप (जन्मानि) जन्म-मरण की : (भ्रहः) दिनो का (मिमानः) निर्माण करते हुये पृथिवीलोकर्मे, (वि) इन विविध लोकों मे (एषि) व्याप्त हो रहे है । ४०५. स्च त्वा रितो रथे बन्ति देव वरये । शषोचिष्के्चं मिचक्षणम् ॥२०॥ ि (सूयं) है सूर्यो के सूयं ! (देव). प्रकाशमान परमेश्वर ! (गोचि-

English

And quells their foemen in the fray: May he, the saviour much-invoked, may Indra bear us in a ship

अध्याय २०

श्लोक 59.4

मन्त्र॒मख॑र्वं॒ सुधि॑तं सु॒पेश॑सं॒ दधा॑त य॒ज्ञिये॒ष्वा।पू॒र्वीश्च॒न प्रसि॑तयस्तरन्ति तं य इन्द्रे॒ कर्म॑णा॒ भुव॑त्

mantramakharvaṃ sudhitaṃ supeśasaṃ dadhāta yajñiyeṣvā| pūrvīścana prasitayastaranti taṃ ya indre karmaṇā bhuvat

हिन्दी अर्थ

दृष्टिवले (त्वा) भ्रापको, (सप्त हरितः) विषयों का परिहार की हई भेरी सात क्क्तियां, (रथे) मेरे शरीररथ मे (वहन्ति) वहन करने लग का० २० सु° लः भ्रथर्वेवेद-माष्य . १२७

English

Safely beyond all enemies. As such, O Indra, honour us with wealth and treasure: further us,

अध्याय २०

श्लोक 60.1

ए॒वा ह्यसि॑ वीर॒युरे॒वा शूर॑ उ॒त स्थि॒रः ।ए॒वा ते॒ राध्यं॒ मनः॑

evā hyasi vīrayurevā śūra uta sthiraḥ | evā te rādhyaṃ manaḥ

हिन्दी अर्थ

कर, विषयों का परिहार कर, परमेश्वरोन्मुख होकर, परमेश्वर को शरीर . रथः का रथी. बनाकर, शरीर-रथ मेँ उसका वहन करते लगतो है । (सप्त). सात शक्तयो को; (भ्रयुक्त) जब योगसाधनां दारा, हो जाती ह । तदनन्तर परमेश्वर ध्यानी के शरीर-रथ का (सूरः) प्रेरक हो जाता है, . (नप्त्यः) भौर सात शक्तियां विषयों . मे पतित नहीं होने

English

And lead us to felicity. We make this Indra show his strength, to strike the mighty

अध्याय २०

श्लोक 60.2

ए॒वा रा॒तिस्तु॑वीमघ॒ विश्वे॑भिर्धायि धा॒तृभिः॑ ।अघा॑ चिदिन्द्र मे॒ सचा॑

evā rātistuvīmagha viśvebhirdhāyi dhātṛbhiḥ | aghā cidindra me sacā

हिन्दी अर्थ

करके, इनके द्वारा (याति) योगी के कार्यो को निभाने लगता है । (न) जसे (सिञ्चन्तीः) दुध की धाराएं सीचती ह, वसे है परमेदवर । (वच॑सा) ज्योति के साथ वतमान (त्वा अभि) भ्रापके प्रति (गिरः) (यथा) जसे (जात्रीः) जन्म देनेवाली जननियां, (हृदा) भ्रपनी

English

Vritra dead: A vigorous Hero shall he be.

अध्याय २०

श्लोक 60.3

मो षु ब्र॒ह्मेव॑ तन्द्र॒युर्भुवो॑ वाजानां पते ।मत्स्वा॑ सु॒तस्य॑ गोम॑तः

mo ṣu brahmeva tandrayurbhuvo vājānāṃ pate | matsvā sutasya gomataḥ

हिन्दी अर्थ

प्रिय (ताः) वे स्तुतिवाणियां, (वच॑सा) ज्योति के साथ वतमान अषप. भ्रापके प्रति प्रवाहितहौतीर्है। १२०८ . . भ्रथवंवेद-भाष्य का० २० । सु० ४८

English

Indra was made for giving, most powerful, friendly in carouse, Bright, meet for Soma, famed in song.

अध्याय २०

श्लोक 60.4

ए॒वा ह्य॑स्य सू॒नृता॑ विर॒प्शी गोम॑ती म॒ही।प॒क्वा शाखा॒ न दा॒शुषे॑

evā hyasya sūnṛtā virapśī gomatī mahī| pakvā śākhā na dāśuṣe

हिन्दी अर्थ

३०९. वज्र।पवसाष्य॑; कीरतिरभियमांणमावैहन् । (कीतिः) प्रभु का कीतंन, (आयुः) पवित्र भ्रयु, (धृतम्) धृतसमभान वीये, (पयः) तथा वेदमाता का ज्ञान दुग्ध, इनमे सेः प्रत्येक, जोकि विषयविषों द्वारा मरे जाते हये मुक को, है परमेद्वर ! भ्रापके.प्रति (भरावहन्) ले भये्हैँ।

English

By song, as ‘twere, the mighty bolt, which none may parry, was prepared: Lofty, invincible he grew.

अध्याय २०

श्लोक 60.5

ए॒वा हि ते॑ विभू॑तय ऊ॒तय॑ इन्द्र॒ माव॑ते ।स॒द्यश्चि॒त् सन्ति॑ दा॒शुषे॑

evā hi te vibhūtaya ūtaya indra māvate | sadyaścit santi dāśuṣe

हिन्दी अर्थ

(भथवं ११।८।२९) । कीति गौर भ्रायु का सान वेदवाणी, यथा- (पुदिनः) नाना रूपरंगोवाला (भ्यम्) यह (गौः) पृथिवीलोक का पिता है सूयं । चूंकि पुथिवीलोक सूयं से अलग हुभा है । भौर यह भन्त- रिक्षरूपी माता की गोद्र मेँ स्थित है, तथा पूवं की भोर चलता हुभ्रा सूयं की परिक्रमा कर रहा है ।

English

They who stand round him as he moves harness the bright, the ruddy Steed: The lights are shining in the sky.

अध्याय २०

श्लोक 60.6

ए॒वा ह्य॑स्य॒ काम्या॒ स्तोम॑ उ॒क्थं च॒ शंस्या॑ ।इन्द्रा॑य॒ सोम॑पीतये

evā hyasya kāmyā stoma ukthaṃ ca śaṃsyā | indrāya somapītaye

हिन्दी अर्थ

(अस्य) हस परमेदवर की (रोचना) ज्योति (अन्तः चरति) हमारे भीतर विचर रही है । (महिषः) यह महान् परमेचवर ही हमारे. जीवनो मे रात कं ३० मुहृत्त मे, देह में (भरशिध्रियत्) परमेदवर कें नियमा- राजति) शरीर में विराजमान रहती ह । .

English

They yoke on both sides to the car the two bay coursers dear to him, Bold, tawny, bearers of the Chief.

अध्याय २०

श्लोक 61.1

तं ते॒ मदं॑ गृणीमसि॒ वृष॑णं पृ॒त्सु सा॑स॒हिम्।उ॒ लो॒क॒कृ॒त्नुम॑द्रिवो हरि॒श्रिय॑म्

taṃ te madaṃ gṛṇīmasi vṛṣaṇaṃ pṛtsu sāsahim| u lokakṛtnumadrivo hariśriyam

हिन्दी अर्थ

तक काम करती है,जब तक कि शरीर में जीवात्मा की सत्ता ६1 परस्पर मिलकर, (अमदन्) परमेदवर की स्तुतियां करतेर्हैः तब ये मक्ति के भावेश मे, (वाचम् ) सामगान के स्वरो का (आरोहन्) भारोहण करते हैःभर्थात् उच्च स्वरों मे सामगान गाते है .।॥ तब है उपासक नरवगं । ३१४. श्करो बाचमधृष्टायोरवाचो अरुष्णुहि ।

English

Thou, making light where no light was, and form, O Men r where no form was, Wast born together with the Dawns,

अध्याय २०

श्लोक 61.2

येन॒ ज्योतीं॑ष्या॒यवे॒ मन॑वे च वि॒वेदि॑थ ।म॒न्दा॒नो अ॒स्य ब॒र्हिषो॒ वि रा॑जसि

yena jyotīṃṣyāyave manave ca viveditha | mandāno asya barhiṣo vi rājasi

हिन्दी अर्थ

का ्रारोहण कर मन्त्र ३१३ से, (उरखुवाचः) जंसे कि उच्चस्वरो मे सामगानों के गानेवाले सामगानों कं स्वरों का आरोहण करते है! भौर प्रधुष्णुहि = भराधुष्णुहि ) अपने पापो का पूर्णेतया . पराभव कर । तथां (मंहिष्ठः) परमेदवर के प्रति भक्तिरस प्रदान करता हृषरा तू (दिवि) परमे- दवरीय प्रकाश मे (भरामदः) मस्तहोजा+ वाणियों का भारोहंण किया कर, गौर (अधृष्णुहि = आधुृष्णुहि) भ्रपने पापों का पूरणंतया पराभव कर । (धामधर्मन् ) तेरे ज्योतिमंय हृदय-वाम मे, हृदय-

English

His bright rays bear him up aloft, the God who knoweth all that= is, 284

अध्याय २०

श्लोक 61.3

तद॒द्या चि॑त्त उ॒क्थिनोऽनु॑ ष्टुवन्ति पू॒र्वथा॑ ।वृष॑पत्नीर॒पो ज॑या दि॒वेदि॑वे

tadadyā citta ukthino'nu ṣṭuvanti pūrvathā | vṛṣapatnīrapo jayā divedive

हिन्दी अर्थ

गृहे मे, (विराजति) परमेदवर विराजमान है । ( मदन् ) परमेदवर तुक ्रानन्दित करता हृ्रा (बहि) तेरे हृदयासन की भोर (वि भ्रासरन् ) विदेष- - रूप मेँ सरक रहा टै, दनैः-शनैः प्रकट हो रहा है 1 मगन हो जाता है, तो. उसे हृदय मे विविव प्रकार की ज्योतियां दृष्टि- . एेसी भवस्था उपस्थित हो जने पर योगी परमेदवर के . दर्न का लाभ

English

Sūrya, that every one may see. The constellations pass away, like thieves, together with their- beams,

अध्याय २०

श्लोक 61.4

तम्व॒भि प्र गा॑यत पुरुहू॒तं पु॑रुष्टु॒तम् ।इन्द्रं॑ गी॒र्भिस्त॑वि॒षमा वि॑वासत

tamvabhi pra gāyata puruhūtaṃ puruṣṭutam | indraṃ gīrbhistaviṣamā vivāsata

हिन्दी अर्थ

उपासको ! (वः) तुम्हारे (दस्मंम्) दुःखो -को क्षय करनेवाने ५ (ऋतीषहम् ) भाति भर्थात् पीड़ाभों गौर क्तेो का पराभवं कृरनेवाते; का० २०1 सु° ४९ प्रथवेवेद-माष्य . १३१

English

Before the all-beholding Sun. His herald rays are seen afar refulgent o’er the world of men,

अध्याय २०

श्लोक 61.5

यस्य॑ द्वि॒बर्ह॑सो बृ॒हत् सहो॑ दा॒धार॒ रोद॑सी ।गि॒रींरज्राँ॑ अ॒पः स्वर्वृषत्व॒ना

yasya dvibarhaso bṛhat saho dādhāra rodasī | girīṃrajrā~ apaḥ svarvṛṣatvanā

हिन्दी अर्थ

की स्तुतियां करते है, (न) जसे किं (वत्सम् भरमि) अपने भरपने बड के का 8 प्रतिदिन, (धेनवः) दूष भरी गौएं प्रीतिपूर्वकं हम्भारव (य॒क्षम्) चयुलोक में मी निवास करनेवाले, (सुदानुम्) . उत्तमदानी से सम्पन्न, (गिरि न) पवत के सदु अचल, (पुरुभोजसम्). सब के पालक,

English

Like fiery flames that burn and blaze. Swift and all-beautiful art thou, O Sūrya, maker of the light.

अध्याय २०

श्लोक 61.6

स रा॑जसि पुरुष्टुतँ एको॑ वृ॒त्राणि॑ जिघ्नसे ।इन्द्र॒ जैत्रा॑ श्रव॒स्यैऽ च॒ यन्त॑वे

sa rājasi puruṣṭuta~ eko vṛtrāṇi jighnase | indra jaitrā śravasyai' ca yantave

हिन्दी अर्थ

होते है, ओर इस निमित्त उसते प्रा्थनाएं करते हैँ । ईमहे ईं गतौ । तथा ईमहे याञ्चाकर्मां (निष० ३।१६ । गिरि न= . भ्रंथवा मेच के सदुश पालक तथा भमोजनदाता । मेच वर्षा हारा पालन करता तथा मोजन-सामग्री देता है । गिरि=मेघ (निघ० १।१०)। (पूवेचित्तये) घटना के . पुरवंज्ञान के लिये, है परमेरवर ! ओ.

English

Illuming all the radiant realm. Thou guest to the troops of Gods, thou comest hither to man- kind,

अध्याय २०

श्लोक 62.1

व॒यमु॒ त्वाम॑पूर्व्य स्थू॒रं न कच्चि॒द् भर॑न्तोऽव॒स्यवः॑ ।वाजे॑ चि॒त्रं ह॑वामहे

vayamu tvāmapūrvya sthūraṃ na kaccid bharanto'vasyavaḥ | vāje citraṃ havāmahe

हिन्दी अर्थ

ग्रौर कष्टो.के होते भी उपात्त योगमागे पर सुदृढ रहना, भौर (तत्) की (त्वा यामि) मै आपसे याचना करता हूं, (येन). जिस घर्मवीरता' को दग किये व्यक्ति के लिये, उनके (हिते धने). हितकर धन भर्थात्

English

Hither, all light for us to see. Thou with that eye of thine wherewith thou seest, brilliant.

अध्याय २०

श्लोक 62.2

उप॑ त्वा॒ कर्म॑न्नू॒तये॑ स नो॒ युवो॒ग्रश्च॑क्राम॒ यो धृ॒षत्।त्वामिद्ध्य॑वि॒तारं॑ ववृ॒महे॒ सखा॑य इन्द्र सान॒सिम्

upa tvā karmannūtaye sa no yuvograścakrāma yo dhṛṣat| tvāmiddhyavitāraṃ vavṛmahe sakhāya indra sānasim

हिन्दी अर्थ

चाहता है, ताकि बह इष्ट भ्रौर भ्रनिष्ट काः उपादान. तथा परिहार पहिले उसकी (महीः भपः) महाजलराशि का (भसूजः) सर्जन किया है, (इन्द्र) का ही है। तथा. (यम् ) जिसे क्षोणी ) धुलोक' गौर पृथिवीलोकमानो

English

Pervadest heaven and wide mid-air, melting the days out with. thy beams, Sun, seeing all things that have birth.

अध्याय २०

श्लोक 62.3

यो न॑ इ॒दमि॑दं पु॒रा प्र वस्य॑ आनि॒नाय॒ तमु॑ व स्तुषे ।सखा॑य॒ इन्द्र॑मू॒तये॑

yo na idamidaṃ purā pra vasya ānināya tamu va stuṣe | sakhāya indramūtaye

हिन्दी अर्थ

की (सः महिमा ) बह महिमा (सद्यः ) भ्राजतकं किसी ने (न संन). व पी मे इन्हे “खिल” नहीं माना । कारण .यह है कि हन सूक्त. मँ ही (गृणीत) परमेश्वर कै गुणगान करने लगता है । (गृणन्तः) परमेश्वर के गुणगान करते हये भी, (नू) निरुचयं से, (भस्य) हसं -परमेदवर की

English

Seven bay steeds, harnessed to thy car, bear thee, O.thou far- seeing One, God, Sūrya, thee with radiant hair.

अध्याय २०

श्लोक 62.4

हर्य॑श्वं॒ सत्प॑तिं चर्षणी॒सहं॒ स हि ष्मा॒ यो अम॑न्दत ।आ तु नः॒ स व॑यति॒ गव्य॒मश्व्यं॑ स्तो॒तृभ्यो॑ म॒घवा॑ श॒तम्

haryaśvaṃ satpatiṃ carṣaṇīsahaṃ sa hi ṣmā yo amandata | ā tu naḥ sa vayati gavyamaśvyaṃ stotṛbhyo maghavā śatam

हिन्दी अर्थ

का २० । सु० ५१ भ्रथवेवेद-माष्य १३३ ३२१. कुं स्तुवन्तं ऋतयन्त देवत षिः फो निप ओहते । , चाहनेवाले, गौर भरापकी (स्तुवन्तः) स्तुतियां करनेवाले (कत् उ) कितने

English

Sūrya hath yoked the seven bright mares, the daughters of the car: With these, His own dear team, he travelleth.

अध्याय २०

श्लोक 62.5

इन्द्रा॑य॒ साम॑ गायत॒ विप्रा॑य बृह॒ते बृ॒हत्।ध॒र्म॒कृते॑ विप॒श्चिते॑ पन॒स्यवे॑

indrāya sāma gāyata viprāya bṛhate bṛhat| dharmakṛte vipaścite panasyave

हिन्दी अर्थ

ही है, परन्तु (कः) -कोर्द (विप्रः) मेधावी (ऋषिः) ऋषि ही, अपने जीवन परमेदवर ! (कदां) कब (सुन्वतः) भक्तिरसवाले उपासक की (हवम्) स्तोता की (हवम्) पुकार की गोर (भरागमः) भ्रापभ्राते है. इसे कोई

English

The swiftly-moving songs of praise pour on thee streams of vital strength As mother cows refresh the calf.

अध्याय २०

श्लोक 62.6

त्वमि॑न्द्राभि॒भूर॑सि॒ त्वं सूर्य॑मरोचयः ।वि॒श्वक॑र्मा वि॒श्वदे॑वो म॒हाँ अ॑सि

tvamindrābhibhūrasi tvaṃ sūryamarocayaḥ | viśvakarmā viśvadevo mahā~ asi

हिन्दी अर्थ

यो जरित्म्यों मघवां पुरूवसुः सदेव शिक्त ॥१॥ . है उपासक ! (यथा विदे) परमेश्वर कीः यथाथ प्राप्ति के लिये, कर, जों परमेश्वर कि (वः) तुम सब उपासकों की साघनाभो. को (सुराधसम्) उत्तम प्रकार से सिद्ध करता है, सफल करता है) तथा

English

Swift move the bright ones while they blend the Milk with vital vigour, as A dame her infant with her heart.

अध्याय २०

श्लोक 62.7

वि॒भ्राजं॒ ज्योति॑षा॒ स्व॑१रग॑च्छो रोच॒नं दि॒वः ।दे॒वास्त॑ इन्द्र स॒ख्याय॑ येमिरे

vibhrājaṃ jyotiṣā sva1ragaccho rocanaṃ divaḥ | devāsta indra sakhyāya yemire

हिन्दी अर्थ

परमेश्वर, (जरितृभ्यः) -स्तोतागों के लिये, (इवः) मानो (सहस्रेण). हजारों रकार से (चिक्षति) दिक्षाएंदेरहाहै।ःः ..- . सब भोर से तथा सवं घटनां द्वारा उपदेश दे रहा.है, शिक्षां दे -रहा है “मुख ' शब्द दारा उपदेश देने की भावना को सूचित्र क्रिया है । १३४ प्रथवेवेद-माष्यः का० २०।सु० ५ ३२३. शतानीकेव प्र जिगाति पष्ण॒या इन्ति वृत्राणि दायै!

English

Fair hymns bring glory to the Strong, and Indra-vigour; unto, me Fatness and milk and length of days.

अध्याय २०

श्लोक 62.8

तम्व॒भि प्र गा॑यत पुरुहू॒तं पु॑रुष्टु॒तम्।इन्द्रं॑ गी॒र्भिस्त॑वि॒षमा वि॑वासत

tamvabhi pra gāyata puruhūtaṃ puruṣṭutam| indraṃ gīrbhistaviṣamā vivāsata

हिन्दी अर्थ

. (शतानीका इव) सेको सेनाभों के सदृश परमेदवर (धृष्णुया) भ्रपनीःपराभवकारिणी शक्ति दवारा (प्र जिगाति) . सब पर विजय पाये हये है 1 (दाशुषे) आत्मसमपंक के लिये परमेश्वर उसके (वृत्राणि) अविद्या

English

This brindled Bull hath come and sat before the Mother in the east, Advancing to the Father Heaven.

अध्याय २०

श्लोक 62.9

यस्य॑ द्वि॒बर्ह॑सो बृ॒हत् सहो॑ दा॒धार॒ रोद॑सी ।गि॒रींरज्रां॑ अ॒पः स्वऽर्वृषत्व॒ना

yasya dvibarhaso bṛhat saho dādhāra rodasī | girīṃrajrāṃ apaḥ sva'rvṛṣatvanā

हिन्दी अर्थ

तथा तज्जन्य ्रावरणों को (हन्ति) दुर कर देता है 1. (गिरेः पृर्मोनसः) श्रभूतं मोगसामग्री देनेवाजे मेघ के (इव ) सदु (भ्रस्य). इस परमेदधर के (रसाः) जनन्दरस (पिन्विरे) उपासको को. सीते है,भौर इसके (दत्राणि) भ॑न्य दान (पिन्विरे) संब की सेवाएं कर रहे है । क : . पिन्विरे पवि सेचने; सेव॑ने । .

English

As expiration from breath she moves along the lucid spheres: The Bull shines forth through all the sky.

अध्याय २०

श्लोक 62.10

स रा॑जसि पुरुष्टुतं॒ एको॑ वृ॒त्राणि॑ जिघ्नसे ।इन्द्र॒ जैत्रा॑ श्रव॒स्याऽ च॒ यन्त॑वे

sa rājasi puruṣṭutaṃ eko vṛtrāṇi jighnase | indra jaitrā śravasyā' ca yantave

हिन्दी अर्थ

मोक्ष.की भाप्ति के निभित्त,. उनकी (भ्राविथ) भोपने रका कींहै, तथा , १३२ भरथववेद-भाष्य - का० २०। सु० ५० वान् की (आविथ) रक्षा की है। कष्वः-मेधावी (निघ ३।१५) ।

English

Varuna, The active one throughout mankind.

स्रोत: bhavykhatri/DharmicData · प्राप्त 3/6/2026

शास्त्रीय प्रामाणिकता एवं पारदर्शकताSources & Interpretation

स्रोत, संस्करण एवं व्याख्या वर्गीकरण

धर्म ग्रंथ पर मूल शास्त्र, पारंपरिक भाष्य और आधुनिक व्याख्या को पूर्णतः पृथक रखा जाता है ताकि पाठक को किसी भी व्याख्या के शास्त्र होने का भ्रम न हो।

सामग्री वर्गीकरण संकेत (Epistemic Content Labels)

६ स्तरिय प्रमाण व्यवस्था
मूल पाठOriginal text

अपौरुषेय / प्रामाणिक शास्त्र (Primary Canonical Scripture)

मूल संस्कृत, प्राकृत अथवा अवधी श्लोक/मंत्र। यह सर्वोच्च प्रमाण (प्रस्थान) है। इस पाठ में किसी भी आधुनिक व्याख्याकार का हस्तक्षेप नहीं है।

शाब्दिक अनुवादLiteral translation

पदार्थ व अन्वय (Direct Grammatical & Word-for-Word Meaning)

व्याकरणसम्मत प्रत्यक्ष शब्दार्थ (अन्वय)। बिना किसी दार्शनिक संप्रदाय के पूर्वाग्रह के, संस्कृत शब्दों का सटीक भाषांतर।

पारंपरिक भाष्यTraditional commentary

आचार्य परंपरा व टीका (Classical Lineage Commentary)

प्राचीन आचार्य परंपरा (यथा शंकराचार्य, रामानुजाचार्य, मध्वाचार्य, श्रीधर स्वामी) द्वारा विरचित शास्त्रीय भाष्य व टीकाएं।

सरल व्याख्याSimple explanation

भावार्थ व सुबोध प्रबोधन (Accessible Pedagogical Exposition)

आधुनिक जिज्ञासुओं के लिए सरल भाषा में भावार्थ। यह मूल मंत्र नहीं, बल्कि पाठ को सुगम बनाने हेतु संपादकीय व्याख्या है।

आधुनिक चिंतनModern reflection

समसामयिक विमर्श व अनुप्रयोग (Contemporary Application & Analysis)

दार्शनिक, मनोवैज्ञानिक व वैज्ञानिक समरूपताओं पर आधुनिक चिंतन। यह मूल शास्त्र का अंग नहीं है और इसे शास्त्रोक्त सिद्धांत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

शोध टिप्पणीResearch note

पांडुलिपि एवं ऐतिहासिक शोध (Critical Apparatus & Manuscript Research)

पांडुलिपि विविधताएं, पाठ-भेद (variant readings), छंद रचना, और ऐतिहासिक व तुलनात्मक भाषावैज्ञानिक शोध। यह शास्त्र का मूल संदेश बदलने हेतु नहीं, बल्कि पाठ की प्रामाणिकता परखने के लिए है।

पहचानकर्ता:Atharva Veda — Chapter 20
संस्कृत संस्करण:Imported text; printed edition not recorded

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पुरालेखागार / स्रोत:Open Sanskrit text archives (see the source link)
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