श्लोक 1.7
स्थिति
सोशल मीडिया पर कोई अपनी हर पोस्ट के बाद सोचता है कि लोग क्या सोचेंगे। जब वह दूसरों की नज़र को ही अपना न्यायाधीश मान लेता है, तो भीतर की सहज समझ दब जाती है।
श्लोक की दृष्टि
देखने वाला एक ही है, और उसे किसी और में ढूँढना ही बंधन है।
जिम्मेदार व्यवहार
आज कुछ करने से पहले एक बार पूछिए: ‘मैं यह किसकी नज़र के लिए कर रहा हूँ?’ फिर निर्णय लीजिए। (1–2 मिनट)
आत्मचिंतन प्रश्न
मैं अपने बारे में अंतिम निर्णय किसे सौंप देता हूँ?